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जानलेवा हमले के मामले में दोषी को दस साल कैद
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इटावा। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट कल्पना द्वितीय ने मंगलवार को जानलेवा हमले के एक मामले की सुनवाई करते हुए दोषी को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है।
इसके अलावा उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता दंड वीरेंद्र सिंह वर्मा ने बताया कि राजस्थान के अलवर जिले के गांव राजगढ़ निवासी गल्लाराम का बेटा बलबीर सिंह ट्रक का क्लीनर है।
वह चालक राधेश्याम के साथ ट्रक पर चलता था। 19 सितंबर 2017 को ट्रक में सामान लादकर कानपुर जा रहा था। उसके साथ दूसरा ट्रक भी था, जिस पर चालक गीला राम व क्लीनर राजस्थान के मूनपुर थाना क्षेत्र के राजगढ़ निवासी लालजी का बेटा बद्री प्रसाद मीणा था।
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जब दोनों ट्रक पानी लेने के लिए जसवंतनगर के पास शिवा पेट्रोल पंप पर रुके तो किसी बात को लेकर चालक राधेश्याम व दूसरे ट्रक के क्लीनर बद्री प्रसाद के बीच गालीगलौज हो गई।
इसी बात से उत्तेजित होकर बद्री प्रसाद मीणा ने जान से मारने की नीयत से राधेश्याम के ऊपर अवैध असलहे से फायर कर दिया। गोली राधेश्याम के बाएं कंधे के पास दिल में जा लगी, जिससे राधेश्याम लहूलुहान होकर गिर पड़ा।
घायल राधेश्याम को पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे आगरा भेजा गया। इस संबंध में बलबीर सिंह ने थाने में तहरीर दी। उसकी तहरीर पर बद्री प्रसाद के खिलाफ हत्या के प्रयास व गालीगलौज की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।
पुलिस ने बद्री प्रसाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल कर दिए। आरोपपत्र प्राप्त होने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पत्रावली विचारण के लिए सत्र न्यायालय के सुपुर्द कर दी।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट दो कल्पना द्वितीय ने की। अपर शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह वर्मा द्वारा साक्ष्यों व गवाहों को प्रस्तुत किया। बचाव पक्ष के वकील द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों का सही तरह से जवाब नहीं दे सके।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बद्रीप्रसाद मीणा को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा व 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड जमा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
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इसके अलावा उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता दंड वीरेंद्र सिंह वर्मा ने बताया कि राजस्थान के अलवर जिले के गांव राजगढ़ निवासी गल्लाराम का बेटा बलबीर सिंह ट्रक का क्लीनर है।
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वह चालक राधेश्याम के साथ ट्रक पर चलता था। 19 सितंबर 2017 को ट्रक में सामान लादकर कानपुर जा रहा था। उसके साथ दूसरा ट्रक भी था, जिस पर चालक गीला राम व क्लीनर राजस्थान के मूनपुर थाना क्षेत्र के राजगढ़ निवासी लालजी का बेटा बद्री प्रसाद मीणा था।
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जब दोनों ट्रक पानी लेने के लिए जसवंतनगर के पास शिवा पेट्रोल पंप पर रुके तो किसी बात को लेकर चालक राधेश्याम व दूसरे ट्रक के क्लीनर बद्री प्रसाद के बीच गालीगलौज हो गई।
इसी बात से उत्तेजित होकर बद्री प्रसाद मीणा ने जान से मारने की नीयत से राधेश्याम के ऊपर अवैध असलहे से फायर कर दिया। गोली राधेश्याम के बाएं कंधे के पास दिल में जा लगी, जिससे राधेश्याम लहूलुहान होकर गिर पड़ा।
घायल राधेश्याम को पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे आगरा भेजा गया। इस संबंध में बलबीर सिंह ने थाने में तहरीर दी। उसकी तहरीर पर बद्री प्रसाद के खिलाफ हत्या के प्रयास व गालीगलौज की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।
पुलिस ने बद्री प्रसाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल कर दिए। आरोपपत्र प्राप्त होने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पत्रावली विचारण के लिए सत्र न्यायालय के सुपुर्द कर दी।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट दो कल्पना द्वितीय ने की। अपर शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह वर्मा द्वारा साक्ष्यों व गवाहों को प्रस्तुत किया। बचाव पक्ष के वकील द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों का सही तरह से जवाब नहीं दे सके।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बद्रीप्रसाद मीणा को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा व 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड जमा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।