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रस्मों रिवाज के साथ बेटों ने कराई वृद्ध पिता की शादी
अमर उजाला ब्यूरो। इटावा
Updated Wed, 17 May 2017 10:55 PM IST
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ग्राम बुलाकीपुर में 66 साल की रामबेटी को वर माला पहनाते 70 साल के विशुन दयाल
- फोटो : amarujala
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बसरेहर (इटावा)। थाना क्षेत्र के ग्राम बुलाकीपुरा में बुधवार को इतिहास रचा गया। 70 साल के विशुनदयाल दूल्हा बने तो 66 साल की रामबेटी दुल्हन। इस अनोखी शादी में दोनों के परिजनों के साथ रिश्तेदार व गांववाले भी शामिल हुए। विशुनदयाल के बेटों ने उन्हें बधाई दी और मां के रूप में रामबेटी का आर्शीवाद लिया तो वहां मौजूद लोगों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े ।
बुलाकीपुरा निवासी विशुनदयाल की पत्नी करीब 20 साल पहले उन्हें छोड़कर चली गई। उनकेदो बेटे हैं अर्जुन और राजकुमार।
अब दोनों बाल बच्चेदार हैं। वे अपना अपना काम धंधा करते हैं। बड़े बेटे अर्जुन ने एक दिन मजाक में 70 साल के वृद्ध पिता के सामने दूसरी शादी का प्रस्ताव रखा। छोटे बेटे ने भी हामी भर दी। विशुनदयाल की मनाही के बाद भी उनके लिए दुल्हन ढूंढी जाने लगी। इसी बीच किसी रिश्तेदार ने बताया कि औरैया जिले के अछल्दा थाना क्षेत्र के भुज गांव निवासी 66 साल की रामबेटी मायके में अकेले रहती हैं। इनकी शादी हुई थी, लेकिन पति ने छोड़ दिया। इसके बाद से वह अकेले जिंदगी काट रही हैं। रामबेटी के रिश्तेदार भी शादी के लिए राजी हो गए।
रिश्तेदारों की सहमति के बाद 17 मई की तिथि शादी के लिए तय हो गई। गुरुवार को बाकायदे रामबेटी दुल्हन के रूप में बुलाकीपुरा पहुंची। इसके बाद परिवारवालों, रिश्तेदारों और गांव के लोगों की मौजूदगी में जयमाल की रस्म हुई। इसके बाद दोनों ने फेरे लिए। ग्राम प्रधान राजेश यादव ने दूल्हे के भाभी को काजल लगाने पर नेग दिया तो रिश्तेदारों ने अंगौछा भेंट किया। इसके बाद भोज का भी आयोजन हुआ। इस शादी को लेकर गांव में जश्न का माहौल रहा। विशुनदयाल के बेटों को लोगों ने बधाई दी। कहा कि जिंदगी के अंतिम पड़ाव पर पहुंचे पिता के लिए बेटों ने बड़ा तोहफा दिया।
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बुलाकीपुरा निवासी विशुनदयाल की पत्नी करीब 20 साल पहले उन्हें छोड़कर चली गई। उनकेदो बेटे हैं अर्जुन और राजकुमार।
अब दोनों बाल बच्चेदार हैं। वे अपना अपना काम धंधा करते हैं। बड़े बेटे अर्जुन ने एक दिन मजाक में 70 साल के वृद्ध पिता के सामने दूसरी शादी का प्रस्ताव रखा। छोटे बेटे ने भी हामी भर दी। विशुनदयाल की मनाही के बाद भी उनके लिए दुल्हन ढूंढी जाने लगी। इसी बीच किसी रिश्तेदार ने बताया कि औरैया जिले के अछल्दा थाना क्षेत्र के भुज गांव निवासी 66 साल की रामबेटी मायके में अकेले रहती हैं। इनकी शादी हुई थी, लेकिन पति ने छोड़ दिया। इसके बाद से वह अकेले जिंदगी काट रही हैं। रामबेटी के रिश्तेदार भी शादी के लिए राजी हो गए।
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रिश्तेदारों की सहमति के बाद 17 मई की तिथि शादी के लिए तय हो गई। गुरुवार को बाकायदे रामबेटी दुल्हन के रूप में बुलाकीपुरा पहुंची। इसके बाद परिवारवालों, रिश्तेदारों और गांव के लोगों की मौजूदगी में जयमाल की रस्म हुई। इसके बाद दोनों ने फेरे लिए। ग्राम प्रधान राजेश यादव ने दूल्हे के भाभी को काजल लगाने पर नेग दिया तो रिश्तेदारों ने अंगौछा भेंट किया। इसके बाद भोज का भी आयोजन हुआ। इस शादी को लेकर गांव में जश्न का माहौल रहा। विशुनदयाल के बेटों को लोगों ने बधाई दी। कहा कि जिंदगी के अंतिम पड़ाव पर पहुंचे पिता के लिए बेटों ने बड़ा तोहफा दिया।
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