{"_id":"b84092638056fadf6df346550b852f71","slug":"the-young-man-jumped-in-front-of-the-train-and-broke-the-pot-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रेन के सामने कूदे युवक ने भी तोड़ा दम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रेन के सामने कूदे युवक ने भी तोड़ा दम
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Sun, 21 Jun 2015 11:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीआरपी थाना क्षेत्र के अंतर्गत शनिवार की शाम को तेज रफ्तार ट्रेन के सामने युवती के साथ छलांग लगाने वाले युवक की भी जिला अस्पताल में मौत हो गई। रविवार की सुबह दोनों के शवों की परिवारीजनों ने शिनाख्त की।
विज्ञापन
दोनों बसरेहर थाना के रमपुरा के रहने वाले थे। गांवों वालों के मुताबिक दोनों एक-दूसरे से प्रेम करते थे और शादी करना चाहते थे लेकिन परिजनों के इनकार पर दोनों ने जान दे दी। जीआरपी ने पोस्टमार्टम के बाद दोनों शवों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
विज्ञापन
इटावा शहर के गांधीनगर मोहल्ला के सामने आउटर सिग्नल के पास शनिवार की शाम को युवक-युवती तेज रफ्तार ट्रेन के सामने कूद गए थे। घटना करीब शाम साढ़े पांच बजे की है। हादसे में युवती की तो मौके पर ही मौत हो गई जबकि युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेजा गया था।
विज्ञापन
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि दोनों रेलवे लाइन किनारे काफी देर से बैठे बातचीत कर रहे थे। इसी बीच लप लाइन पर जैसे ही ट्रेन आई तो दोनों एक दूसरे का हाथ पकड़कर ट्रेन के सामने कूद पड़े। युवती की मौत मौके पर ही हो गई थी जबकि युवक गंभीर रूप से घायल था। देर रात उसने भी जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया।
रविवार को इस संबंध में समाचार पत्रों से जानकारी मिलने के बाद दोनों के परिजन जीआरपी थाने पहुंचे और शवों की शिनाख्त की। युवक की शिनाख्त रजनेश प्रजापति (19) पुत्र छोटेलाल और युवती की शिनाख्त प्रियंका उर्फ रोशनी (18) पुत्री प्रमोद कुमार निवासी गांव रमपुरा थाना बसरेहर इटावा के रूप में हुई।
दोनों की मौत के बाद उनके परिजन मामले में पूरी तरह से चुप्पी साधे रहे। वहीं साथ आए ग्रामीणों ने दबी जुबान में जीआरपी पुलिस को बताया कि दोनों एक-दूसरे से प्रेम करते थे और शादी करना चाहते थे। एक ही गांव और जाति अलग-अलग होने के कारण परिजन इसके लिए तैयार नहीं हुए।
इसी बात से क्षुब्ध होकर दोनों ने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। पता चला है कि रजनेश पिछले कुछ समय से जयपुर में सिलाई का काम करता था। मां की तबियत खराब होने की सूचना पर वह 15 जून को ही गांव आया था। तलाशी में उसके पास से बस का टिकट बरामद हुआ था।