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Etawah News: छह दिन स्कूल न आने पर छात्र के घर पहुंचेंगे शिक्षक

Mon, 11 Dec 2023 12:49 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा Updated Mon, 11 Dec 2023 12:49 AM IST
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Teachers will reach the student's home if he does not come to school for six days
इटावा। बेसिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है। इसके लिए तमाम योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। अगर कोई छात्र लगातार छह दिनों तक स्कूल नहीं आया तो शिक्षक उसके घर जाकर अभिभावक से पूछताछ करेंगे। ऐसे बच्चों को स्कूल में लाने के लिए शिक्षक अपने स्तर से भी प्रयास करेंगे।
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विभाग ने प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में प्रतिदिन औसतन 60 प्रतिशत विद्यार्थियों के उपस्थित होने को लेकर चिंता जताई है। ऐसे में विभाग ने परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने पर अपना ध्यान दिया है। इस ओर कदम बढ़ाए जाने शुरू हो गए हैं। विभाग के अनुसार अब स्कूलों में उन छात्रों की लिस्ट तैयार की जाएगी जो अक्सर किसी न किसी कारण से स्कूल नहीं आते हैं। इसके बाद लगातार तीन दिन तक स्कूल नहीं आने पर शिक्षकों को छात्रों के अभिभावकों को फोन कर इसकी जानकारी देनी होगी। वहीं, अगर कोई छात्र लगातार छह दिनों तक स्कूल नहीं आया तो शिक्षक उस छात्र के घर जाकर अभिभावक से पूछताछ करेंगे। ऐसे बच्चों को स्कूल में लाने के लिए शिक्षक अपने स्तर से भी प्रयास करेंगे।
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छोटे भाई-बहनों को आंगनबाड़ी में दिलाया जाएगा प्रवेश
विभागीय लोगों के अनुसार अगर कोई छात्र अपने छोटे भाई-बहन की देखरेख के कारण स्कूल नहीं जा पा रहा है तो उनके भाई-बहनों को आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रवेश दिया जाएगा। अगर कोई छात्र खेती और घर के कामों के कारण स्कूल नहीं जा रहा तो इस स्थिति में शिक्षक उन छात्रों के अभिभावकों को शिक्षा का महत्व समझाएंगे।
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नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बढ़ाई जा रही जागरूकता

जिले में बच्चों और उनके अभिभावकों को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटकों का प्रदर्शन किया जा रहा है। ये कार्यक्रम दो माह तक सभी गांवों में करवाए जाऐंगे। इनके माध्यम से विभाग की तमाम योजनाओं की जानकारी अभिभावकों को दी जा रही है इससे वह अपने बच्चों को स्कूल भेंजे।

वर्जन
स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें जिले से अच्छे संकेत देखने को मिल रहे हैं। - डॉ. राजेश कुमार, बीएसए
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