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इटावा : सावधान, पुलिस बनकर घूम रहे बाइक सवार लुटेरे
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इटावा। सावधान रहें, जिले में लुटेरे पुलिस बनकर घूम रहे हैं। बाइक सवार ये लुटेरे दो महीने में चार वारदात को अंजाम दे चुके हैं। लुटेरे खुद को पुलिस बताकर सीधे साधे लोगों को नियमों का पालन न करने या सतर्कता का हवाला देकर धौंस दिखाकर नकदी, जेवर लूट लेते हैं। अगर बिना वर्दी वाला कोई व्यक्ति खुद को पुलिस बताकर रौब दिखाए तो उसके झांसे में न आएं। थाने पर चलकर तलाशी देने की बात करें, फिर भी न मानें तो 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दें। स्पेशल फोर्स के अलावा अन्य पुलिसकर्मियों को बिना वर्दी किसी से राह चलते पूछताछ करने का अधिकारी नहीं होता है। बावर्दी पुलिसकर्मी को भी किसी नागरिका के साथ अभद्र व्यवहार अधिकार नहीं है।
केस एक: 13 जून को चौबिया थाना क्षेत्र के नग्ला बने निवासी विमलेश कुमार साले की शादी के लिए बैंड करने इकदिल गए थे। दतावली नहर पुल पर
दोपहर तीन बजे दो बाइक सवारों ने उन्हें रोक लिया। बाइक चला रहा युवक वर्दी पहने था। उसने विमलेश को धमकाया और दूसरे युवक ने जेब से 11 हजार रुपये निकाले और दो अंगूठी उतरवा ली थीं।
केस दो: 28 जून को चितभवन निवासी सुधा मायके चौबिया थाने के मुगलपुरा आईं थी। दोपहर तीन बजे नवलपुरा गांव एक साल के बेटे को लेकर पैदल चलकर जा रहीं थीं। समथर की ओर से बुलेट पर आए दो युवकों ने रोक लिया था। खुद को क्राइम ब्रांच का सिपाही बताकर खुले में जेवर पहनकर न जाने की हिदायत दी। एक लिफाफा देकर उसमें गहने रखे। महिला को दूसरा लिफाफा पकड़ाकर जेवर ले उडे़। महिला ने तहरीर नहीं दी गई थी।
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केस तीन : चार जुलाई को फिरोजाबाद जिले के थाना मोहम्मदपुर बसई के गढ़ीतिवारी गांव के बहादुर सिंह पत्नी अंजली के साथ बलरई क्षेत्र के फकीरे की मड़ैया आए थे। बहोरीपुर गांव के सामने बाइक सवार दो बदमाशों ने रोक लिया। खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए बाइक की चाबी निकाल ली। बहादुर की पत्नी अंगूरी देवी के कानों से कुंडल व हाथों से दो अंगूठी उतरवाई और 15 हजार रुपये छीन ले भी गए थे। पीड़ित ने तहरीर नहीं दी थी।
केस चार : 31 जुलाई शाम को काम करके घर लौट रहे राजमिस्त्री रमेशचंद्र निवासी परमधाम को सिविल लाइंस रोड पर बुलेट सवार दो बदमाशों ने रोक लिया था। उन्हें खुद को सिपाही बताते हुए हेलमेट न लगाने की बात कहकर धमकाना शुरू कर दिया था। इसके बाद तलाशी लेने के नाम पर जेब से साढ़े छह हजार रुपये निकाल ले गए थे। पीड़ित ने सोमवार को एसएसपी से शिकायत की।
बिना वर्दी के नहीं घूमती पुलिस
एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने कहा कि बिना वर्दी के स्पेशल फोर्स और विषम परिस्थितियों में चिह्नित पुलिसकर्मियों को ही ऑनड्यूटी घूमने की अनुमति होती है। अगर किसी को कोई बिना वर्दी वादा व्यक्ति रोककर पुलिस बताए तो उसके झांसे में न आएं। तलाशी तो बिल्कुल न लेने दें। इसकी सूचना करीबी थाने या 112 नंबर पर दें। पुलिस जागरूक करने के लिए भी वर्दी में ही जाती है। जिले के लोगों से अपील है कि धोखा न खाएं। खुद को पुलिस बताकर टप्पेबाजी और लूट करने वालों की तलाश की जा रही है।
बिना वर्दी रोकने पर पूछ सकते हैं परिचय
वरिष्ठ अधिवक्ता बृजेंद्र गुप्ता ने बताया कि पुलिस को जांच पड़ताल करने का अधिकार है। पुलिस सामान्य रूप से व्यक्ति को रोककर जांच पड़ताल तो कर सकती है पर बदसलूकी या मारपीट नहीं कर सकती है। सामान्य परिस्थिति में बिना वर्दी के पुलिस वाले बताकर रोकने वालों से उनका परिचय पूछने का जनता को अधिकार है। शंका होने पर तत्काल संबंधित थाने की पुलिस को अवगत कराना चाहिए।
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केस एक: 13 जून को चौबिया थाना क्षेत्र के नग्ला बने निवासी विमलेश कुमार साले की शादी के लिए बैंड करने इकदिल गए थे। दतावली नहर पुल पर
दोपहर तीन बजे दो बाइक सवारों ने उन्हें रोक लिया। बाइक चला रहा युवक वर्दी पहने था। उसने विमलेश को धमकाया और दूसरे युवक ने जेब से 11 हजार रुपये निकाले और दो अंगूठी उतरवा ली थीं।
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केस दो: 28 जून को चितभवन निवासी सुधा मायके चौबिया थाने के मुगलपुरा आईं थी। दोपहर तीन बजे नवलपुरा गांव एक साल के बेटे को लेकर पैदल चलकर जा रहीं थीं। समथर की ओर से बुलेट पर आए दो युवकों ने रोक लिया था। खुद को क्राइम ब्रांच का सिपाही बताकर खुले में जेवर पहनकर न जाने की हिदायत दी। एक लिफाफा देकर उसमें गहने रखे। महिला को दूसरा लिफाफा पकड़ाकर जेवर ले उडे़। महिला ने तहरीर नहीं दी गई थी।
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केस तीन : चार जुलाई को फिरोजाबाद जिले के थाना मोहम्मदपुर बसई के गढ़ीतिवारी गांव के बहादुर सिंह पत्नी अंजली के साथ बलरई क्षेत्र के फकीरे की मड़ैया आए थे। बहोरीपुर गांव के सामने बाइक सवार दो बदमाशों ने रोक लिया। खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए बाइक की चाबी निकाल ली। बहादुर की पत्नी अंगूरी देवी के कानों से कुंडल व हाथों से दो अंगूठी उतरवाई और 15 हजार रुपये छीन ले भी गए थे। पीड़ित ने तहरीर नहीं दी थी।
केस चार : 31 जुलाई शाम को काम करके घर लौट रहे राजमिस्त्री रमेशचंद्र निवासी परमधाम को सिविल लाइंस रोड पर बुलेट सवार दो बदमाशों ने रोक लिया था। उन्हें खुद को सिपाही बताते हुए हेलमेट न लगाने की बात कहकर धमकाना शुरू कर दिया था। इसके बाद तलाशी लेने के नाम पर जेब से साढ़े छह हजार रुपये निकाल ले गए थे। पीड़ित ने सोमवार को एसएसपी से शिकायत की।
बिना वर्दी के नहीं घूमती पुलिस
एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने कहा कि बिना वर्दी के स्पेशल फोर्स और विषम परिस्थितियों में चिह्नित पुलिसकर्मियों को ही ऑनड्यूटी घूमने की अनुमति होती है। अगर किसी को कोई बिना वर्दी वादा व्यक्ति रोककर पुलिस बताए तो उसके झांसे में न आएं। तलाशी तो बिल्कुल न लेने दें। इसकी सूचना करीबी थाने या 112 नंबर पर दें। पुलिस जागरूक करने के लिए भी वर्दी में ही जाती है। जिले के लोगों से अपील है कि धोखा न खाएं। खुद को पुलिस बताकर टप्पेबाजी और लूट करने वालों की तलाश की जा रही है।
बिना वर्दी रोकने पर पूछ सकते हैं परिचय
वरिष्ठ अधिवक्ता बृजेंद्र गुप्ता ने बताया कि पुलिस को जांच पड़ताल करने का अधिकार है। पुलिस सामान्य रूप से व्यक्ति को रोककर जांच पड़ताल तो कर सकती है पर बदसलूकी या मारपीट नहीं कर सकती है। सामान्य परिस्थिति में बिना वर्दी के पुलिस वाले बताकर रोकने वालों से उनका परिचय पूछने का जनता को अधिकार है। शंका होने पर तत्काल संबंधित थाने की पुलिस को अवगत कराना चाहिए।