फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Suspended officer can be dismissed in etawah

इटावाः निलंबित दरोगा पर हो सकती बर्खास्तगी की कार्रवाई

Thu, 27 Aug 2020 11:47 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 27 Aug 2020 11:47 PM IST
विज्ञापन
Suspended officer can be dismissed in etawah
इटावा। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी व देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में दरोगा के विरुद्ध भाजपा जिलाध्यक्ष व ब्राह्मण महासभा ने मुकदमा दर्ज कराया है। बता दें कि यह दरोगा पहले से ही निलंबित चल रहा है और पूर्व में भी विवादित बयानबाजी करता रहा है।
विज्ञापन

एक वर्ष पूर्व तो उसने इटावा से बिठौली तबादला होने पर विरोध प्रदर्शन स्वरूप इटावा से बिठौली तक के लिए 65 किमी की दौड़ लगा दी थी जिसके लिए अनुशासनहीनता में उसको निलंबित कर दिया गया था। इसके अलावा सीएए के विरोध चल रहे प्रदर्शन में भी हिस्सा लिया था। अब वह सोशल मीडिया पर तमाम बातें डालकर अपने को बचाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में आशंका है कि कहीं उसको बर्खास्त ही न कर दिया जाए।
विज्ञापन

दरोगा विजय प्रताप सिंह ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित हिन्दू देवी-देवताओं के विरुद्ध सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। इसी से रुष्ट होकर भाजपा जिलाध्यक्ष अजय धाकरे व ब्राह्मण महासभा ने उसके विरुद्ध सिविल लाइन थाना में मुकदमा दर्ज कराया है। 2019 में एसएसपी संतोष मिश्रा ने अनुशासनहीनता में निलंबित किया तो उनके जाने के बाद आए एसएसपी आकाश तोमर ने उसे बहाल कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुन: 23 जुलाई 2020 को कचहरी में एक वकील से मारपीट के बाद विजय को फिर से निलंबित कर दिया गया। अब एक बार फिर से उसकी करतूत सामने आई है। एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि मामले की जांच एसपी सिटी डॉ. रामयश सिंह को सौंपी गई है। विजय ने अनुशासनहीनता के साथ ही शासन के विरुद्ध टिप्पणी करते हुए पुलिस की धवि धूमिल करने का प्रयास किया है।

जान को बताया खतरा
निलंबित दरोगा विजय प्रताप सिंह ने ट्वीट करके कहा है कि उसकी जान को खतरा है। उसने अपनी तबीयत खराब होने का जिक्र करते हुए लिखा है कि पुलिस उसके यहां छापा मारने की फिराक में है। 21 अगस्त को किए ट्वीट में उसने लिखा कि उसे गलत तरीके से निलंबित किया गया था। उसने निष्पक्ष जांच होने पर सच सामने आने का बहाना भी पेश किया है। वहीं एसएसपी आकाश तोमर का कहना है कि जांच जारी है, वह अपने को बचाने के लिए अनर्गल बातें कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed