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रेजिडेंट डॉक्टरों ने कैंडल मार्च निकाला
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सैफई। नीट काउंसलिंग एक महीने से न कराने से नाराज उप्र आयुर्विज्ञान विवि सैफई में रेजिडेंट डॉक्टरों ने स्वामी विवेकानंद छात्रावास से प्रशासनिक भवन तक कैंडल मार्च निकाला। सभी रेजिडेंट डॉक्टरों ने ताली, थाली बजाई और दीप भी जलाएं।
नाराज डॉक्टरों ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान मोदी सरकार ने डॉक्टरों के सम्मान में जनता से ताली, थाली बजवाई। डॉक्टरों पर फूल बरसाए। परंतु अब उनकी मांगों को नहीं सुना जा रहा है।
इसलिये ताली, थाली, घंटा ओर मोमबत्ती जलाकर आक्रोशित डॉक्टर सरकार को जगाने का काम कर रहे हैं। यह एक प्रतीकात्मक विरोध-प्रदर्शन है। डॉक्टर चाहते हैं कि काउंसलिंग से संबंधित केस को फास्ट ट्रैक में सुनवाई की जाए।
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सरकार सुप्रीम कोर्ट से लंबा समय मांग कर इस प्रक्रिया में देरी कर रही है। इसी के विरोध में देश भर में सभी मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा इमरजेंसी समेत सभी सेवाओं से बहिष्कार किया जा चुका है।
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने एस्मा लगाया गया है। जिसकी वजह से प्रदेश के सभी कॉलेज में रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा सिर्फ इमरजेंसी में सेवाएं दी जा रही हैं।
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नाराज डॉक्टरों ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान मोदी सरकार ने डॉक्टरों के सम्मान में जनता से ताली, थाली बजवाई। डॉक्टरों पर फूल बरसाए। परंतु अब उनकी मांगों को नहीं सुना जा रहा है।
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इसलिये ताली, थाली, घंटा ओर मोमबत्ती जलाकर आक्रोशित डॉक्टर सरकार को जगाने का काम कर रहे हैं। यह एक प्रतीकात्मक विरोध-प्रदर्शन है। डॉक्टर चाहते हैं कि काउंसलिंग से संबंधित केस को फास्ट ट्रैक में सुनवाई की जाए।
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सरकार सुप्रीम कोर्ट से लंबा समय मांग कर इस प्रक्रिया में देरी कर रही है। इसी के विरोध में देश भर में सभी मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा इमरजेंसी समेत सभी सेवाओं से बहिष्कार किया जा चुका है।
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने एस्मा लगाया गया है। जिसकी वजह से प्रदेश के सभी कॉलेज में रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा सिर्फ इमरजेंसी में सेवाएं दी जा रही हैं।