{"_id":"6556633fed17f6c1a80363c4","slug":"one-sentenced-to-five-years-and-three-to-three-years-for-assault-and-robbery-with-college-manager-etawha-news-c-216-1-etw1002-5266-2023-11-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: कालेज प्रबंधक से मारपीट व लूट में एक को पांच साल व तीन को 3-3 साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: कालेज प्रबंधक से मारपीट व लूट में एक को पांच साल व तीन को 3-3 साल की सजा
Fri, 17 Nov 2023 12:15 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Fri, 17 Nov 2023 12:15 AM IST
विज्ञापन
इटावा। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम पारुल श्रीवास्तव ने कालेज के प्रबंधक के कार्यालय में घुसकर मारपीट करने व अलमारी से दस हजार रुपये लूटने के 11 साल पुराने मामले की सुनवाई करते हुए एक आरोपी को लूट का दोषी पाया। उसे पांच साल की सजा सुनाई। तीन अन्य आरोपियों को मारपीट का दोषी पाया और उन्हें तीन तीन साल की सजा दी।
विशेष लोक अभियोजक गौरव दीक्षित ने बताया कि ऊमरसेंडा भरथना में स्थित मां मथुना देवी जूनियर हाई स्कूल के प्रबंधक मेध सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि वह एक नवंबर 2012 को सुबह अपेन कार्यालय में बैठे थे। तभी गांव के देवजीत वीरेंद्र सत्येंद्र व तुला राम उसके कार्यालय में घुस आए। देवजीत के हाथ मे लाइसेंसी बंदूक व अन्य के हाथों में डंडे व तमंचा थे। उक्त लोगों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। उक्त लोगों ने कागजात फाड़ दिए और अलमारी में रखे दस हजार रुपये भी लूट लिए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने पिलस ने चारों के खिलाफ लूट व कार्यालय में घुसकर मारपीट करने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। बाद में छानबीन के बाद पुलिस ने चारों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिए।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम की कोर्ट में हुई। साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने वीरेंद्र को लूट का दोषी पाया। उसे पांच साल की सजा व चार हजार का जुर्माना लगाया। देवजीत सत्येंद्र व तुलाराम को कार्यालय में घुसकर मारपीट का दोषी पाते हुए तीन-तीन साल की सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विशेष लोक अभियोजक गौरव दीक्षित ने बताया कि ऊमरसेंडा भरथना में स्थित मां मथुना देवी जूनियर हाई स्कूल के प्रबंधक मेध सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि वह एक नवंबर 2012 को सुबह अपेन कार्यालय में बैठे थे। तभी गांव के देवजीत वीरेंद्र सत्येंद्र व तुला राम उसके कार्यालय में घुस आए। देवजीत के हाथ मे लाइसेंसी बंदूक व अन्य के हाथों में डंडे व तमंचा थे। उक्त लोगों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। उक्त लोगों ने कागजात फाड़ दिए और अलमारी में रखे दस हजार रुपये भी लूट लिए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने पिलस ने चारों के खिलाफ लूट व कार्यालय में घुसकर मारपीट करने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। बाद में छानबीन के बाद पुलिस ने चारों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिए।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम की कोर्ट में हुई। साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने वीरेंद्र को लूट का दोषी पाया। उसे पांच साल की सजा व चार हजार का जुर्माना लगाया। देवजीत सत्येंद्र व तुलाराम को कार्यालय में घुसकर मारपीट का दोषी पाते हुए तीन-तीन साल की सजा सुनाई।
विज्ञापन