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Etawah News: जीईआरडी के मरीज का सफल ऑपरेशन
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लंबे समय से सीने में जलन और खट्टी डकार की थी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई में सीने में जलन और खट्टी डकार जैसी समस्या से परेशान एक युवक का सफल आपरेशन किया गया। लंबे समय तक दवा लेने के बावजूद राहत न मिलने पर चिकित्सकों ने लेप्रोस्कोपिक तकनीक से सर्जरी की, जिसके बाद मरीज की स्थिति में सुधार हुआ और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
चिकित्सकों के अनुसार 20 वर्षीय युवक पिछले करीब तीन वर्षों से सीने में जलन, खट्टी डकार, भोजन गले तक आने और उल्टी जैसी समस्याओं से परेशान था। जांच में गंभीर गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज (जीईआरडी) की पुष्टि होने पर जनरल सर्जरी विभाग की टीम ने लेप्रोस्कोपिक निसेन फंडोप्लिकेशन आपरेशन किया आपरेशन प्रो. डाॅ. एसपी सिंह और प्रो. डाॅ. विपिन गुप्ता के नेतृत्व में किया। विशेषज्ञों ने बताया कि जीईआरडी में पेट का अम्ल भोजन नली में वापस आने लगता है, जिससे लगातार जलन और भोजन निगलने में परेशानी हो सकती है। दवाओं से राहत न मिलने पर सर्जरी प्रभावी विकल्प मानी जाती है। कुलपति प्रो. डाॅ. अजय सिंह ने चिकित्सा टीम को बधाई दी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई में सीने में जलन और खट्टी डकार जैसी समस्या से परेशान एक युवक का सफल आपरेशन किया गया। लंबे समय तक दवा लेने के बावजूद राहत न मिलने पर चिकित्सकों ने लेप्रोस्कोपिक तकनीक से सर्जरी की, जिसके बाद मरीज की स्थिति में सुधार हुआ और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
चिकित्सकों के अनुसार 20 वर्षीय युवक पिछले करीब तीन वर्षों से सीने में जलन, खट्टी डकार, भोजन गले तक आने और उल्टी जैसी समस्याओं से परेशान था। जांच में गंभीर गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज (जीईआरडी) की पुष्टि होने पर जनरल सर्जरी विभाग की टीम ने लेप्रोस्कोपिक निसेन फंडोप्लिकेशन आपरेशन किया आपरेशन प्रो. डाॅ. एसपी सिंह और प्रो. डाॅ. विपिन गुप्ता के नेतृत्व में किया। विशेषज्ञों ने बताया कि जीईआरडी में पेट का अम्ल भोजन नली में वापस आने लगता है, जिससे लगातार जलन और भोजन निगलने में परेशानी हो सकती है। दवाओं से राहत न मिलने पर सर्जरी प्रभावी विकल्प मानी जाती है। कुलपति प्रो. डाॅ. अजय सिंह ने चिकित्सा टीम को बधाई दी।
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