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परशुराम की जन्मभूमि तीर्थस्थल बने
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Sat, 04 Jul 2015 11:33 PM IST
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परशुराम जन्म भूमि संघर्ष समिति ने एलान किया कि जब तक भगवान परशुराम की जन्मभूमि को तीर्थ या पर्यटक स्थल घोषित नहीं किया जाता है तब तक समिति का आंदोलन जारी रहेगा।
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समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नवीन दुबे की अगवाई में शनिवार को वाहन जुलूस निकाला कर यह मांग की गई। शहर के मार्गों से गुजरता जुलूस कचहरी पहुंचा। यहां सिटी मजिस्ट्रेट ईश्वरचंद्र को ज्ञापन सौंपा।
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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार समिति का वाहन जलूस छैराहा स्थित बद्री प्रसाद धर्मशाला से शुरू हुआ। यहां से यह पचराहा, राजागंज, नगर पालिका चौराहा, पुरबिया टोला, पक्का तालाब होता हुआ कचहरी पहुंचा।
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पक्का तालाब पर जुलूस की अगवाई कर रहे समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री दुबे का कार्यकर्ताओं ने फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया। कचहरी पहुंचने पर श्री दुबे के नेतृत्व में समिति के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
इस दौरान समिति के उत्तर प्रदेश के मीडिया प्रभारी नीरज महेरे, केंद्रीय समिति के अध्यक्ष प्रदीप तिवारी एडवोकेट, सत्यम शर्मा, नरेश कुमार, अंशु दुबे, सुनील दुबे, कुलदीप, विपिन अवस्थी, सिंकी गुप्ता, जीतू दुबे, सोनू दुबे आदि तमाम युवा कार्यकर्ता शामिल रहे।