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ठंड शुरू, 40 हजार छात्र-छात्राओं को स्वेटर के लिए नहीं मिली धनराशि

Thu, 17 Nov 2022 05:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 17 Nov 2022 05:00 AM IST
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student dont get sweater in winter
इटावा। परिषदीय स्कूलों का शिक्षा सत्र शुरू हुए साढ़े सात माह बीत चुके हैं। अभी तक 40 हजार छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में यूनिफार्म और स्वेटर के लिए धनराशि नहीं पहुंची है। इनमें से 13 हजार बच्चे ऐसे हैं जिनका भुगतान बैंकों की लापरवाही से फंसा हुआ है।
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सरकार की ओर से यूनिफार्म, स्वेटर, जूते-मोजे और पेन-पेंसिल खरीदने के लिए सीधे अभिभावकों के खाते में 1200 रुपये भेजे जाते हैं। जिले के परिषदीय विद्यालयों में करीब 1.39 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से अभी तक सिर्फ 99 हजार छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में ही धनराशि पहुंची है।
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मामला आधार कार्ड पर आकर फंस रहा है। अभिभावकों के आधार कार्ड का सत्यापन नहीं हुआ है तो किसी छात्र-छात्रा के पास आधार कार्ड न होना समस्या बन गया है। वहीं, बैंकों की ओर से भी इस काम में सहयोग नहीं किया जा रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, करीब 13 हजार छात्र-छात्राओं की धनराशि बैंकों की लापरवाही की वजह से फंसी है। एनपीसीआई (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) से खाते की सीडिंग के लिए बैंकों की ओर से प्रक्रिया करने में लापरवाही बरती जा रही है। इस वजह से नवंबर में ठंड के बीच बिन स्वेटर के बच्चे स्कूल जाने के लिए मजबूर हैं।
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बीएसए शैलेश कुमार ने बताया कि जल्द ही बैंक अधिकारियों के साथ बैठक करके एनपीसीआई सीडिंग जल्द कराने के लिए बात की जाएगी। कुछ का भुगतान इस माह होना है। इसमें बड़ी संख्या में डीबीटी का भुगतान हो जाएगा।

सात हजार बच्चों का आधार लिंक नहीं
सात हजार छात्र-छात्राओं के आधार लिंक नहीं होने की वजह से अभी तक डीबीटी के रुपये नहीं आ पा रहे हैं। अब इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से श्री टोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को आधार किटें उपलब्ध कराने का ठेेेका दिया गया है। एनपीआरसी के आधार पर इन किटों की व्यवस्था की जाएगी। शिक्षकों की लापरवाही की वजह से भी बच्चों की यूनिफार्म का भुगतान नहीं हो पा रहा है। कुछ विद्यालयों की ओर से करीब साढ़े छह हजार छात्र-छात्राओं का डाटा अपडेट नहीं किया गया है। इससे भुगतान नहीं हो पा रहा है। बीएसए ने सभी प्रधानाध्यापकों को जल्द डाटा अपडेट करने के आदेश दिए हैं।
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