फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Not to charge the policemen's salary withheld

चार्ज न देने पर पुलिस कर्मियों का वेतन रोका

Tue, 14 Jul 2015 11:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Tue, 14 Jul 2015 11:31 PM IST
विज्ञापन
Not to charge the policemen's salary withheld

चार्ज न देने वाले पुलिस कर्मियों का वेतन रोकने का एसएसपी मंजिल सैनी ने आदेश दिया है। साथ ही ज्वाइन न करने वालों पर भी नाराजगी जताई।

विज्ञापन


मंगलवार को पुलिस लाइन के मीटिंग हॉल में हेडमोहर्रिर, मालखाना मोहर्रिर, पैरोकार, सदर मालखाना व सदर हवालात के सभी कर्मचारियों की बैठक की। इस दौरान सदर हवालात में उपनिरीक्षक तैनान करने का निर्देश दिया।
विज्ञापन


सदर हवालात इंचार्ज ने बताया कि अब 50 प्रतिशत बंदियों की रिमांड वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हो रही है। पहले रोज 100 बंदी कचहरी आते थे। अब 50 बंदी आते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


समन सेल की समीक्षा के दौरान पाया गया कि हवालात सदर के प्रभारी एचसीपी उमाशंकर की पोस्टिंग प्रभारी सम्मन सेल के रूप में हुई थी लेकिन उन्होंने अभी तक ज्वाइन नहीं किया है। एसएसपी ने एक उपनिरीक्षक को सम्मन सेल प्रभारी नियुक्त करने का आदेश दिया। पिछले माह 762 सम्मन न्यायालय से जारी हुए हैं।

नकी तामील व्यक्तिगत रूप से न कराकर सम्मन सेल के कर्मचारी संबंधित जिले के सम्मन सेल में रखकर चले आते हैं जो कि गलत है। इससे गवाहों की उपस्थिति न्यायालय में नहीं हो पाती है।

एसएसपी ने निर्देशित किया कि सम्मन की तामील बजाए खास कराकर गवाहों को सूचित कर उनकी उपस्थित न्यायालय में कराना सुनिश्चित करें। सिटी सर्किल के थाना कोतवाली में तैनात हेडमोहर्रिर रामवीर यादव को मालखाने का चार्ज, सिविल लाइन के हेडमोहर्रिर व मालखाना मोहर्रिर एचसीपी रामनरेश यादव को लेना था किंतु ढाई साल के बाद भी चार्ज नहीं लिया गया। इस पर एसएसपी ने एचसीपी रामनरेश का वेतन रोकने के आदेश दिए।

20 दिवस में चार्ज आदान-प्रदान करने को कहा। थाना इकदिल का चार्ज हेडमोहर्रिर सुशील कुमार को देना था, लेकिन उन्होंने चार्ज न देकर अपनी रवानगी वैदपुरा थाना में कर ली और गोष्ठी में भी अनुपस्थित रहे। उनका भी वेतन रोकते हुए एसएसपी ने जांच के आदेश दिए।

इसके अलावा मीटिंग में अनुपस्थित रहने पर हेड मोहर्रिर अमर बहादुर का वेतन रोकने व जांच के आदेश दिए। थाना भरथना में हेडमोहर्रिर जगमोहन बगैर चार्ज दिए जीआरपी झांसी परिक्षेत्र चले गए हैं। एसएसपी ने पुलिस अधीक्षक झांसी जीआरपी को पत्र लिखने के आदेश दिए।

इस मौके पर थाना बलरई के हेडमोहर्रिर रामनरायण गौतम ने बताया कि उनके पास पूरा चार्ज है लेकिन कारतूसों का चार्ज नहीं मिला है। पूर्व के हेड मोहर्रिर कृपाशंकर व मायाराम ने कारतूसों का चार्ज नहीं दिया था। एक कंप्यूटर भी गायब है। इस पर एसएसपी ने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।

थाना पछायगांव में एचसीपी ओमप्रकाश ने अभी तक आरक्षी रामबली से मालखाने का चार्ज नहीं लिया है। इस पर भी एसएसपी ने नाराजगी जताई। उन्होंने एचसीपी ओमप्रकाश व आरक्षी रामवली दोनों का वेतन रोकने का आदेश दिया।

थाना सैफई में मुख्य आरक्षी अरविंद को हेडमोहर्रिर बनाया गया था किंतु उन्होंने अभी तक ज्वाइन नहीं किया। उनका वतन रोकने का आदेश दिया। जिन थानों में हेडमोहर्रिर नियुक्त नहीं थे उन थानों में मोहर्रिर नियुक्त करने के निर्देश दिए गए। एचसीपी जसवंत सिंह थाना चकरनगर को थाना चकरनगर में ही हेड मोहर्रिर नियुक्त किया गया।

एसएसपी ने डग्गामार बस को सीज कराया
इटावा।
डग्गामारी पर अंकुश लगाने के लिए एसएसपी मंजिल सैनी ने खुद कमान संभाल ली है। सोमवार की शाम वह अपनी टीम के साथ अचानक शास्त्री चौराहे पर पहुंच गईं। शास्त्री चौराहे पर एक बस सवारियां भर रही थीं।

बस चालक रोड पर बस खड़ी सवारियां भर रहा था, जिससे वहां जाम लग गया। यह देख एसएसपी मंजिल सैनी को गुस्सा आ गया। उन्होंने तुरंत चौकी प्रभारी को तलब कर बस को सीज करने के आदेश दिए। पुलिस ने बस को सीज कर दिया। इस कार्रवाई से डग्गामारी करने वालों में हड़कंप मच गया।

पिछले काफी समय से डग्गामारी करने वाले वाहन संचालकों के हौसले काफी बुलंद हो गए थे। शासन प्रशासन के निर्देशों का उन पर कोई असर नहीं हो रहा था। डग्गामार वाहनों के खिलाफ कई बार अभियान चलाया गया लेकिन उस पर अंकुश नहीं लग सका। डग्गामारी करने वाले बस स्टेशन के पास से भी अपनी बसें भरने लगे थे।

पिछले दिनों रोडवेज बस स्टैंड तिराहे पर डग्गामार बस के संचालक ने एक रोडवेज बस से जबरन सवारियां उतार कर अपनी बस में बैठा लिया था। जब रोडवेज के परिचालक ने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई। विरोध में रोडवेज कर्मचारियों ने जाम लगाया लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 

कार्रवाई न होने से रोडवेज को भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। एसएससपी मंजिल सैनी ने पुलिस को डग्गामारी पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए थे लेकिन उनके निर्देशों पर अमल नहीं हुआ। उन्हें डग्गामारी होने की सूचना मिल रही थी। इसी को देखते हुए वह सोमवार की शाम को शास्त्री चौराहे पर पहुंच गईं ।


उस समय एक बस सवारियां भर रहीं थी। बस खड़ी होने के कारण वहां जाम की स्थिति पैदा हो गई। उन्होंने अपने साथ गए पुलिस कर्मियों से बस को पकड़वा लिया। चालक के पास से कागजात भी नहीं मिले । इस पर उन्होंने सिविल लाइन पुलिस को मौके पर बुलवाकर बस को सीज करने के निर्देश दिए। पुलिस ने बस को सीज कर दिया।

एसएसपी मंजिल सैनी ने कहा कि डग्गामारी करने वालों के खिलाफ सख्ती के साथ के साथ निपटा जाएगा। उन्होंने कहा के जिस क्षेत्र में डग्गामार वाहन सवारियां भरते पाए जाएंगे उस क्षेत्र के चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed