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चुनावी समर का मजबूत प्लेटफार्म बन रहा है सोशल मीडिया
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इटावा। कोरोना के बढ़ते संक्रमण ने चुनाव लड़ने के तौर तरीके भी बदल दिए हैं। अब सोशल मीडिया प्लेटफार्म की मदद सभी दल चुनावी समर में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। अपनी बात हर मतदाता तक पहुंचाने के लिए प्रयास शुरू हैं। इसमें सबसे बड़ा हथियार फेसबुक माना जा रहा है। यूजर्स बढ़ाने के लिए समर्थकों को निर्देश दिए गए हैं।
छोटे-बड़े सभी दलों की आईटी सेल कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के लिए जोर-शोर से जुटी है। साइबर संसार के जरिए चुनावी समर में नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र की भी कड़ी जुड़ गई। क्षेत्र में सक्रिय विभिन्न संगठन और उनसे जुड़े सदस्य फेसबुक के जरिए वोटरों को प्रेरित कर रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा फेसबुक लाइव का प्रयोग हो रहा है। क्षेत्रवासियों से अमूल्य वोट सोच-समझकर देने के लिए संदेशों का युद्ध छेड़ रखा है। इसके अलावा अपने-अपने वीडियो बनाकर भी लोगों तक बात पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
अभी तक आयोग के निर्देश हैं कि 15 जनवरी तक कोई रैली, जनसभा, नुक्कड़ सभा आदि नहीं होगी। चुनाव के समय में होने वाली बड़ी जनसभाओं के माध्यम से अपनी बात रखने का मौका मिलता था। इस बार ऐसा होना संभव नहीं है। फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम वाटसएप ग्रुपों पर सिर्फ चुनावी चर्चा ही देखने को अधिक मिल रही है।
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छोटे-बड़े सभी दलों की आईटी सेल कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के लिए जोर-शोर से जुटी है। साइबर संसार के जरिए चुनावी समर में नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र की भी कड़ी जुड़ गई। क्षेत्र में सक्रिय विभिन्न संगठन और उनसे जुड़े सदस्य फेसबुक के जरिए वोटरों को प्रेरित कर रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा फेसबुक लाइव का प्रयोग हो रहा है। क्षेत्रवासियों से अमूल्य वोट सोच-समझकर देने के लिए संदेशों का युद्ध छेड़ रखा है। इसके अलावा अपने-अपने वीडियो बनाकर भी लोगों तक बात पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
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अभी तक आयोग के निर्देश हैं कि 15 जनवरी तक कोई रैली, जनसभा, नुक्कड़ सभा आदि नहीं होगी। चुनाव के समय में होने वाली बड़ी जनसभाओं के माध्यम से अपनी बात रखने का मौका मिलता था। इस बार ऐसा होना संभव नहीं है। फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम वाटसएप ग्रुपों पर सिर्फ चुनावी चर्चा ही देखने को अधिक मिल रही है।
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