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कप्तान आफिस पर फूट-फूट कर रोया जवान

Wed, 05 Jan 2022 12:03 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jan 2022 12:03 AM IST
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The jawan wept bitterly at the captain's office
इटावा। ऐसे कुत्ते की तरह भगा रहे हैं, इधर जाओ... उधर जाओ, मैं एक जवान हूं। आप लोग यहां घर पर बैठे रहते हैं, मैं वहां बार्डर पर खड़ा रहता हूं सीना ताने, बिना गोली की परवाह किए।
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आप लोग मेरी आज कोई वैल्यू नहीं समझ रहे हो, क्या है प्रशासन, क्या कर रहा है प्रशासन, ये क्यों नहीं देख रही सरकार। विपक्षी, अपराधी मुझे धमका रहे हैं, कह रहे हैं, सबके ऊपर कफन डाल देंगे, सबको मौत के घाट उतार देंगे सबको मार देंगे।
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यह कहकर घायल बीएसएफ जवान देवीचरन फूट-फूटकर रोने लगा। घायल पिता महेश चंद्र को लेकर कलक्ट्रेट के बाद एसएसपी आफिस पहुंचे जवान ने कहा कि मेरी कोई सुनवाई नहीं हो रही है... कहां जाएं, किसके पास जाएं।
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आप कहो तो सबको लेकर रेलवे लाइन पर लेट जाऊं? त्रिपुरा में तैनात घायल बीएसएफ जवान अपने घायल पिता और परिजनों को लेकर न्याय मांगने कलक्ट्रेट पहुंचा था, लेकिन यहां भी सुनवाई नहीं हुई तो उसका गुबार फूट पड़ा।
इकदिल थाना क्षेत्र के गांव रामनगर नावली निवासी जवान फिलहाल भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात है। वह 28 दिन की छुट्टी लेकर घर आया हुआ था। बताया कि 31 दिसंबर को रात में गांव के ही दबंगों ने रात में घर पर हमला बोल दिया।
बताया कि दबंग मुझे, मेरे पिता महेशचंद्र, मां-बहन, पत्नी और बेटी के साथ मारपीट की। आरोप लगाया कि पत्नी के कपड़े फाड़ दिए और चेन लूट ले गए। जवान के सिर पर चोट और पिता के पैर में फ्रैक्चर है।
बताया कि 31 दिसंबर को रात में हमले से पहले इकदिल पुलिस को सूचना दी थी, लेकिन पुलिस वारदात के एक घंटे बाद तक नहीं पहुंची। बीएसएफ जवान ने बताया कि हमला करने वालों ने मेरे खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई तो थाना पुलिस ने तुरंत दर्ज कर ली, जब हमला मेरे घर पर हुआ, मारा-पीटा गया, तो दो दिन तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
दो दिन बाद जब पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की तो तहरीर पुलिस ने खुद लिखी और जबरन हस्ताक्षर करवाए। आरोप लगाया कि हल्का इंचार्ज विपक्षियों से मिला हुआ है और वह उल्टा मुझे ही धमका रहा है।
खेत की मेड़ को लेकर हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, 31 दिसंबर को दोनों पक्षों में खेत की मेड़ को लेकर विवाद हुआ था। दिन में भी दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ था। तब मामला शांत हो गया था, लेकिन फिर रात में घटना सामने आई।
उधर, बीएसएफ जवान ने आरोप लगाया कि उनके परिवार के ऊपर विपक्षियों ने 15 मई 2021 को भी हमला किया था। उस समय उसने अपने कमांडेंट से पत्र लिखवाकर एसएसपी को भिजवाया था।
बताया कि ये सभी लोग पंचायत चुनाव को लेकर मेरे परिवार से खुन्नस रखते हैं, मेड़ का तो सिर्फ बहाना है।
यहां से हटो, साहब की गाड़ी खड़ी होती
बीएसएफ जवान और पीड़ित परिवार पहले कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठा था। कुछ लोगों के कहने पर बीएसफ जवान घायल पिता को एसएसपी आफिस ले आया और पिता को उसने लिटा दिया और परिवार संग वहीं बैठ गया।
उसी दौरान एसएसपी के पेशकार आए और बोले कि इनको अस्पताल लेकर जाओ, यहां क्यों लाए हो। ऐसे क्या न्याय मिलता है, यहां से हटो, यहां साहब की गाड़ी खड़ी होती है।
इस बीच पेशकार की नजर इकदिल थाना प्रभारी पर पड़ी तो उनसे यहां से हटाने को कहा। बीएसएफ जवान ने कहा, कहीं नहीं जाएंगे, जाएंगे तो रेलवे लाइन पर। कुछ देर बाद थाना सिविल लाइन प्रभारी सुधीर कुमार सिंह पहुंचे और परिजनों ने बात कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

दोषी नहीं बचेंगे, गिरफ्तार होंगे
मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद एफआईआर में और धाराएं बढ़ाईं जाएंगी। यदि धाराएं गिरफ्तारी वाली होंगी तो गिरफ्तारी भी की जाएगी। मामले की जांच करा रहे हैं, निर्दोषों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। यदि हल्का इंचार्ज की भूमिका संदिग्ध होगी तो कार्रवाई की जाएगी।
- कपिलदेव सिंह, एएसपी
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