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इटावाः निलंबित दरोगा पर हो सकती बर्खास्तगी की कार्रवाई
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इटावा। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी व देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में दरोगा के विरुद्ध भाजपा जिलाध्यक्ष व ब्राह्मण महासभा ने मुकदमा दर्ज कराया है। बता दें कि यह दरोगा पहले से ही निलंबित चल रहा है और पूर्व में भी विवादित बयानबाजी करता रहा है।
एक वर्ष पूर्व तो उसने इटावा से बिठौली तबादला होने पर विरोध प्रदर्शन स्वरूप इटावा से बिठौली तक के लिए 65 किमी की दौड़ लगा दी थी जिसके लिए अनुशासनहीनता में उसको निलंबित कर दिया गया था। इसके अलावा सीएए के विरोध चल रहे प्रदर्शन में भी हिस्सा लिया था। अब वह सोशल मीडिया पर तमाम बातें डालकर अपने को बचाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में आशंका है कि कहीं उसको बर्खास्त ही न कर दिया जाए।
दरोगा विजय प्रताप सिंह ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित हिन्दू देवी-देवताओं के विरुद्ध सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। इसी से रुष्ट होकर भाजपा जिलाध्यक्ष अजय धाकरे व ब्राह्मण महासभा ने उसके विरुद्ध सिविल लाइन थाना में मुकदमा दर्ज कराया है। 2019 में एसएसपी संतोष मिश्रा ने अनुशासनहीनता में निलंबित किया तो उनके जाने के बाद आए एसएसपी आकाश तोमर ने उसे बहाल कर दिया था।
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पुन: 23 जुलाई 2020 को कचहरी में एक वकील से मारपीट के बाद विजय को फिर से निलंबित कर दिया गया। अब एक बार फिर से उसकी करतूत सामने आई है। एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि मामले की जांच एसपी सिटी डॉ. रामयश सिंह को सौंपी गई है। विजय ने अनुशासनहीनता के साथ ही शासन के विरुद्ध टिप्पणी करते हुए पुलिस की धवि धूमिल करने का प्रयास किया है।
जान को बताया खतरा
निलंबित दरोगा विजय प्रताप सिंह ने ट्वीट करके कहा है कि उसकी जान को खतरा है। उसने अपनी तबीयत खराब होने का जिक्र करते हुए लिखा है कि पुलिस उसके यहां छापा मारने की फिराक में है। 21 अगस्त को किए ट्वीट में उसने लिखा कि उसे गलत तरीके से निलंबित किया गया था। उसने निष्पक्ष जांच होने पर सच सामने आने का बहाना भी पेश किया है। वहीं एसएसपी आकाश तोमर का कहना है कि जांच जारी है, वह अपने को बचाने के लिए अनर्गल बातें कर रहा है।
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एक वर्ष पूर्व तो उसने इटावा से बिठौली तबादला होने पर विरोध प्रदर्शन स्वरूप इटावा से बिठौली तक के लिए 65 किमी की दौड़ लगा दी थी जिसके लिए अनुशासनहीनता में उसको निलंबित कर दिया गया था। इसके अलावा सीएए के विरोध चल रहे प्रदर्शन में भी हिस्सा लिया था। अब वह सोशल मीडिया पर तमाम बातें डालकर अपने को बचाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में आशंका है कि कहीं उसको बर्खास्त ही न कर दिया जाए।
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दरोगा विजय प्रताप सिंह ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित हिन्दू देवी-देवताओं के विरुद्ध सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। इसी से रुष्ट होकर भाजपा जिलाध्यक्ष अजय धाकरे व ब्राह्मण महासभा ने उसके विरुद्ध सिविल लाइन थाना में मुकदमा दर्ज कराया है। 2019 में एसएसपी संतोष मिश्रा ने अनुशासनहीनता में निलंबित किया तो उनके जाने के बाद आए एसएसपी आकाश तोमर ने उसे बहाल कर दिया था।
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पुन: 23 जुलाई 2020 को कचहरी में एक वकील से मारपीट के बाद विजय को फिर से निलंबित कर दिया गया। अब एक बार फिर से उसकी करतूत सामने आई है। एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि मामले की जांच एसपी सिटी डॉ. रामयश सिंह को सौंपी गई है। विजय ने अनुशासनहीनता के साथ ही शासन के विरुद्ध टिप्पणी करते हुए पुलिस की धवि धूमिल करने का प्रयास किया है।
जान को बताया खतरा
निलंबित दरोगा विजय प्रताप सिंह ने ट्वीट करके कहा है कि उसकी जान को खतरा है। उसने अपनी तबीयत खराब होने का जिक्र करते हुए लिखा है कि पुलिस उसके यहां छापा मारने की फिराक में है। 21 अगस्त को किए ट्वीट में उसने लिखा कि उसे गलत तरीके से निलंबित किया गया था। उसने निष्पक्ष जांच होने पर सच सामने आने का बहाना भी पेश किया है। वहीं एसएसपी आकाश तोमर का कहना है कि जांच जारी है, वह अपने को बचाने के लिए अनर्गल बातें कर रहा है।