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बिना डीएपी पिछड़ रही गेहूं की बुवाई
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बकेवर (सैफई)। सहकारी समितियों में अभी भी डीएपी की किल्लत खत्म नहीं हुई है। बकेवर समिति में खाद लेने के लिए किसान दिनभर लाइन में लगे रहे। वहीं सैफई में भी मारामारी मची रही।
सहकारी समिति बकेवर में सोमवार को डीएपी की रैक न आने से सैकड़ों किसानों को लौटना पड़ा। किसानों ने बताया कि डीएपी न मिलने से बुवाई भी पिछड़ रही है।
ज्यादातर समितियों में मौजूदा समय यूरिया खाद ही उपलब्ध है। गेहूं की बुवाई का समय है, लेकिन डीएपी न मिलने से बुवाई पिछड़ रही है। सोमवार को भी समितियों पर किसानों को यूरिया खाद का वितरण किया गया।
सोमवार को परसौली गांव के सुनील कुमार पांच बोरी डीएपी लेने पहुंचे। इसी क्रम में करवा बुजुर्ग गांव निवासी किसान प्रेमकांत दो बोरी डीएपी लेने आए थे। पांच दिन से चक्कर लगाने के बावजूद भी अभी तक खाद नहीं मिल पाई है। खेत में नमी खत्म होती जा रही है।
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नौधना गांव निवासी किसान राहुल चतुर्वेदी ने बताया कि 20 बीघा खेत में गेहूं की बुवाई करनी है। जिसके लिए चार बोरी डीएपी की जरूरत है, लेकर सोमवार को भी खाली हाथ लौटना पड़ा।
डीएपी उपलब्ध न होने से यूरिया लेकर जा रहे हैं। खाद न मिलने से फसल काफी लेट हो जाएगी। नमी कम होने से फिरसे से पलेवा करना पड़ेगा। गुलाबपुरा गांव निवासी सुनील यादव ने बताया कि वे दो बोरी डीएपी के लिए कई दिन से चक्कर लगा रहे हैं।
सहकारी समिति बकेवर के सचिव राजीव गोयल ने बताया अभी डीएपी की रैक नहीं लगने के कारण परेशानी है। यूरिया खाद जो किसान मांग रहे हैं उन्हें बांटी जा रही है। रैक आते ही डीएपी किसानों को वितरित की जाएगी।
समस्या के लिए सरकार पर फोड़ा ठीकरा
सैफई। किसान सहकारी समिति हैवरा पर मौजूद सपा नेता संतोष ने कहा कि जब से भाजपा की सरकार आई है किसानों को संकटों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार किसानों को डीएपी व यूरिया उपलब्ध नही करा पा रही है।
ग्राम पंचायत नगला अनिया के प्रधान यशपाल बताते हैं कि खाद न मिलने से पैदावार पर असर पड़ रहा है। किसान राम सनेही निवासी नगला सूरजमन ने बताया कि खाद न मिलने से गेहूं की की बुवाई रुकी पड़ी है।
वहीं हेंवरा समिति के सचिव विपिन कुमार ने बताया डीएपी आने पर किसानों को उपलब्ध करा दी जाएगी।
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सहकारी समिति बकेवर में सोमवार को डीएपी की रैक न आने से सैकड़ों किसानों को लौटना पड़ा। किसानों ने बताया कि डीएपी न मिलने से बुवाई भी पिछड़ रही है।
ज्यादातर समितियों में मौजूदा समय यूरिया खाद ही उपलब्ध है। गेहूं की बुवाई का समय है, लेकिन डीएपी न मिलने से बुवाई पिछड़ रही है। सोमवार को भी समितियों पर किसानों को यूरिया खाद का वितरण किया गया।
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सोमवार को परसौली गांव के सुनील कुमार पांच बोरी डीएपी लेने पहुंचे। इसी क्रम में करवा बुजुर्ग गांव निवासी किसान प्रेमकांत दो बोरी डीएपी लेने आए थे। पांच दिन से चक्कर लगाने के बावजूद भी अभी तक खाद नहीं मिल पाई है। खेत में नमी खत्म होती जा रही है।
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नौधना गांव निवासी किसान राहुल चतुर्वेदी ने बताया कि 20 बीघा खेत में गेहूं की बुवाई करनी है। जिसके लिए चार बोरी डीएपी की जरूरत है, लेकर सोमवार को भी खाली हाथ लौटना पड़ा।
डीएपी उपलब्ध न होने से यूरिया लेकर जा रहे हैं। खाद न मिलने से फसल काफी लेट हो जाएगी। नमी कम होने से फिरसे से पलेवा करना पड़ेगा। गुलाबपुरा गांव निवासी सुनील यादव ने बताया कि वे दो बोरी डीएपी के लिए कई दिन से चक्कर लगा रहे हैं।
सहकारी समिति बकेवर के सचिव राजीव गोयल ने बताया अभी डीएपी की रैक नहीं लगने के कारण परेशानी है। यूरिया खाद जो किसान मांग रहे हैं उन्हें बांटी जा रही है। रैक आते ही डीएपी किसानों को वितरित की जाएगी।
समस्या के लिए सरकार पर फोड़ा ठीकरा
सैफई। किसान सहकारी समिति हैवरा पर मौजूद सपा नेता संतोष ने कहा कि जब से भाजपा की सरकार आई है किसानों को संकटों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार किसानों को डीएपी व यूरिया उपलब्ध नही करा पा रही है।
ग्राम पंचायत नगला अनिया के प्रधान यशपाल बताते हैं कि खाद न मिलने से पैदावार पर असर पड़ रहा है। किसान राम सनेही निवासी नगला सूरजमन ने बताया कि खाद न मिलने से गेहूं की की बुवाई रुकी पड़ी है।
वहीं हेंवरा समिति के सचिव विपिन कुमार ने बताया डीएपी आने पर किसानों को उपलब्ध करा दी जाएगी।