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‘व्यक्ति की कीमत योग्यता से है’
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Fri, 12 Jun 2015 11:23 PM IST
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व्यक्ति की कीमत योग्यता से है। पाने की ललक से कोई पा नहीं लेता, गंवाने की ललक किसी में नहीं होती है। गैरों की चीज गैरों को देकर जो खुद में खोना जानते हैं वह सब कुछ पाने का हक रखते हैं।
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लेकिन जो खुद में खोना नहीं जानते वो कुछ तो पा सकते हैं पर सब कुछ नहीं। ये बातें आचार्य विनम्र सागर जी महाराज ने शहर के जैन मंदिर में चल रही धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहीं।
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आचार्य श्री ने कहा कि जिदंगी सब कुछ पाने की क्षमता तो रखती है पर योग्यता हमें पुरुषार्थ के बल पर बनानी पड़ती है। ऋषि मुनि योग्यता बनाने में तत्पर हैं और महापुरुषों जैसे भगवान महावीर, राम, हनुमान ने ये योग्यता पाकर योग्य व्यक्तियों को पुरुषार्थ का संकेत दिया हैं।
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व्यक्ति की कीमत सुंदर रूप, धनादि से नहीं बल्कि योग्यता से ही है। योग्य इंसान दुनिया के हर कोने में जाकर पा सकता है अयोग्य अपने घर में ही गवां सकता है। जो जितना खुद में खोना जानते हैं वह उतना ही पाने का अधिकार रखते हैं। उन्होंने कहा कि पाने की ललक तब तक जीवित रहती है जब तक हम संपूर्णता को प्राप्त नहीं हो जाते।
संत पाना भी जानते हैं और खोना भी, जो खोना नहीं जानते वह संसार में खो जाते हैं और जो पाना नहीं चाहते वह अपने आपमें खो जाते हैं। इस बीच सदर विधायक रघुराज सिंह शाक्य ने आचार्य श्री के समक्ष नारियल चढ़ाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में चल रहे निर्माण कार्यों को देखा।
इस मौके पर अध्यक्ष संजू जैन, महेश जैन रपरिया, चंद्रप्रकाश जैन, राकेश जैन ने उनका पगड़ी एवं अंहिसामयी दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया।