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कार्यकत्रियों ने डीपीओ दफ्तर घेरा
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Wed, 16 Nov 2016 10:32 PM IST
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डीपीओ कार्यालय का दरवाजा बंद करके बाहर खड़ी कार्यकत्रियां
- फोटो : अमर उजाला
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नौ महीने के मानदेय भुगतान की मांग कर रही ताखा क्षेत्र की कार्यकत्रियों ने बुधवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी को निशाना बनाया। डीएम व सीडीओ से गुहार लगाने के बाद भी समस्या का समाधान न होने पर कार्यकत्रियां विकास भवन स्थित जिला कार्यक्रम अधिकारी के दफ्तर पहुंची। यहां उन्होंने भुगतान न होने के विरोध में करीब दो घंटे तक दफ्तर का दरवाजा बंद कर अपने गुस्से का इजहार किया।
बाद में डीपीओ ने बातचीत के दौरान बताया बजट उपलब्ध नहीं है। डिमांड की जा चुकी है। दो-चार दिन और लग सकते हैं। इस बात से कार्यकत्रियां संतुष्ट तो नहीं हुई, लेकिन हंगामा करने के बाद वापस चली गई।
विकास भवन पर मौजूद कार्यकत्रियों ने बताया कि उन्हें मार्च से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। उनके परिवार के भरण पोषण की समस्या है। किस तरह गुजारा करें, अधिकारी समझ नहीं रहे। उन्होंने बताया 12 अगस्त, 30 सितंबर व 7, 24 अक्तूबर को प्रार्थना पत्र दिया था। डीएम व सीडीओ से गुहार लगाई थी। दिवाली से पहले कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन कर भुगतान मांगा था, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। बुधवार को कार्यकत्रियां विकास भवन पहुंची और जिला कार्यक्रम अधिकारी समर बहादुर सिंह को दफ्तर में बंद कर दिया।
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हंगामा करते हुए कार्यकत्रियों ने शाम पांच बजे गेट खोला, लेकिन डीपीओ ने इस दौरान कोई एतराज नहीं जताया। न ही किसी अधिकारी को सूचित किया। इस बारे में डीपीओ का कहना रहा कि कार्यकत्रियों में गुस्सा था, जो उन्होंने सांकेतिक रूप से व्यक्त किया। मगर उनके मानदेय भुगतान को लेकर उनके स्तर पर बैंक खाता संख्या रजिस्टर्ड कर दिया हैं।
अब शासन से बजट मिलने पर भुगतान हो जाएगा। उन्होंने कार्यकत्रियों के सामने ही वित्त से जुड़े एजी फाइनेंस से फोन पर बात भी की। इस दौरान मिथलेश कुमारी, करुणा गुप्ता, प्रेमलता, रश्मिपाल, जलीशा बानो, विजय लक्ष्मी, सोनी देवी, चंद्रमुखी, सुषमा कुमारी, ऊषा कुमारी, सुनीता देवी, कपूरी देवी, सरला देवी, उर्मिला शंखवार, सीमा आदि रहीं।
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बाद में डीपीओ ने बातचीत के दौरान बताया बजट उपलब्ध नहीं है। डिमांड की जा चुकी है। दो-चार दिन और लग सकते हैं। इस बात से कार्यकत्रियां संतुष्ट तो नहीं हुई, लेकिन हंगामा करने के बाद वापस चली गई।
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विकास भवन पर मौजूद कार्यकत्रियों ने बताया कि उन्हें मार्च से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। उनके परिवार के भरण पोषण की समस्या है। किस तरह गुजारा करें, अधिकारी समझ नहीं रहे। उन्होंने बताया 12 अगस्त, 30 सितंबर व 7, 24 अक्तूबर को प्रार्थना पत्र दिया था। डीएम व सीडीओ से गुहार लगाई थी। दिवाली से पहले कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन कर भुगतान मांगा था, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। बुधवार को कार्यकत्रियां विकास भवन पहुंची और जिला कार्यक्रम अधिकारी समर बहादुर सिंह को दफ्तर में बंद कर दिया।
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हंगामा करते हुए कार्यकत्रियों ने शाम पांच बजे गेट खोला, लेकिन डीपीओ ने इस दौरान कोई एतराज नहीं जताया। न ही किसी अधिकारी को सूचित किया। इस बारे में डीपीओ का कहना रहा कि कार्यकत्रियों में गुस्सा था, जो उन्होंने सांकेतिक रूप से व्यक्त किया। मगर उनके मानदेय भुगतान को लेकर उनके स्तर पर बैंक खाता संख्या रजिस्टर्ड कर दिया हैं।
अब शासन से बजट मिलने पर भुगतान हो जाएगा। उन्होंने कार्यकत्रियों के सामने ही वित्त से जुड़े एजी फाइनेंस से फोन पर बात भी की। इस दौरान मिथलेश कुमारी, करुणा गुप्ता, प्रेमलता, रश्मिपाल, जलीशा बानो, विजय लक्ष्मी, सोनी देवी, चंद्रमुखी, सुषमा कुमारी, ऊषा कुमारी, सुनीता देवी, कपूरी देवी, सरला देवी, उर्मिला शंखवार, सीमा आदि रहीं।