फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Scam in the name of plantation, payment of two lakhs to the firm

ताखा में पौधरोपण के नाम पर हुआ घोटाला, एटा की फर्म को लाखों का भुगतान

Sat, 31 Oct 2020 10:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 31 Oct 2020 10:39 PM IST
विज्ञापन
Scam in the name of plantation, payment of two lakhs to the firm
कागजों पर पौधरोपण का दो लाख रुपये का घोटाला सामने आया है। वन विभाग ने 2000 पौधे निशुल्क उपलब्ध करवाए। इसके बाद भी एटा जनपद की नर्सरी से लाखों रुपये की खरीद दिखा दी गई। मामले का खुलासा होने के बाद ग्राम प्रधान ने मामले की शिकायत डीएम से करके दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन

ताखा में इसी वर्ष सभी ग्राम पंचायतों में व्यापक पैमाने पर पौधरोपण कराया गया। इसके लिए वन विभाग की नर्सरी ने प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए दो-दो हजार से अधिक पौधे निशुल्क दिए गए। हकीकत में जितने नि:शुल्क पौधे वन विभाग से मिले, उनका भी रोपण नहीं हो पाया।
विज्ञापन

ताखा में इसी बीच ब्लाक कर्मचारियों की मिलीभगत से कई ग्राम पंचायतों में मनरेगा से पौधरोपण कर दिया गया। दो लाख रुपये का भुगतान जनपद से बाहर नर्सरी की फर्म को कर दिया गया। सरकारी पैसे को डकारने के लिए पंचायत में कागजों पर पौधों की कीमत दिखाकर भुगतान दिया गया लेकिन धरातल पर कोई पौधा लगाया ही नहीं गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

शेखपुरा ग्राम पंचायत क ी ग्राम प्रधान जगतश्री एवं उनके पुत्र रजनीश यादव ने आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी ग्राम पंचायत में मनरेगा से कागजों पर पौधरोपण कर लगभग दो लाख रुपये ब्लाक कर्मचारियों की मिलीभगत से निकाल लिए गए हैं।
इसकी शिकायत उन्होंने खंड विकास अधिकारी ताखा पीएन यादव से कर दी है। जिलाधिकारी को भी पत्र भेजकर पूरे घोटाले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर पूरे धन की रिकवरी कराने की मांग की
ताखा की ग्राम पंचायत शेखपुरा पचार में मनरेगा से पौधरोपण में सबसे पहले आठ से 12 फीट के पौधो के लिए 50 हजार रुपये का भुगतान किया गया। प्लांटेशन के नाम पर 40 हजार का भुगतान किया गया। बाद में 91,590 रुपये का भुगतान भी पौधरोपण के लिए किया गया है।
इसमें दो वर्षीय पिंडी के 23 पौधों का भुगतान एक हजार की दर से, गोलमोहर जैसे छायादार 23 पौधो का भुगतान सात सौ रुपये की दर से, अशोक जैसे 45 पौधों का भुगतान तीन सौ की दर से और आठ से 12 फीट के 80 पौधों का भुगतान 211 रुपये की दर से किया गया है।
इतना ही नहीं दस गड्ढों में दो किलो गोबर की खाद के लिए भी 2211 रुपये की दर से 22,110 रुपये का भुगतान कर दिया गया। पंचायत में एक भी पौधा लगाया ही नहीं गया। पूरे भुगतान की डिटेल को मनरेगा की साइट पर भी डाला गया है ।

ग्राम पंचायत में सभी पौधों का भुगतान भी एमएस ग्रीन वर्ड नर्सरी को किया गया है। यह नर्सरी एटा जनपद की है। जब अपने यहां कम कीमत पर पौधे उपलब्ध हैं तो बाहर से पौधों की खरीद क्यों की गई? इस पर खंड विकास अधिकारी पीएन यादव ने बताया पूरे मामले की जांच की जा रही है। कार्यालय में बाबू के न आने से फाइल नही मिल रही है। पूरे मामले की जानकारी भी मुख्य विकास अधिकारी को दे दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed