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446 किसान ही होंगे मुआवजे के हकदार

Mon, 07 Nov 2022 12:06 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 07 Nov 2022 12:06 AM IST
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only 446 farmers will get beema claim
इटावा। सितंबर और अक्तूबर में हुई बारिश से फसलों को जबरदस्त नुकसान हुआ। बीमा कराने वाले किसानों को उम्मीद थी कि मुआवजा से उनके जख्म पर मरहम लगेगा, लेकिन बीमा कंपनी के जिम्मेदारों का कहना है कि क्रॉप कटिंग और सर्वे के आधार पर सिर्फ 446 किसान ही इस दायरे में आए हैं। तीन करोड़ का भारी भरकम प्रीमियम वसूलने वाली कंपनी इन किसानों को 67 लाख रुपये मुआवजा देगी। ऐसे में बीमा कराने वाले अन्य 11,869 अन्नदाताओं के हाथ निराशा लगी है।
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खरीफ सीजन में बाजरा, धान, मक्का और अरहर अधिसूचित फसलें थीं। 12,315 किसानों ने सोंपो यूनिवर्सल जनरल इंश्योरेंस कंपनी से कुल 8878 हेक्टेयर क्षेत्रफल की फसलों का बीमा कराया था। बीमित राशि 59.89 करोड़ रुपये थी।
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इन किसानों से फसल बीमा के एवज में एक करोड़ 19 लाख 79 हजार रुपये बतौर प्रीमियम वसूले गए। केंद्र और राज्य सरकार ने अपने हिस्से से एक करोड़ 85 लाख पांच हजार 608 रुपये बीमा कंपनी को दिए। इस तरह तीन करोड़ चार लाख रुपये प्रीमियम वसूला गया।
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सितंबर और अक्तूबर में हुई बारिश से खेतों में पानी भरने के कारण किसान दूसरी फसलें भी समय से नहीं कर पाए। अभी भी धान के खेतों में बारिश का पानी भरा है। लेकिन जब किसानों को उनका हक देने की बारी आई तो, कंपनी ने सर्वे और क्रॉप कटिंग को आधार बताकर खेल कर दिया। हजारों किसान मुआवजे से वंचित रहेंगे। 446 के खाते में 20 नवंबर तक राशि पहुंचने की उम्मीद है।
रबी सीजन में 13,000 में 843 किसानों को थमाया था झुनझुना
रबी सीजन में भी अतिवृष्टि के कारण बड़ी संख्या में किसानों की फसलों को नुकसान हुआ था। तब बीमा कंपनी ने किसानों को मुआवजे के नाम पर झुनझुना थमा दिया था। किसी किसान को 101 रुपये तो किसी को 112 रुपये दिए गए थे जबकि इन किसानों से करीब 12-12 हजार रुपये प्रीमियम के तौर पर लिए गए थे। रबी सीजन में 13,085 किसान बीमित थे, इनमें से 843 को ही मुआवजा मिल सका था। इनमें 127 किसान ऐसे सामने आए थे, जिन्हें मुआवजे के तौर पर 500 रुपये से भी कम दिए गए थे। तब बीमा कंपनी की ओर से करीब 52 लाख का मुआवजा वितरित हुआ था, जबकि प्रीमियम के तौर पर 3.11 करोड़ रुपये वसूले गए थे।

बीमा कंपनी के साथ ही लेखपाल भी सर्वे करते हैं। क्रॉप कटिंग के आधार पर जो नुकसान बनता है उसका मुआवजा दिया जाता है। खरीफ सीजन में सिर्फ 446 किसानों की ही फसलों को नुकसान हुआ है। इन्हें मुआवजा दिया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलने वाला अंशदान अभी तक नहीं मिला है। उम्मीद है कि आठ-दस दिन में यह मिल जाएगा। 67 लाख रुपये इस बार वितरित होंगे। - प्रशांत शर्मा, जिला समन्वयक, सोंपो यूनिवर्सल जनरल इंश्योरेंश कंपनी।
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