{"_id":"5ddd74f88ebc3e54f87842a9","slug":"political-etawha-news-knp5283943198","type":"story","status":"publish","title_hn":"कठेरिया ने संसद में उठाया बेहमई पुल का मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कठेरिया ने संसद में उठाया बेहमई पुल का मामला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा। सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया ने मंगलवार को लोकसभा में बेहमई में यमुना नदी पर अधूरे पड़े पुल का मामला उठाया। उन्होंने सरकार से पुल के लिए अवशेष धनराशि जारी कर पुल निर्माण पूरा कराने की मांग की है।
सांसद ने सदन को बताया कि कानपुर देहात की सिंकदरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बेहमई गांव आता है। इस गांव से जालौन जिले को जोड़ने के लिए वर्ष 2009-10 में पुल स्वीकृत किया गया था। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से 53 करोड़ मंजूरी किए गए थे। इसमें से 49 करोड़ रुपये की पुल निर्माण के लिए जारी किए गए थे।
पुल के 29 पिलर बन चुके हैं। इसके बाद आईआईटी कानपुर की टीम ने सर्वे कर कानपुर देहात की ओर पांच और पिलर बढ़ाने की सलाह दी। दोनों तरफ एप्रोच रोड भी बननी है। इसमें करीब 17 करोड़ रुपये और खर्च आएगा। पिछली धनराशि में भी 4 करोड़ रुपये अवशेष हैं। सांसद ने सदन में सरकार से मांग की कि 21 करोड़ रुपये जल्द से जल्द जारी किए जाएं ताकि पुल का निर्माण कार्य पूरा हो सके। उन्होंने कहा कि ये पुल कानपुर देहात से जालौन जिले को सीधे जोड़ता है। पुल न होने से दोनों जिले के लोगों को 50 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है या नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सांसद ने सदन को बताया कि कानपुर देहात की सिंकदरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बेहमई गांव आता है। इस गांव से जालौन जिले को जोड़ने के लिए वर्ष 2009-10 में पुल स्वीकृत किया गया था। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से 53 करोड़ मंजूरी किए गए थे। इसमें से 49 करोड़ रुपये की पुल निर्माण के लिए जारी किए गए थे।
विज्ञापन
पुल के 29 पिलर बन चुके हैं। इसके बाद आईआईटी कानपुर की टीम ने सर्वे कर कानपुर देहात की ओर पांच और पिलर बढ़ाने की सलाह दी। दोनों तरफ एप्रोच रोड भी बननी है। इसमें करीब 17 करोड़ रुपये और खर्च आएगा। पिछली धनराशि में भी 4 करोड़ रुपये अवशेष हैं। सांसद ने सदन में सरकार से मांग की कि 21 करोड़ रुपये जल्द से जल्द जारी किए जाएं ताकि पुल का निर्माण कार्य पूरा हो सके। उन्होंने कहा कि ये पुल कानपुर देहात से जालौन जिले को सीधे जोड़ता है। पुल न होने से दोनों जिले के लोगों को 50 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है या नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
विज्ञापन