{"_id":"6251d45af4dc1e2f7f5c8bce","slug":"the-rise-in-temperature-is-helping-to-increase-the-family-of-alligators-etawah-news-knp690324238","type":"story","status":"publish","title_hn":"तापमान में वृद्घि घड़ियालों का कुनबा बढ़ाने में हो रहा मुफीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तापमान में वृद्घि घड़ियालों का कुनबा बढ़ाने में हो रहा मुफीद
विज्ञापन
चकरनगर (इटावा)। बढ़ता तापमान मानव और अन्य जीवों केे लिए भले ही मुसीबत बना है लेकिन घड़ियाल-मगरमच्छ इस तपती धूप में अपना कुनबा बढ़ा रहे हैं। खेड़ा अजब सिंह के पास शुक्रवार को सेंक्यूअरी के कर्मियों ने नदी की रेती में घड़ियालों के 10 घोसले देखे गए हैं।
सेंक्यूअरी के रेंजर हरि किशोर ने बताया कि घोंसलों में घड़ियाल और मगरमच्छ के अंडे स्वस्थ रूप से विकसित हो रहे हैं। अधिक तापमान में जलीय जीवों के अंडों में शत प्रतिशत बच्चे निकलने की उम्मीद होती है। अप्रैल में नेस्टिंग प्रारंभ होने समय से अंडे से चूजे बाहर निकल आएंगे। लेट नेस्टिंग होने पर बरसात के कारण अंडे व चूजे को खतरा बढ़ जाता है।
सेंक्यूअरी ने बताया कि नदी में सर्चिंग बढ़ा दी गई है। अधिक तापमान होने के कारण घड़ियाल मगरमच्छ ने नेस्टिंग शुरू कर दी। नदी में जाना इन दिनों बेहद खतरनाक है। घोसलों के आसपास किसी को देखकर घड़ियाल, मगरमच्छ हमला कर सकते हैं। सेंक्यूअरी के डीएफओ दिवाकर श्रीवास्तव बताया कि 40 से 42 डिग्री तक तापमान घडियाल-मगरमच्छों के लिए अनुकूल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सेंक्यूअरी के रेंजर हरि किशोर ने बताया कि घोंसलों में घड़ियाल और मगरमच्छ के अंडे स्वस्थ रूप से विकसित हो रहे हैं। अधिक तापमान में जलीय जीवों के अंडों में शत प्रतिशत बच्चे निकलने की उम्मीद होती है। अप्रैल में नेस्टिंग प्रारंभ होने समय से अंडे से चूजे बाहर निकल आएंगे। लेट नेस्टिंग होने पर बरसात के कारण अंडे व चूजे को खतरा बढ़ जाता है।
विज्ञापन
सेंक्यूअरी ने बताया कि नदी में सर्चिंग बढ़ा दी गई है। अधिक तापमान होने के कारण घड़ियाल मगरमच्छ ने नेस्टिंग शुरू कर दी। नदी में जाना इन दिनों बेहद खतरनाक है। घोसलों के आसपास किसी को देखकर घड़ियाल, मगरमच्छ हमला कर सकते हैं। सेंक्यूअरी के डीएफओ दिवाकर श्रीवास्तव बताया कि 40 से 42 डिग्री तक तापमान घडियाल-मगरमच्छों के लिए अनुकूल है।
विज्ञापन