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चंबल नदी में बढ़ा घड़ियालों का कुनवा

Fri, 18 Jun 2021 11:43 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jun 2021 11:43 PM IST
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The clan of alligators increased in the Chambal river
चंबल नदी में अठखेलियां करते घड़ियालों के बच्चे - फोटो : ETAWAH
इटावा। मगरमच्छ और घड़ियालों के प्राकृतिक वास के लिए मशहूर चंबल नदी में इस बार फिर बड़ी संख्या में घड़ियालों के कुनबे में वृद्धि हुई है। शुक्रवार को घड़ियालों के ढाई हजार से ज्यादा बच्चे नदी में छोड़े गए। घड़ियालों के बच्चों की पानी के बीच अठखेलियां वन्य जीव प्रेमियों को खासा आकर्षित कर रहीं हैं।
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चंबल अभयारण्य के वन्य जीव अधिकारियों के अनुसार इस बार घड़ियालों के 55 घोंसलों में से जून माह में 2500 से ज्यादा बच्चे अंडों से निकले हैं। औसतन एक नेस्ट (घोंसला) से 40 से 50 के बीच बच्चे निकलते हैं। जिले में अभयारण्य इलाके में बड़ी संख्या में घड़ियालों के बच्चे निकलने से वाइल्ड लाइफ में रुचि रखने वाले लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है।
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तापमान से तय होता अंडों का लिंग निर्धारण
तापमान के आधार पर घड़ियाल के अंडों से नर मादा घड़ियालों की उत्पत्ति होती है। चंबल अभयारण्य के वन दरोगा हरि किशोर शुक्ला बताते हैं कि घड़ियाल के अंडों का लिंग निर्धारण तापमान पर आधारित रहता है। अंडे में लिंग बनते समय स्थलीय तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक है तो मादा घड़ियाल होती है। तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस तक जाता है तो नर घड़ियाल की उत्पत्ति होती है। 35 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान होने पर अंडे खराब हो जाते है।
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इस वर्ष महज पांच प्रतिशत अंडे ही खराब हुए
इस वर्ष तापमान सही होने से महज पांच प्रतिशत अंडे खराब हुए हैं। डीएफओ दिवाकर श्रीवास्तव ने बताया कि चंबल नदी में पिछले साल की गणना के अनुसार 1910 घड़ियाल और 598 मगरमच्छ हैं। मगरमच्छ दिसंबर के महीने में छोड़े जाते हैं। यह समय घड़ियालों की संपत्ति का होता है। वर्तमान में चंबल नदी में पर्याप्त संख्या में घड़ियाल और मगरमच्छ हैं। चंबल नदी घड़ियालों और मगरमच्छों का अभ्यारण्य बन रही है। यह वन्य जीव प्रेमियों के लिए प्रसन्नता की बात है।
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