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ताड़का वध लीला का मंचन

Thu, 25 Nov 2021 11:52 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 25 Nov 2021 11:52 PM IST
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Tadka Vadh Leela staged
लवेदी। क्षेत्र के ग्राम नवादा खुर्द कला में बालाजी रामलीला कमेटी के तत्वावधान में हो रही पांच दिवसीय रामलीला शुरू हुई। ताड़का वध की लीला का भव्य मंचन स्थानीय लोगों ने किया। रामलीला को देखने के लिए घार क्षेत्र की भारी भीड़ उमड़ रही थी।
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वन में असुरों के अत्याचार से परेशान महर्षि विश्वामित्र राजा दशरथ से राम-लक्ष्मण को मांगने जाते हैं। राजा दशरथ बहुत अनमने ढंग से राम-लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ भेजते है।
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गुुरु के साथ जंगल जाते समय राम अहिल्या का उद्धार करते हैं। रामलीला का यह मंचन देख भक्त भाव विभोर हो गए। राम-लक्ष्मण वन में असुरों का संहार करते हैं। ताड़का को मारकर महर्षि के यज्ञ की रक्षा करते हैं।
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ताड़का वध होते ही पंडाल में उपस्थित भक्त प्रभु श्रीराम के जयकारे लगाते हैं। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। श्रीराम की भूमिका में रामकुमार तिवारी, लक्ष्मण की भूमिका में भाजपा नेता असलेंद्र सिंह चौहान, विश्वामित्र की भूमिका में देवेश तिवारी, ताड़का प्रेमनारायण के अलावा भरत और शत्रुघ्न के अभिनय में अंकुर तोमर, संदीप चौहान ने दर्शकों को प्रभावित किया।
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विश्वनाथ सिंह चौहान, नवादा भोला सिंह भदौरिया, सतपाल चौहान, लोकेंद्र चौहान, अरविंद चौहान, रामकुमार तिवारी का उल्लेखनीय योगदान रहा।
राक्षसों का आतंक मिटाने को अवतार लेते प्रभु
बकेवर। ग्राम नियामतपुर में चल रही भागवत कथा में अखिलेश दुबे ने पांचवें दिन कहा कि कृष्ण हिंदू धर्म में विष्णु के अवतार हैं। सनातन धर्म के अनुसार, भगवान विष्णु समस्त मनुष्यों को भोग तथा मोक्ष प्रदान करने वाले प्रमुख देवता हैं।
जब-जब इस पृथ्वी पर असुर एवं राक्षसों का आतंक हुआ तब-तब भगवान विष्णु किसी न किसी रूप में अवतरित होकर पृथ्वी के भार को कम करते हैं।
बताया कि ईश्वर जाति, धर्म नहीं देखते, दान नहीं देखते सिर्फ भाव देखते हैं। ईश्वर न कभी वस्तु से प्रसन्न होते हैं न योग्यता से, न आयु से, न गुणों से, न बल से, न विद्या से, न रूप से, न रंग से ईश्वर केवल भक्त के भाव से प्रसन्न होते हैं।

इस मौके पर होम सिंह चौहान, चंद्रकली, महेश सिंह चौहान पूर्व प्रधान, गजेंद्र सिंह चौहान, पूर्व बीडीसी अनुज सिंह चौहान, देवानंद शर्मा प्रधान, बाबू सिंह चौहान, जीतू चौहान समेत श्रद्धालुओं ने भागवत कथा को सुना। संगीत वादन में कौशल, अनुराग, सोनू शर्मा कानपुर की टीम ने सहयोग किया।
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