{"_id":"5df7dcc28ebc3e87de7e0049","slug":"protest-etawha-news-knp532490286","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोक के बावजूद कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे लेखपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोक के बावजूद कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे लेखपाल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा। लेखपालों के आंदोलन पर प्रदेश सरकार ने निषिद्ध घोषित कर दिया है। इसके बावजूद सोमवार को कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी कार्यालय के पास लेखपालों ने प्रदर्शन किया। शाम तक हड़ताली लेखपालों के खिलाफ जिला प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की इटावा इकाई के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार यादव की अगुवाई में लेखपाल कलक्ट्रेट स्थित बरगद के पेड़ के नीचे धरने पर बैठे रहे। इस दौरान बीच बीच में नारेबाजी भी की जाती रही। जिलाध्यक्ष ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं हो जातीं हड़ताल और प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि 26 दिसंबर तक प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 27 दिसंबर को विधान सभा का घेराव करेंगे। इसके बाद आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। प्रदर्शन में पूर्व जिलाध्यक्ष गुरु प्रसाद चौधरी, अनिल कुमार यादव, महेंद्र सिंह, मनीष दुबे, राहुल चौबे, अवनीश कठेरिया, आदित्य यादव, आलोक सिंह, चांदनी जैन, सुजाता, रीतू, आकांक्षा, हिना खान आदि लेखपाल मौजूद रहे। जिलाधिकारी जेबी सिंह ने बताया कि शासन ने लेखपालों की हड़ताल को अवैध करार दिया है। हड़ताल करने वाले लेखपालों का वेतन काटा जाएगा। इस अवधि में उनकी सर्विस भी ब्रेक मानी जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि जो लेखपाल हड़ताल कर रहे हैं उनके खिलाफ शासन के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की इटावा इकाई के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार यादव की अगुवाई में लेखपाल कलक्ट्रेट स्थित बरगद के पेड़ के नीचे धरने पर बैठे रहे। इस दौरान बीच बीच में नारेबाजी भी की जाती रही। जिलाध्यक्ष ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं हो जातीं हड़ताल और प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि 26 दिसंबर तक प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 27 दिसंबर को विधान सभा का घेराव करेंगे। इसके बाद आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। प्रदर्शन में पूर्व जिलाध्यक्ष गुरु प्रसाद चौधरी, अनिल कुमार यादव, महेंद्र सिंह, मनीष दुबे, राहुल चौबे, अवनीश कठेरिया, आदित्य यादव, आलोक सिंह, चांदनी जैन, सुजाता, रीतू, आकांक्षा, हिना खान आदि लेखपाल मौजूद रहे। जिलाधिकारी जेबी सिंह ने बताया कि शासन ने लेखपालों की हड़ताल को अवैध करार दिया है। हड़ताल करने वाले लेखपालों का वेतन काटा जाएगा। इस अवधि में उनकी सर्विस भी ब्रेक मानी जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि जो लेखपाल हड़ताल कर रहे हैं उनके खिलाफ शासन के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन