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सोलर प्लांट नीति : चमकेंगे पावरलूम, बुनकर करेंगे प्रगति

Thu, 23 Feb 2023 12:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा Updated Thu, 23 Feb 2023 12:05 AM IST
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soler plant scheme give boom to powewrloom sector
इटावा। मुख्यमंत्री बुनकर सौर उर्जा योजना के लिए 10 करोड़ का बजट प्रस्तावित है। सोलर प्लांट के जरिये जिले में दम तोड़ रहे पावरलूमों को भी गति मिलने की उम्मीद बंधी है। अगर इसका लक्ष्य उम्मीदों के मुताबिक रहा तो महंगी बिजली की समस्या से भी उद्यमियाें को राहत मिल सकती है।
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जिले में एक समय करीब 10 हजार पावरलूम इकाइयां स्थापित थीं। इनसे करीब दो लाख लोग रोजगार पा रहे थे। पावरलूमों में चादरें, अंगौछा, लुंगी, रंगीन खादी, साड़ी, कुर्ता-पैजामा बनाए जाते थे। जैसे-जैसे प्रतिस्पर्धा बढ़ी, यह उद्योग दम तोड़ने लगा। इस समय करीब तीन हजार इकाइयां ही चल रही हैं।
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ऐसे में इन्हें संजीवनी देने के लिए सरकार की ओर से 2022 में नई टेक्सटाइल्स नीति भी लागू की गई लेकिन इसका कुछ खास असर नहीं दिखा। इस नीति में कुछ कड़े प्रावधानों के कारण बड़े बुनकरों ने हाथ खींच लिए। वहीं एक अगस्त 2020 से प्रदेश सरकार ने पुरानी व्यवस्था समाप्त करके पावरलूमों को बिजली उपलब्ध कराने के लिए नई नीति लागू कर दी। फिक्स चार्ज की जगह रीडिंग के हिसाब से बिजली बिल वसूलने के कारण जेब पर भार बढ़ गया। बुनकर इससे सहमत नहीं हैं। वह पुरानी व्यवस्था के तहत ही बिजली देने की मांग करते आ रहे हैं। अब सब्सिडी पर सोलर प्लांट देने की योजना बुनकरों को राहत दे सकती है। प्रदेश सरकार ने बजट में इसके लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
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नई टेक्सटाइल नीति में ढील की मांग

जिले में अभी तक टेक्सटाइल्स क्लस्टर स्थापित न हो पाने के पीछे काफी हद तक नई टेक्सटाइल्स नीति के कुछ प्रावधान भी जिम्मेदार हैं। इसमें 20 उद्यमियों की समिति बनाई जाती है। जिस जमीन पर क्लस्टर लगना है, वह जमीन समिति के नाम होनी चाहिए। इसके अलावा कम से कम 200 लोगों को यहां काम मिलने की व्यवस्था होनी चाहिए। सरकारी की ओर से 90 फीसदी सब्सिडी तो दी जा रही है लेकिन जमीन और दूसरे संसाधनों पर भी मोटी रकम लगनी है। इसके अलावा 20 लोगों वाली समिति को संचालित करना बेहद मुश्किल है। इन्हीं प्रावधानों में ढील की मांग उद्यमी उठा रहे हैं।

उद्यमी बोले- बिजली दर में राहत जरूरी

- बुनकर एकता समिति के अध्यक्ष इदरीश अंसारी ने बताया कि सोलर प्लांट नीति बुनकरों के लिए फायदेमंद रहेगी। सरकार को फ्लैट रेट पर बिजली देने की योजना फिर से लागू करनी चाहिए। अगर बुनकरों को फ्लैट रेट पर बिजली दी जाने लगे तो बड़ी राहत मिलेगी।



नई टेक्सटाइल्स नीति कुछ खास असर नहीं दिखा सकी है। पहले बुनकरों को कपड़ा बेचने पर 20 फीसदी छूट देती थी। अब ऐसा नहीं है। सरकार को इस तरह की योजनाओं को लागू करके बुनकरों को राहत देनी चाहिए। सोलर प्लांट से हालांकि कुछ राहत मिलेगी।

नई टेक्सटाइल नीति पर नजर
- टेक्सटाइल्स क्लस्टर बनाने पर 90 फीसदी सब्सिडी।
- जमीन की खरीद पर स्टांप पर 100 फीसदी की छूट और प्राधिकरण की जमीन की खरीद करने पर 50 फीसदी स्टांप की छूट।
- प्लांट मशीनरी पर 25 प्रतिशत सब्सिडी।
- रोड, पानी, बिजली कनेक्शन, ट्रीटमेंट प्लांट लगाने पर छूट।
- बैंक से लोन लेने पर ब्याज पर 53 से 57 फीसदी तक की छूट।
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