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इष्टिकापुरी नाम करने का प्रस्ताव खारिज
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इटावा। जिला पंचायत ने इटावा का नाम बदलकर इष्टिकापुरी करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। बुधवार को हुई बैठक में नाम बदलने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए सपा के सदस्यों ने कहा कि सिर्फ नाम बदलने से कुछ नहीं होने वाला।
भाजपा सरकार अगर कुछ करना चाहती है तो जिले के विकास के बारे में सोचे। इटावा का नाम हमारे जीवन से जुुड़ा है। इसको बदलने का प्रस्ताव औचित्यहीन है।
उधर, बैठक में एक करोड़ 38 लाख 63 हजार 354 रुपये की बचत का बजट पारित किया गया। 15वें वित्त आयोग से 16 संपर्क मार्गों के निर्माण का शिलान्यास भी किया गया। विद्युत विभाग के किसी अधिकारी के बैठक में न पहुंचने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई गई।
जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक उर्फ अंशुल यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में विश्राम गृह का संचालन बंद करने समेत एक दर्जन प्रस्ताव स्वीकृत किए गए।
अपर मुख्य अधिकारी रामगोपाल ने बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2021-22 में कुल 63 करोड़ 86 लाख 82 हजार 938 रुपये की आय और 62 करोड़ 48 लाख 19 हजार 584 रुपये का व्यय का प्रावधान किया गया है।
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भरथना में जिला पंचायत की भूमि पर 54 दुकानें बनाकर नीलामी के माध्यम से फल, सब्जी और रेहड़ी वालों को आवंटित कर रोजगार से जोड़ने को मंजूरी दी गई।
इसके अलावा विकास खंड चकरनगर के ग्राम सहसों में निर्मित काजी हाउस का संचालन ग्राम पंचायत के सौंपने, जिला पंचायत कार्यालय में वित्तीय परामर्शदाता कक्ष में कप्यूटर प्रिंटर, इनवर्टर खरीदने सहित विकास खंड बढ़पुरा की कार्ययोजना, प्रधानमंत्री सड़क योजना के मार्गों के निर्माण, मनरेगा श्रम बजट 7554.24 लाख रुपये स्वीकृत करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुुमार राय ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने अपने विभागों की समस्याओं का निस्तारण कराएं। इसकी जानकारी संबंधित पंचायत सदस्य को जरूर दे दें।
बैठक में सांसद प्रतिनिधि मुकेश यादव, मुकुट सिंह शाक्य, सोनू, सचिन यादव, प्रेम सागर, मनोज यादव बंटी, सहित सभी सदस्यों ने भाग लिया।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने साधा निशाना
जिला पंचायत अध्यक्ष ने इटावा-ग्वालियर मार्ग पर यमुना पुल से लेकर चंबल पुल की सड़क की बदतर हालत को लेकर भाजपा सदर विधायक सरिता भदौरिया पर निशाना साधा और कहा कि विधायक का गांव उदी भी इसी हिस्से में आता है।
सपा की सरकार में इस मार्ग का निर्माण कराया गया था। पांच साल होने जा रहे, भाजपा की सरकार सड़क पर गड्ढे भी नहीं भरवा पाई है। सड़क पर गहरे गहरे गड्ढों के कारण हुई दुर्घटनाओं में कई लोग जान गंवा बैठे हैं।
करीब 50 से अधिक आसपास के लोग घायल हुए हैं। कांयछी में वन विभाग की एनओसी न मिलने से सड़क नहीं बन पा रही। उन्होंने सीडीओ का ध्यान भी इस समस्या की ओर ध्यान खींचा।
शासन के आदेश पर रखा गया था प्रस्ताव
इटावा की कराटे प्रशिक्षक रेनू गुप्ता ने इटावा का नाम बदलकर इष्टिकापुरी करने का पत्र राष्ट्रपति को भेजा था। राष्ट्रपति भवन से यह पत्र शासन में पहुंचा। शासन ने पत्र को डीएम को संदर्भित कर दिया।
शासन के संदर्भ पर ही नाम बदलने का प्रस्ताव रखा गया। जिसे जिला पंचायत ने सर्वसम्मति से खारिज कर दिया।
इन्होंने भी उठाए मुद्दे
जिला पंचायत सदस्य पंकज यादव ने बीना में जिला पंचायत की खाली पड़ी भूमि पर दुकानें बनवाने का सुझाव दिया। सैफई से डॉ. अरविंद यादव ने छुट्टा गोवंश की समस्या को प्रमुखता से उठाया और कहा कि छुट्टा गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं।
इनके कारण दुर्घटनाओं में लोग मर रहे हैं। छुट्टा गोवंश फसलें उजाड़ रहे हैं। सचिन यादव ने बढ़पुरा में केशोंपुर जादौपुर पंचायत के कुरट गांव में जल निगम द्वारा खोदकर डाली गई गलियों को सही न कराने का मसला उठाया।
जयप्रकाश ने महेवा-अछल्दा मार्ग पर अहेरीपुर के पास सड़क निर्माण न होने, अहेरीपुर अटसू मार्ग पर गड्ढे न भरने की शिकायत कती। पुष्कार सिंह ने ऊमरसेंडा रजबहा की सफाई ठीक से न होने से माइनर में खांदी कटने से फसलों में पानी भरने की शिकायत रखी।
दीपांशु गौतम ने कुअरा सूजीपुरा के बीच विद्युत लाइन को ठीक न करने पर बिजली विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। सत्येंद्र सिंह ने भरथना ऊसराहार और इटावा भरथना मार्ग पर खड़े बिलायती बबूल के कारण आवागमन में हो रही असुविधा का मामला उठाया।
ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि जितेंद्र दोहरे ने एनएच दो से सुनवर्सा तक और नगला फतेह संपर्क बनवाने की मांग रखी। सांसद प्रतिनिधि प्रदीप उर्फ बबलू शाक्य ने कहा कि यदि अधिकारी जनसमस्याओं पर ध्यान नहीं देंगे, तो उनके कार्यालयों के सामने धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
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भाजपा सरकार अगर कुछ करना चाहती है तो जिले के विकास के बारे में सोचे। इटावा का नाम हमारे जीवन से जुुड़ा है। इसको बदलने का प्रस्ताव औचित्यहीन है।
उधर, बैठक में एक करोड़ 38 लाख 63 हजार 354 रुपये की बचत का बजट पारित किया गया। 15वें वित्त आयोग से 16 संपर्क मार्गों के निर्माण का शिलान्यास भी किया गया। विद्युत विभाग के किसी अधिकारी के बैठक में न पहुंचने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई गई।
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जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक उर्फ अंशुल यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में विश्राम गृह का संचालन बंद करने समेत एक दर्जन प्रस्ताव स्वीकृत किए गए।
अपर मुख्य अधिकारी रामगोपाल ने बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2021-22 में कुल 63 करोड़ 86 लाख 82 हजार 938 रुपये की आय और 62 करोड़ 48 लाख 19 हजार 584 रुपये का व्यय का प्रावधान किया गया है।
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भरथना में जिला पंचायत की भूमि पर 54 दुकानें बनाकर नीलामी के माध्यम से फल, सब्जी और रेहड़ी वालों को आवंटित कर रोजगार से जोड़ने को मंजूरी दी गई।
इसके अलावा विकास खंड चकरनगर के ग्राम सहसों में निर्मित काजी हाउस का संचालन ग्राम पंचायत के सौंपने, जिला पंचायत कार्यालय में वित्तीय परामर्शदाता कक्ष में कप्यूटर प्रिंटर, इनवर्टर खरीदने सहित विकास खंड बढ़पुरा की कार्ययोजना, प्रधानमंत्री सड़क योजना के मार्गों के निर्माण, मनरेगा श्रम बजट 7554.24 लाख रुपये स्वीकृत करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुुमार राय ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने अपने विभागों की समस्याओं का निस्तारण कराएं। इसकी जानकारी संबंधित पंचायत सदस्य को जरूर दे दें।
बैठक में सांसद प्रतिनिधि मुकेश यादव, मुकुट सिंह शाक्य, सोनू, सचिन यादव, प्रेम सागर, मनोज यादव बंटी, सहित सभी सदस्यों ने भाग लिया।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने साधा निशाना
जिला पंचायत अध्यक्ष ने इटावा-ग्वालियर मार्ग पर यमुना पुल से लेकर चंबल पुल की सड़क की बदतर हालत को लेकर भाजपा सदर विधायक सरिता भदौरिया पर निशाना साधा और कहा कि विधायक का गांव उदी भी इसी हिस्से में आता है।
सपा की सरकार में इस मार्ग का निर्माण कराया गया था। पांच साल होने जा रहे, भाजपा की सरकार सड़क पर गड्ढे भी नहीं भरवा पाई है। सड़क पर गहरे गहरे गड्ढों के कारण हुई दुर्घटनाओं में कई लोग जान गंवा बैठे हैं।
करीब 50 से अधिक आसपास के लोग घायल हुए हैं। कांयछी में वन विभाग की एनओसी न मिलने से सड़क नहीं बन पा रही। उन्होंने सीडीओ का ध्यान भी इस समस्या की ओर ध्यान खींचा।
शासन के आदेश पर रखा गया था प्रस्ताव
इटावा की कराटे प्रशिक्षक रेनू गुप्ता ने इटावा का नाम बदलकर इष्टिकापुरी करने का पत्र राष्ट्रपति को भेजा था। राष्ट्रपति भवन से यह पत्र शासन में पहुंचा। शासन ने पत्र को डीएम को संदर्भित कर दिया।
शासन के संदर्भ पर ही नाम बदलने का प्रस्ताव रखा गया। जिसे जिला पंचायत ने सर्वसम्मति से खारिज कर दिया।
इन्होंने भी उठाए मुद्दे
जिला पंचायत सदस्य पंकज यादव ने बीना में जिला पंचायत की खाली पड़ी भूमि पर दुकानें बनवाने का सुझाव दिया। सैफई से डॉ. अरविंद यादव ने छुट्टा गोवंश की समस्या को प्रमुखता से उठाया और कहा कि छुट्टा गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं।
इनके कारण दुर्घटनाओं में लोग मर रहे हैं। छुट्टा गोवंश फसलें उजाड़ रहे हैं। सचिन यादव ने बढ़पुरा में केशोंपुर जादौपुर पंचायत के कुरट गांव में जल निगम द्वारा खोदकर डाली गई गलियों को सही न कराने का मसला उठाया।
जयप्रकाश ने महेवा-अछल्दा मार्ग पर अहेरीपुर के पास सड़क निर्माण न होने, अहेरीपुर अटसू मार्ग पर गड्ढे न भरने की शिकायत कती। पुष्कार सिंह ने ऊमरसेंडा रजबहा की सफाई ठीक से न होने से माइनर में खांदी कटने से फसलों में पानी भरने की शिकायत रखी।
दीपांशु गौतम ने कुअरा सूजीपुरा के बीच विद्युत लाइन को ठीक न करने पर बिजली विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। सत्येंद्र सिंह ने भरथना ऊसराहार और इटावा भरथना मार्ग पर खड़े बिलायती बबूल के कारण आवागमन में हो रही असुविधा का मामला उठाया।
ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि जितेंद्र दोहरे ने एनएच दो से सुनवर्सा तक और नगला फतेह संपर्क बनवाने की मांग रखी। सांसद प्रतिनिधि प्रदीप उर्फ बबलू शाक्य ने कहा कि यदि अधिकारी जनसमस्याओं पर ध्यान नहीं देंगे, तो उनके कार्यालयों के सामने धरना प्रदर्शन किया जाएगा।