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संघर्ष में कमी से अब उपलब्धियां गंवा रहे हैं शिक्षक
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माध्यमिक शिक्षक संघ के संघर्षों की थाती को कहीं न कहीं वर्तमान शिक्षक साथी संजोये रखने में असमर्थ रहे हैं। जिसके परिणामस्वरूप आज हम शिक्षकों को अपनी कई उपलब्धियों को गंवाना पड़ा है।
यह बात उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के 65 वें स्थापना दिवस पर प्रांतीय संयोजक संरक्षण समिति श्रीनारायण दुबे ने कही।
मोहल्ला चौगुर्जी में हुई बैठक में श्रीनारायण दुबे ने संगठन के गौरवशाली इतिहास से सदस्यों को अवगत कराया। बताया कि 1956 में स्थापना से लेकर आज तक शिक्षकों ने अपनी सेवा सुरक्षा एवं वेतन भत्ता संघर्ष के बलबूते पर ही हासिल किए हैं। इसका इतिहास, संघर्षों का इतिहास रहा है।
इसके बैनर तले स्व. हरिहर पांडेय, मांधाता सिंह, माहेश्वर पांडेय, आर एन ठकुरई और पंचानन राय जैसे पुरोधाओं ने सफल संघर्ष किया।
जिला मंत्री तरुण तिवारी ने कहा कि हमें संगठन में अपनी निष्ठा और एकजुटता हर हाल में बनाये रखनी होगी। जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह चौहान ने कहा कि आज हमारे कुछ शिक्षक साथी सुविधा भोगी हो गए हैं।
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हमें अपने स्वर्णिम इतिहास से सीख लेनी होगी तभी हम अपनी पाई हुई उपलब्धियों और सेवा सुरक्षा को सुरक्षित रख सकेंगे। जिला संरक्षक जगदीश सिंह ने युवा पीढ़ी की उपलब्धियों को बनाये रखने के लिए आगे आने की बात अपने संबोधन में मुख्य रूप से कही।
बैठक में भगवान दास त्रिपाठी, ओम शिवाय यादव, रामनरेश सिंह, विनय पटेल, ओम कुमार, विवेक मिश्रा, इरशाद अहमद, मनोज त्रिपाठी, सूर्यकांत यादव, रजनीश पांडे, कलीमुल्ला खां, सर्वेश गुप्ता, डॉ संजय वर्मा, उमा भदौरिया, मंजू दुबे सहित जनपद के अनेक शिक्षक-शिक्षिकायें उपस्थित रहे।
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यह बात उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के 65 वें स्थापना दिवस पर प्रांतीय संयोजक संरक्षण समिति श्रीनारायण दुबे ने कही।
मोहल्ला चौगुर्जी में हुई बैठक में श्रीनारायण दुबे ने संगठन के गौरवशाली इतिहास से सदस्यों को अवगत कराया। बताया कि 1956 में स्थापना से लेकर आज तक शिक्षकों ने अपनी सेवा सुरक्षा एवं वेतन भत्ता संघर्ष के बलबूते पर ही हासिल किए हैं। इसका इतिहास, संघर्षों का इतिहास रहा है।
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इसके बैनर तले स्व. हरिहर पांडेय, मांधाता सिंह, माहेश्वर पांडेय, आर एन ठकुरई और पंचानन राय जैसे पुरोधाओं ने सफल संघर्ष किया।
जिला मंत्री तरुण तिवारी ने कहा कि हमें संगठन में अपनी निष्ठा और एकजुटता हर हाल में बनाये रखनी होगी। जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह चौहान ने कहा कि आज हमारे कुछ शिक्षक साथी सुविधा भोगी हो गए हैं।
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हमें अपने स्वर्णिम इतिहास से सीख लेनी होगी तभी हम अपनी पाई हुई उपलब्धियों और सेवा सुरक्षा को सुरक्षित रख सकेंगे। जिला संरक्षक जगदीश सिंह ने युवा पीढ़ी की उपलब्धियों को बनाये रखने के लिए आगे आने की बात अपने संबोधन में मुख्य रूप से कही।
बैठक में भगवान दास त्रिपाठी, ओम शिवाय यादव, रामनरेश सिंह, विनय पटेल, ओम कुमार, विवेक मिश्रा, इरशाद अहमद, मनोज त्रिपाठी, सूर्यकांत यादव, रजनीश पांडे, कलीमुल्ला खां, सर्वेश गुप्ता, डॉ संजय वर्मा, उमा भदौरिया, मंजू दुबे सहित जनपद के अनेक शिक्षक-शिक्षिकायें उपस्थित रहे।