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स्वामी विवेकानंद ने विश्व बंधुत्व का दिया था संदेश : प्राचार्य
Wed, 17 Jan 2024 02:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Wed, 17 Jan 2024 02:20 AM IST
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बकेवर। जनता कॉलेज में युवा दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया।
प्राचार्य डॉ. राजेश किशोर त्रिपाठी ने कहा कि 1893 में विवेकानंद जी को शिकागो में संबोधन के लिए दो मिनट का समय दिया गया था। इसमें उन्होंने विश्व बंधुत्व की भावना अमेरिकी एवं यूरोपीय देशों के प्रति प्रकट की। कार्यक्रम में सस्य विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. एमपी सिंह ने स्वामी विवेकानंद जी के दार्शनिक जीवन एवं उनके विचारों पर चर्चा की। सांस्कृतिक क्रियाकलाप के संयोजक डॉ. डीजे मिश्रा ने स्वामी विवेकानंद जी के आध्यात्मिक जीवन पर प्रकाश डाला। अश्वनी मिश्रा ने उनके बाल्य काल से अंतिम समय तक की जीवनी का उल्लेख किया। कहा कि उनके बचपन का नाम नरेंद्र था। विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 में बंगाल के कोलकाता में एक कायस्थ परिवार में हुआ था।
राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनोज यादव ने स्वामी जी के जीवन में घटित विभिन्न घटनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. इंदुबाला मिश्रा ने किया। कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. एमपी यादव एवं विज्ञान संकाय की डीन डॉ. नलिनी शुक्ला,राजेंद्र सिंह , डॉ. डीएन सिंह, डॉ. पीके राजपूत, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. संजय विश्वकर्मा, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. प्रकाश दुबे, अजय शर्मा, डॉ. आनंद सिंह, डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, डॉ. गोपीनाथ मौर्य, डॉ. सत्यार्थ प्रकाश मौर्य, डॉ. संतोष चंदेल आदि मौजूद रहे।
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प्राचार्य डॉ. राजेश किशोर त्रिपाठी ने कहा कि 1893 में विवेकानंद जी को शिकागो में संबोधन के लिए दो मिनट का समय दिया गया था। इसमें उन्होंने विश्व बंधुत्व की भावना अमेरिकी एवं यूरोपीय देशों के प्रति प्रकट की। कार्यक्रम में सस्य विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. एमपी सिंह ने स्वामी विवेकानंद जी के दार्शनिक जीवन एवं उनके विचारों पर चर्चा की। सांस्कृतिक क्रियाकलाप के संयोजक डॉ. डीजे मिश्रा ने स्वामी विवेकानंद जी के आध्यात्मिक जीवन पर प्रकाश डाला। अश्वनी मिश्रा ने उनके बाल्य काल से अंतिम समय तक की जीवनी का उल्लेख किया। कहा कि उनके बचपन का नाम नरेंद्र था। विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 में बंगाल के कोलकाता में एक कायस्थ परिवार में हुआ था।
राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनोज यादव ने स्वामी जी के जीवन में घटित विभिन्न घटनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. इंदुबाला मिश्रा ने किया। कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. एमपी यादव एवं विज्ञान संकाय की डीन डॉ. नलिनी शुक्ला,राजेंद्र सिंह , डॉ. डीएन सिंह, डॉ. पीके राजपूत, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. संजय विश्वकर्मा, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. प्रकाश दुबे, अजय शर्मा, डॉ. आनंद सिंह, डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, डॉ. गोपीनाथ मौर्य, डॉ. सत्यार्थ प्रकाश मौर्य, डॉ. संतोष चंदेल आदि मौजूद रहे।
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