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डाक्टर हैं नहीं, स्वास्थ्य केंद्र निर्माण को हरी झंडी
ब्यूरो/ अमर उजाला, इटावा
Updated Sat, 04 Apr 2015 11:51 PM IST
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दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डाक्टरों के न होने से शोपीस बने हैं लेकिन
डाक्टरों की कमी पूरी करने की जगह यहां एक और पीएचसी के निर्माण को शासन ने
हरी झंडी दे दी है।
जिले के इस बीहड़ी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। यहां कोई भी डाक्टर टिकना नहीं चाहता। ग्राम राजपुर में उच्चीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित है।
यहां पर 9 चिकित्सकों के पद सृजित हैं लेकिन सिर्फ तीन उपलब्ध हैं। इसी प्रकार पिपरौली गढ़िया स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन चिकित्सक होने चाहिए, लेकिन एक भी डाक्टर तैनात नहीं है।
गढ़ाकास्दा गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वर्षों से किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं हुई है। लिहाजा इन स्वास्थ्य केंद्रों पर ताला लटकता रहता है। क्षेत्र के बीमार लोगों को या तो 40-50 किमी चलकर जिला अस्पताल आना पड़ता है या फिर किसी निजी क्लीनिक में इलाज करवाना पड़ता है।
डाक्टरों की इतनी किल्लत होने के बाद भी सरकार ने हनुमंतपुरा में एक नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को स्वीकृति प्रदान कर दी है। राष्ट्रीय लोकदल के मंडल महामंत्री एसएस परिहार आदि ग्रामीण इस प्रस्तावित स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को पहले उन स्वास्थ्य केंद्रों को शुरू करना चाहिए जो काफी समय से शोपीस बने हैं।
वहीं इस संबंध में राजपुर उच्चीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. सुशील कुमार ने बताया कि पिपरौली गढ़िया और गढ़ाकास्दा में कोई डाक्टर नहीं है। लेकिन वह खुल रहे हैं और दोनों जगह फार्मासिस्ट कार्य कर रहे हैं।
जिले के इस बीहड़ी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। यहां कोई भी डाक्टर टिकना नहीं चाहता। ग्राम राजपुर में उच्चीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित है।
यहां पर 9 चिकित्सकों के पद सृजित हैं लेकिन सिर्फ तीन उपलब्ध हैं। इसी प्रकार पिपरौली गढ़िया स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन चिकित्सक होने चाहिए, लेकिन एक भी डाक्टर तैनात नहीं है।
गढ़ाकास्दा गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वर्षों से किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं हुई है। लिहाजा इन स्वास्थ्य केंद्रों पर ताला लटकता रहता है। क्षेत्र के बीमार लोगों को या तो 40-50 किमी चलकर जिला अस्पताल आना पड़ता है या फिर किसी निजी क्लीनिक में इलाज करवाना पड़ता है।
डाक्टरों की इतनी किल्लत होने के बाद भी सरकार ने हनुमंतपुरा में एक नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को स्वीकृति प्रदान कर दी है। राष्ट्रीय लोकदल के मंडल महामंत्री एसएस परिहार आदि ग्रामीण इस प्रस्तावित स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को पहले उन स्वास्थ्य केंद्रों को शुरू करना चाहिए जो काफी समय से शोपीस बने हैं।
वहीं इस संबंध में राजपुर उच्चीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. सुशील कुमार ने बताया कि पिपरौली गढ़िया और गढ़ाकास्दा में कोई डाक्टर नहीं है। लेकिन वह खुल रहे हैं और दोनों जगह फार्मासिस्ट कार्य कर रहे हैं।