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थियोसोफिकल कॉलेज में आग से अफरातफरी!
ब्यूरो अमर उजाला, इटावा
Updated Fri, 22 Jan 2016 12:26 AM IST
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शहर के एसडी फील्ड स्थित थियोसोफिकल इंटर कॉलेज में गुरुवार को अचानक आग लगने की सूचना पर कक्षाआें में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं में अफरातफरी मच गई। अगिभनशमन गाड़ी के साथ मौके पर पहुंचे फायर बिग्रेड कर्मियों ने आनन-फानन में छात्र-छात्राओं को कक्षाआें से बाहर निकालकर मैदान में पहुंचाया।
वहीं एक छात्र के बालकनी में रह जाने पर उसे सीढ़ी लगाकर नीचे उतारा। बाद में पता चला कि कॉलेज में आग लगी नहीं फायर बिग्रेड ने मॉक ड्रिल के लिए आग लगाई थी।
मॉक ड्रिल में फायर बिग्रेड टीम के कार्य कौशल को देखने के लिए एसएसपी भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बच्चों को आग की घटनाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया।
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थियोसोफिकल इंटर कॉलेज में हर दिन की तरह गुरुवार को कक्षाओं में पढ़ाई चल रही थी। तभी अचानक ही कॉलेज मे टन टन करती फायर बिग्रेड की गाड़ी आ पहुंची और माइक से जिला अगिभनशमन अधिकारी शिवदयाल शर्मा ने माइक से एनाउंस किया कि कॉलेज कैंपस में आग लग गई है।
ऊपरी मंजिल की कक्षाओं के सभी बच्चे फायर कर्मियों के साथ तुरंत कॉलेज के मैदान में आ जाएं। इस सूचना से बच्चों में अफरातफरी मच गई। फायर ब्रिगेडकर्मियों की मदद से बच्चों को सीढ़ियों से मैदान में लाया गया।
इस बीच कॉलेज की बालकनी में खड़े एक छात्र को अगिभनशमन टीम ने सीढ़ी लगाकर नीचे उतारा। इसके बाद छात्रों को साथ लेकर कॉलेज परिसर में लगी आग को फायर कर्मियों ने बुझाया। इसी बीच एसएसपी मंजिल सैनी भी पहुंचीं और उन्होंने मॉक ड्रिल को देखा। मैदान में पहुंचे बच्चों को अगिभनशमन अधिकारी ने बताया कि कॉलेज में अगिभनशमन विभाग ने आग की घटना का रिहर्सल किया है जिसे मॉक ड्रिल कहते हैं।
इस मौके पर उन्होंने छात्र छात्राओं को बताया कि आग कितने प्रकार की होती है और उससे निपटने के क्या क्या तरीके हैं। एसएसपी मंजिल सैनी ने भी छात्र-छात्राओं आग से निपटने के समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया। छात्र छात्राओं ने उनके सवालों का खुलकर जवाब दिया।
इस मौके पर कॉलेज प्रबंध समिति के वरिष्ठ सदस्य अवधेश नारायण तिवारी, प्रधानार्चाय सुनील पाण्डेय, राकेश पालीवाल, सुशील पाण्डेय, नीरज त्रिपाठी, राघवेंद्र शर्मा, अनिल मिश्रा, अनिल दुबे, रेनू त्रिवेदी, प्रभा तिवारी, कल्पना, मीना सक्सेना, ममता झा आदि मौजूद थे।
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वहीं एक छात्र के बालकनी में रह जाने पर उसे सीढ़ी लगाकर नीचे उतारा। बाद में पता चला कि कॉलेज में आग लगी नहीं फायर बिग्रेड ने मॉक ड्रिल के लिए आग लगाई थी।
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मॉक ड्रिल में फायर बिग्रेड टीम के कार्य कौशल को देखने के लिए एसएसपी भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बच्चों को आग की घटनाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया।
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थियोसोफिकल इंटर कॉलेज में हर दिन की तरह गुरुवार को कक्षाओं में पढ़ाई चल रही थी। तभी अचानक ही कॉलेज मे टन टन करती फायर बिग्रेड की गाड़ी आ पहुंची और माइक से जिला अगिभनशमन अधिकारी शिवदयाल शर्मा ने माइक से एनाउंस किया कि कॉलेज कैंपस में आग लग गई है।
ऊपरी मंजिल की कक्षाओं के सभी बच्चे फायर कर्मियों के साथ तुरंत कॉलेज के मैदान में आ जाएं। इस सूचना से बच्चों में अफरातफरी मच गई। फायर ब्रिगेडकर्मियों की मदद से बच्चों को सीढ़ियों से मैदान में लाया गया।
इस बीच कॉलेज की बालकनी में खड़े एक छात्र को अगिभनशमन टीम ने सीढ़ी लगाकर नीचे उतारा। इसके बाद छात्रों को साथ लेकर कॉलेज परिसर में लगी आग को फायर कर्मियों ने बुझाया। इसी बीच एसएसपी मंजिल सैनी भी पहुंचीं और उन्होंने मॉक ड्रिल को देखा। मैदान में पहुंचे बच्चों को अगिभनशमन अधिकारी ने बताया कि कॉलेज में अगिभनशमन विभाग ने आग की घटना का रिहर्सल किया है जिसे मॉक ड्रिल कहते हैं।
इस मौके पर उन्होंने छात्र छात्राओं को बताया कि आग कितने प्रकार की होती है और उससे निपटने के क्या क्या तरीके हैं। एसएसपी मंजिल सैनी ने भी छात्र-छात्राओं आग से निपटने के समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया। छात्र छात्राओं ने उनके सवालों का खुलकर जवाब दिया।
इस मौके पर कॉलेज प्रबंध समिति के वरिष्ठ सदस्य अवधेश नारायण तिवारी, प्रधानार्चाय सुनील पाण्डेय, राकेश पालीवाल, सुशील पाण्डेय, नीरज त्रिपाठी, राघवेंद्र शर्मा, अनिल मिश्रा, अनिल दुबे, रेनू त्रिवेदी, प्रभा तिवारी, कल्पना, मीना सक्सेना, ममता झा आदि मौजूद थे।