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Etawah News: दूध में फैट कम मिलने पर मिलावटखोर को एक साल की सजा
Sun, 18 Oct 2026 12:48 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Sun, 18 Oct 2026 12:48 AM IST
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इटावा। दूध में फैट की मात्रा कम मिलने के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या एक ने आरोपी को एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने वर्ष 2011 में इकदिल थाना क्षेत्र के मानिकपुर विसू निवासी केवल सिंह पाल से दूध का नमूना लिया था। वह शहर के कोतवाली क्षेत्र में चौधरी पेट्रोल पंप के पास बिक्री के लिए दूध लेकर जा रहा था। नमूने को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया, जहां दूध में फैट की मात्रा निर्धारित मानक से काफी कम पाई गई।
जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने 18 मई 2011 को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या एक में परिवाद दायर किया था। मामले में वर्तमान में तैनात खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवि भान सिंह और एपीओ राजेश शुक्ला ने न्यायालय में पैरवी की। मामले की सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शशि कुमार ने केवल सिंह पाल को खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 के तहत दोषी ठहराते हुए एक साल के कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। (संवाद)
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने वर्ष 2011 में इकदिल थाना क्षेत्र के मानिकपुर विसू निवासी केवल सिंह पाल से दूध का नमूना लिया था। वह शहर के कोतवाली क्षेत्र में चौधरी पेट्रोल पंप के पास बिक्री के लिए दूध लेकर जा रहा था। नमूने को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया, जहां दूध में फैट की मात्रा निर्धारित मानक से काफी कम पाई गई।
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जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने 18 मई 2011 को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या एक में परिवाद दायर किया था। मामले में वर्तमान में तैनात खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवि भान सिंह और एपीओ राजेश शुक्ला ने न्यायालय में पैरवी की। मामले की सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शशि कुमार ने केवल सिंह पाल को खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 के तहत दोषी ठहराते हुए एक साल के कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। (संवाद)
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