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किसानों के लिए खुशखबरी, बिना खर्चे सिंचाई के लिए लगवाएं सोलर पंप
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कम बारिश, महंगे डीजल के चलते नलकूप के खर्च से जूझ रहे किसानों के लिए खुशखबरी है। अब किसान सूर्य भगवान के आशीर्वाद से बिना खर्चे के सिंचाई कर सकते हैं। दरअसल, प्रधानमंत्री कुुसुम योजना के अंतर्गत जिले में 130 सोलर पंप सेट लगवाए जाने हैं।
इसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। योजना में किसान अनुदान पर दो और तीन हार्सपावर का सोलर पंप सेट लगवा सकते हैं।
जिले की अधिकांश कृषि योग्य भूमि नहर अथवा नलकूप की सिंचाई पर निर्भर है। विगत सालों में बारिश कम होने के कारण नहरों में पानी की उपलब्धता निरंतर कम होती जा रही है।
इस कारण किसान डीजल चलित पंपसेट का प्रयोग कर रहे हैं। डीजल में लगातार हो रही मूल्य वृद्धि के चलते कृषि की लागत में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसी स्थिति में वैकल्पिक उर्जा स्त्रोतों के रूप में सोलर पंप से सिंचाई व्यवस्था किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही है।
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जनपद के उन क्षेत्रों में जहां भूगर्भीय जल 10 मीटर से 70 मीटर तक की गहराई पर है। वहां पर सोलर फोटो वोल्टेइक पंप के सरफेस एवं सबमर्सिबल पंप भलीभांति काम करते हैं।
यह योजना किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुई है। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान एग्रीकल्चर विभाग की साइट पर जाकर आनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
इस योजना का उद्देश्य सोलर पंपों को स्थापित कर सिंचाई लागत को कम करना, व्यवधान मुक्त सिंचाई संसाधन की उपलब्धता इसका प्रमुख उद्देश्य है। यह एक बार लागत के बाद खर्च रहित सिंचाई का साधन है।
उप कृषि निदेशक एके सिंह ने बताया कि दो एचपी एसी पंप चार इंच व्यास का होगा। 22 फिट से पानी उठाने की क्षमता होगी। इसके लिए किसान को 49411 रुपये का डीडी जमा करना होगा। इस तरह के 20 पंप स्थापित होंगे।
दो एचपीडीसी चार इंच व्यास के पंप के लिए 49442 रुपये जमा होंगे। इसका लक्ष्य पांच पंप का है। तीन एचपी एसी छह इंच व्यास होगा। 100 फिट तक पानी की क्षमता होगी। इसके लिए 66223 रुपये जमा होंगे। तीन एचपी डीसी के लिए 67748 रुपये जमा होंगे।
इच्छुक किसान, मत्स्य पालक, सब्जी उत्पादक पहले बैंक ड्राफ्ट लाओ, पहले सोलर पंप पाओ के सिद्धांत पर चयनित किए जाएंगे। इसके लिए विकास खंडों के राजकीय कृषि एवं बीज भंडार के प्रभारी अथवा सहायक विकास अधिकारी कृषि अथवा उपकृषि निदेशक कार्यालय से अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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इसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। योजना में किसान अनुदान पर दो और तीन हार्सपावर का सोलर पंप सेट लगवा सकते हैं।
जिले की अधिकांश कृषि योग्य भूमि नहर अथवा नलकूप की सिंचाई पर निर्भर है। विगत सालों में बारिश कम होने के कारण नहरों में पानी की उपलब्धता निरंतर कम होती जा रही है।
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इस कारण किसान डीजल चलित पंपसेट का प्रयोग कर रहे हैं। डीजल में लगातार हो रही मूल्य वृद्धि के चलते कृषि की लागत में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसी स्थिति में वैकल्पिक उर्जा स्त्रोतों के रूप में सोलर पंप से सिंचाई व्यवस्था किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही है।
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जनपद के उन क्षेत्रों में जहां भूगर्भीय जल 10 मीटर से 70 मीटर तक की गहराई पर है। वहां पर सोलर फोटो वोल्टेइक पंप के सरफेस एवं सबमर्सिबल पंप भलीभांति काम करते हैं।
यह योजना किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुई है। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान एग्रीकल्चर विभाग की साइट पर जाकर आनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
इस योजना का उद्देश्य सोलर पंपों को स्थापित कर सिंचाई लागत को कम करना, व्यवधान मुक्त सिंचाई संसाधन की उपलब्धता इसका प्रमुख उद्देश्य है। यह एक बार लागत के बाद खर्च रहित सिंचाई का साधन है।
उप कृषि निदेशक एके सिंह ने बताया कि दो एचपी एसी पंप चार इंच व्यास का होगा। 22 फिट से पानी उठाने की क्षमता होगी। इसके लिए किसान को 49411 रुपये का डीडी जमा करना होगा। इस तरह के 20 पंप स्थापित होंगे।
दो एचपीडीसी चार इंच व्यास के पंप के लिए 49442 रुपये जमा होंगे। इसका लक्ष्य पांच पंप का है। तीन एचपी एसी छह इंच व्यास होगा। 100 फिट तक पानी की क्षमता होगी। इसके लिए 66223 रुपये जमा होंगे। तीन एचपी डीसी के लिए 67748 रुपये जमा होंगे।
इच्छुक किसान, मत्स्य पालक, सब्जी उत्पादक पहले बैंक ड्राफ्ट लाओ, पहले सोलर पंप पाओ के सिद्धांत पर चयनित किए जाएंगे। इसके लिए विकास खंडों के राजकीय कृषि एवं बीज भंडार के प्रभारी अथवा सहायक विकास अधिकारी कृषि अथवा उपकृषि निदेशक कार्यालय से अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।