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शिवपाल की अखिलेश को नसीहत : अन्ना और जेपी की तरह करें आंदोलन, अब वक्त आ गया है बीजेपी के खिलाफ...
Sat, 10 Jul 2021 10:37 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 10 Jul 2021 10:37 PM IST
सार
शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि आज प्रदेश भर की तहसीलों में प्रदर्शन करने के बजाय लखनऊ में जयप्रकाश नारायण तथा अन्ना हजारे की भांति आंदोलन शुरू करने की जरूरत है।
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शिवपाल सिंह यादव और अखिलेश यादव
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भाजपा सरकार के खिलाफ अब आंदोलन शुरू करने का समय आ गया है। लखीमपुर में महिला चीरहरण की घटना निंदनीय है। प्रसपा राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने शनिवार को भतीजे और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को ये नसीहत दे डाली।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश भर की तहसीलों में प्रदर्शन करने के बजाय लखनऊ में जयप्रकाश नारायण तथा अन्ना हजारे की भांति आंदोलन शुरू करने की जरूरत है। उन्होंने फेसबुक, ट्वीटर जैसे सोशल मीडिया के प्लेटफार्म का अपना महत्व है।
फिर भी चुनाव जीतने के लिए जनता से सीधा संवाद करना बेहद जरूरी है। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में हुई हिंसा पर उन्होंने कहा कि भाजपा अपने ही लोगों पर अंकुश लगाने में विफल रही है। गुंडागर्दी पर तत्काल प्रभाव से अंकुश लगना चाहिए।
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पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि 2022 में बिना प्रसपा के सहयोग कोई दल सरकार नहीं बना पाएगा। सरकार की चाबी प्रसपा के पास ही होगी। प्रसपा विधानसभा चुनावों में समान विचाराधारा वाले दलों से गठबंधन की पक्षधर रही है।
आने वाले विधानसभा चुनाव में उनका एक बड़े दल के साथ गठबंधन होने जा रहा है। इस दौरान पीसीएफ चेयरमैन अंकुर यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष पूर्व सांसद रघुराज शाक्य, जिलाध्यक्ष सुनील यादव, प्रमुख महासचिव कृष्ण मुरारी गुप्ता मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि आज प्रदेश भर की तहसीलों में प्रदर्शन करने के बजाय लखनऊ में जयप्रकाश नारायण तथा अन्ना हजारे की भांति आंदोलन शुरू करने की जरूरत है। उन्होंने फेसबुक, ट्वीटर जैसे सोशल मीडिया के प्लेटफार्म का अपना महत्व है।
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फिर भी चुनाव जीतने के लिए जनता से सीधा संवाद करना बेहद जरूरी है। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में हुई हिंसा पर उन्होंने कहा कि भाजपा अपने ही लोगों पर अंकुश लगाने में विफल रही है। गुंडागर्दी पर तत्काल प्रभाव से अंकुश लगना चाहिए।
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पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि 2022 में बिना प्रसपा के सहयोग कोई दल सरकार नहीं बना पाएगा। सरकार की चाबी प्रसपा के पास ही होगी। प्रसपा विधानसभा चुनावों में समान विचाराधारा वाले दलों से गठबंधन की पक्षधर रही है।
आने वाले विधानसभा चुनाव में उनका एक बड़े दल के साथ गठबंधन होने जा रहा है। इस दौरान पीसीएफ चेयरमैन अंकुर यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष पूर्व सांसद रघुराज शाक्य, जिलाध्यक्ष सुनील यादव, प्रमुख महासचिव कृष्ण मुरारी गुप्ता मौजूद रहे।