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तीन साल बाद भी पंचायत घर का निर्माण नहीं कराया पूरा
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इटावा। जसवंतनगर विकास खंड की ग्राम पंचायत मुहब्बतपुर जसोहन मेें पंचायत घर और सामुदायिक शौचालय का निर्माण अधूरा मिलने पर डीएम श्रुति सिंह ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
डीएम के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी बनवारी सिंह ने ग्राम पंचायत मुहब्बतपुर जसोहन में विकास कार्यों का निरीक्षण किया। वित्तीय वर्ष 2019-20 में ग्राम पंचायत में पंचायत भवन के निर्माण के लिए 17 लाख 48 हजार रुपये की धनराशि आवंटित की गई थी।
इसके बाद भी पंचायत भवन में बिजली की फिटिंग, पंखे, टाइल्स, खिड़की, दरवाजे पेंट का कार्य बाउंड्री और प्लास्टर का कार्य नहीं कराया गया। तीन साल बीतने के बाद भी कार्य अधूरा होना शासकीय धन का दुरुपयोग माना गया।
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इसी प्रकार सामुदायिक शौचालय में वाशबेसिन, यूरिनल पाट और सीट नहीं लगी मिली। सबमर्सिबल भी नहीं लगा है। शौचालय निर्माण में 3.47 लाख रुपये 15वें वित्त से तथा 46 हजार मनरेगा से भुगतान किया गया है। इसके बाद भी कार्य अधूरे हैं।
विकास कार्यों में अनियमितताओं की रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम श्रुति सिंह ने ग्राम प्रधान रितु चौहान और पंचायत सचिव अभिषेक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिन का समय दिया है। निर्धारित अवधि में संतोषजनक उत्तर न मिलने पर पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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डीएम के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी बनवारी सिंह ने ग्राम पंचायत मुहब्बतपुर जसोहन में विकास कार्यों का निरीक्षण किया। वित्तीय वर्ष 2019-20 में ग्राम पंचायत में पंचायत भवन के निर्माण के लिए 17 लाख 48 हजार रुपये की धनराशि आवंटित की गई थी।
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इसके बाद भी पंचायत भवन में बिजली की फिटिंग, पंखे, टाइल्स, खिड़की, दरवाजे पेंट का कार्य बाउंड्री और प्लास्टर का कार्य नहीं कराया गया। तीन साल बीतने के बाद भी कार्य अधूरा होना शासकीय धन का दुरुपयोग माना गया।
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इसी प्रकार सामुदायिक शौचालय में वाशबेसिन, यूरिनल पाट और सीट नहीं लगी मिली। सबमर्सिबल भी नहीं लगा है। शौचालय निर्माण में 3.47 लाख रुपये 15वें वित्त से तथा 46 हजार मनरेगा से भुगतान किया गया है। इसके बाद भी कार्य अधूरे हैं।
विकास कार्यों में अनियमितताओं की रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम श्रुति सिंह ने ग्राम प्रधान रितु चौहान और पंचायत सचिव अभिषेक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिन का समय दिया है। निर्धारित अवधि में संतोषजनक उत्तर न मिलने पर पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।