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Etawah News: गर्भवतियों की जांच अब महीने में चार दिन होगी
Fri, 14 Apr 2023 12:57 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Fri, 14 Apr 2023 12:57 AM IST
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इटावा। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य हमेशा से ही चिंता का विषय बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग कार्यक्रमों के जरिए मातृ मृत्यु दर को कम कर गर्भवती एवं नवजात को स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन प्रदान करने पर जोर दे रहा है। इस दिशा में एक और पहल की गई है। अब महीने की एक, नौ, 16 और 24 को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस मनाया जाएगा। गर्भवतियों को अब यह सुविधा महीने में चार दिन मिलेगी।
यह बात सीएमओ डॉ. गीता राम ने बताया की अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं को चिह्नित करेगा। महिलाओं को जांच और इलाज में प्राथमिकता देने के साथ ही उनके लिए उपचार के विशेष प्रबंध भी किए जाएंगे।
एसीएमओ डॉ. बीएल संजय ने बताया कि विभिन्न कारणों से जोखिम गर्भावस्था मातृ-शिशु की मृत्यु का कारण बनती है। प्रसव पूर्व छोटी-बड़ी कई कमियों का सामने नहीं आ पाना इसकी प्रमुख वजह है। गर्भवती को उच्च रक्तचाप, गंभीर रक्ताल्पता, मधुमेह, दिल की बीमारी, क्षयरोग, मलेरिया आदि की स्थिति में जोखिम बना रहता है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य ऐसी महिलाओं को प्रसव पूर्व ही चिह्नित कर उपचार करना है, जिससे प्रसव के दौरान खतरनाक स्थिति न बने।
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जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता सीपी सिंह ने बताया कि जनपद की प्रथम संदर्भ इकाई (एफआरयू) मेडिकल कॉलेज, महिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अभियान चलाया जाएगा। इसमें द्वितीय व तृतीय त्रैमास की गर्भवती की जांच होगी। बताया कि महीने की एक,नौ, 16 और 24 तारीख को गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य केंद्र पर आकर जांच अवश्य कराएं।
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यह बात सीएमओ डॉ. गीता राम ने बताया की अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं को चिह्नित करेगा। महिलाओं को जांच और इलाज में प्राथमिकता देने के साथ ही उनके लिए उपचार के विशेष प्रबंध भी किए जाएंगे।
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एसीएमओ डॉ. बीएल संजय ने बताया कि विभिन्न कारणों से जोखिम गर्भावस्था मातृ-शिशु की मृत्यु का कारण बनती है। प्रसव पूर्व छोटी-बड़ी कई कमियों का सामने नहीं आ पाना इसकी प्रमुख वजह है। गर्भवती को उच्च रक्तचाप, गंभीर रक्ताल्पता, मधुमेह, दिल की बीमारी, क्षयरोग, मलेरिया आदि की स्थिति में जोखिम बना रहता है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य ऐसी महिलाओं को प्रसव पूर्व ही चिह्नित कर उपचार करना है, जिससे प्रसव के दौरान खतरनाक स्थिति न बने।
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जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता सीपी सिंह ने बताया कि जनपद की प्रथम संदर्भ इकाई (एफआरयू) मेडिकल कॉलेज, महिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अभियान चलाया जाएगा। इसमें द्वितीय व तृतीय त्रैमास की गर्भवती की जांच होगी। बताया कि महीने की एक,नौ, 16 और 24 तारीख को गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य केंद्र पर आकर जांच अवश्य कराएं।