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अब रबी फसल के बीमा क्लेम को तरस रहे किसान

Wed, 13 May 2015 11:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Wed, 13 May 2015 11:43 PM IST
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Now rabi crop insurance claims are craving farmer

फसल बीमा को लेकर कोर्ट के सख्त रुख के बावजूद किसानों का भला नहीं हो रहा है। एचडीएफसी एग्रो बीमा कंपनी ने पहले खरीफ का क्लेम देने में काफी देरी की और अब रबी का क्लेम अटका पड़ा है।

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जिले में कंपनी का कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं रहता। ऐसे में किसानाें की तकलीफ सुनने वाला भी यहां कोई नहीं है जबकि खुद बीमा कंपनी और कृषि विभाग ने बतौर क्षतिपूर्ति करीब पौने दो करोड़ रुपये देने का फौरी आकलन किया है। अभी भी सभी बीमित किसानों का भुगतान नहीं हुआ है।
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गौरतलब है कि एक निर्धारित अवधि में बैंक से ऋण लेने वाले किसानों को फसल बीमा का लाभ दिया जाता है। इसके एवज में उनके लोन से प्रीमियम राशि काट ली जाती है। किसानों का कहना है कि बीमा कंपनी एचडीएफसी एग्रो प्रीमियम राशि तो ले लेती है लेकिन नुकसान होने पर समय से भुगतान नहीं करती।
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खरीफ में धान और बाजरा की फसल सूखे की चपेट में आई थी। कंपनी ने तब जाकर किसानों को मुआवजा दिया, जब कानपुर मंडलायुक्त ने तीखे तेवर दिखाए और ‘अमर उजाला’ ने बीमा क्लेम को लेकर कंपनी के गैर जिम्मेदाराना रवैए को प्रमुखता से प्रकाशित किया। तब भी खरीफ का बीमा क्लेम जिले में किसानों को करीब छह महीने बाद नसीब हो पाया था।


अब रबी फसल के बीमा क्लेम का मसला सामने है। चूंकि अतिवृष्टि और ओलावृष्टि की वजह से गेहूं और आलू की फसल बर्बाद हुई है। लिहाजा शासन ने आर्थिक मदद देने के लिए जो सर्वे कराया। उसमें बीमा कंपनी के प्रतिनिधि भी शामिल रहे। जिले की कुल 420 ग्राम पंचायतों में हुई क्षति का आकलन किया गया।

इसमें 213 ग्राम पंचायतों में 50 प्रतिशत से अधिक का नुकसान होना पाया गया। अब इस आधार पर फसल बीमा से आच्छादित पीड़ित किसानों को क्लेम मिल जाना चाहिए लेकिन अभी तक सभी फसल बीमा धारक किसानोें को क्लेम नहीं मिला है।

रबी फसल बीमा एक नजर में
जिले में रबी फसल के लिए करीब 8700 किसानों का फसल बीमा हुआ है जिसकी बीमित धनराशि करीब 27 करोड़ रुपये है। इसमें से 59,60,299 रुपये बीमा कंपनी ने बतौर प्रीमियम किसानों के लोन की रकम से वसूल किए हैं।

213 ग्राम पंचायतों में 50 प्रतिशत से अधिक का नुकसान का आकलन किया गया है। यानि बीमित राशि के अनुसार क्षति का आंकलन करने पर बीमा योजना से आच्छादित किसानों को 1,71,16,071 रुपये  का भुगतान किया जाना है, लेकिन किसानों को अभी तक क्लेम नहीं मिला है।

अभी 45 लाख रुपया बंटा
फसल बीमा के नोडल अधिकारी/ उप कृषि निदेशक एसके सिंह ने बताया कि बीमा क्लेम का भुगतान करने को लेकर उन्होंने गत 24 अप्रैल माह में बीमा कंपनी के प्रबंधक सुमित सत्येन को पत्र लिखा है। इसमें गेहूं व आलू फसल को मिलाकर अनुमानित करीब 1.71 करोड़ रुपये संबंधित बैंकों को उपलब्ध कराने को कहा गया है।


फिलहाल 45 लाख रुपया ही मिला है। जो 2522 किसानों के खातों में पहुंचाया गया है। तीन बैंकों से जुड़े किसानों का भुगतान अभी होना है। फिलहाल नुकसान का 25 प्रतिशत भुगतान किया जा रहा है। क्रॉप कटिंग के बाद क्षतिपूर्ति का फाइनल आंकलन होगा। नुकसान का आकलन पौने दो करोड़ रुपये से बढ़ भी सकता है।


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