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आढ़त पर लगा धान का ढेर
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इटावा। धान की सरकारी खरीद शुरू होने में भले अभी नौ दिन का समय शेष हो, लेकिन बसरेहर रोड स्थित नई मंडी में धान के बंपर मात्रा में आने से मंडी में चारों ओर आढ़त की दुकानों के सामने धान के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं।
धान बेचने मंडी आए किसान मिलने वाले धान की कीमतों से लगभग खुश ही दिखाई पड़े हैं। हालांकि, उनकी चिंता पिछले दिनों हुई बारिश की वजह से धान के भीग जाने से कम कीमत मिलने की जरूर बनी हुई है।
इन दिनों मंडी में 1509, पी-10 और हाईब्रिड धान की वैराइटी ही आ रही है। आढ़त पर धान बेचने ग्राम मिलकिया से आए किसान संतोष यादव ने बताया कि वह करीब 50 क्विंटल 1509 वैराइटी धान बेचने आए हैं।
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आढ़त की बजाए सरकारी क्रय केंद्र पर धान नहीं बेचने के बारे में कहा कि हमेशा से आढ़त पर बेचते आए हैं। माल बिकते ही रकम मिल जाती है, लेकिन सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने पर कई तरह की परेशानियां आती हैं।
ग्राम गंगापुरा से आए किसान सतीश चंद्र ने बताया कि वह इस मौसम में पहली बार 15 क्विंटल धान बेचने आए हैं, जिसे बृहस्पतिवार को काटा था, जबकि खेतों में बारिश का पानी भरा होने की वजह से 1509 वैराइटी का धान की कटाई नहीं कर पा रहे हैं।
इस वजह से चिंता बनी हुई है कि धान की अच्छी कीमत मिल पाएगी या नहीं। उधर, ग्राम नगला धोकल से आए किसान मोहर सिंह ने बताया 30 क्विंटल धान बेचने आए हैं।
बारिश होने पर धान भीगा नहीं। फिर भी धूप और हवा लगाने के बाद बेचने आए हैं, जिससे की नमी न रहे और भाव भी अच्छा मिल सके। पिछले साल की अपेक्षा अच्छी कीमत मिली।
सभी आढ़तियों के लगे धान के ढेर
उप्र व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला उपाध्यक्ष व आढ़ती सतीश चंद्र के अनुसार, नई मंडी में धान की आमद शुरू हुए 20 दिन हो चुके हैं। मंडी में करीब चार सैकड़ा आढ़ती हैं। लगभग सभी आढ़त के सामने धान के ढेर लगे हुए हैं।
रोजाना धान के लगभग 40 हजार बोरा उतर रहे हैं। बताया कि पिछले साल की अपेक्षा किसानों को धान की अच्छी कीमत मिल रही है। पिछले साल 1509 की वैराइटी 15 से 16 रुपये में बिकी।
इस बार 26 सौ रुपये है, जबकि पी-10 की वैराइटी 3 हजार व हाईब्रिड वैराइटी 13 से 14 सौ रुपये है। रकवा कम होने से इस बार कीमत कम है।
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धान बेचने मंडी आए किसान मिलने वाले धान की कीमतों से लगभग खुश ही दिखाई पड़े हैं। हालांकि, उनकी चिंता पिछले दिनों हुई बारिश की वजह से धान के भीग जाने से कम कीमत मिलने की जरूर बनी हुई है।
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इन दिनों मंडी में 1509, पी-10 और हाईब्रिड धान की वैराइटी ही आ रही है। आढ़त पर धान बेचने ग्राम मिलकिया से आए किसान संतोष यादव ने बताया कि वह करीब 50 क्विंटल 1509 वैराइटी धान बेचने आए हैं।
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आढ़त की बजाए सरकारी क्रय केंद्र पर धान नहीं बेचने के बारे में कहा कि हमेशा से आढ़त पर बेचते आए हैं। माल बिकते ही रकम मिल जाती है, लेकिन सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने पर कई तरह की परेशानियां आती हैं।
ग्राम गंगापुरा से आए किसान सतीश चंद्र ने बताया कि वह इस मौसम में पहली बार 15 क्विंटल धान बेचने आए हैं, जिसे बृहस्पतिवार को काटा था, जबकि खेतों में बारिश का पानी भरा होने की वजह से 1509 वैराइटी का धान की कटाई नहीं कर पा रहे हैं।
इस वजह से चिंता बनी हुई है कि धान की अच्छी कीमत मिल पाएगी या नहीं। उधर, ग्राम नगला धोकल से आए किसान मोहर सिंह ने बताया 30 क्विंटल धान बेचने आए हैं।
बारिश होने पर धान भीगा नहीं। फिर भी धूप और हवा लगाने के बाद बेचने आए हैं, जिससे की नमी न रहे और भाव भी अच्छा मिल सके। पिछले साल की अपेक्षा अच्छी कीमत मिली।
सभी आढ़तियों के लगे धान के ढेर
उप्र व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला उपाध्यक्ष व आढ़ती सतीश चंद्र के अनुसार, नई मंडी में धान की आमद शुरू हुए 20 दिन हो चुके हैं। मंडी में करीब चार सैकड़ा आढ़ती हैं। लगभग सभी आढ़त के सामने धान के ढेर लगे हुए हैं।
रोजाना धान के लगभग 40 हजार बोरा उतर रहे हैं। बताया कि पिछले साल की अपेक्षा किसानों को धान की अच्छी कीमत मिल रही है। पिछले साल 1509 की वैराइटी 15 से 16 रुपये में बिकी।
इस बार 26 सौ रुपये है, जबकि पी-10 की वैराइटी 3 हजार व हाईब्रिड वैराइटी 13 से 14 सौ रुपये है। रकवा कम होने से इस बार कीमत कम है।