फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   no dap in samiti costly khad in shops

खाद की मारामारी, खूब हो रही कालाबाजारीद्घद्घद्घ

Tue, 08 Nov 2022 11:30 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 08 Nov 2022 11:30 PM IST
विज्ञापन
no dap in samiti costly khad in shops
इटावा। अधिकारी पर्याप्त खाद होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन समितियों पर डीएपी के लिए मारामारी चल रही है। मंगलवार को कई केंद्रों पर डीएपी का वितरण बंद रहने से किसान निजी दुकानों से महंगे दामों पर खाद लेते दिखे। दुकानदारों के कालाबाजारी करने की शिकायतें भी मिल रही हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में नवंबर में 36,200 मीट्रिक टन खाद की आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया है। इसके सापेक्ष 35,629 मीट्रिक टन खाद मिल चुकी है। इसमें से 10,911 मीट्रिक टन का वितरण भी कराने का दावा किया जा रहा है।
विज्ञापन

अभी 24,718 एमटी खाद बची होने का दावा किया जा रहा है। इसके बावजूद जिले के कई केंद्रों पर खाद की आपूर्ति समय से न हो पाने से निजी दुकान संचालक कालाबाजारी कर रहे हैं। 200 से 330 रुपये तक महंगी डीएपी की बोरी किसानों को दी जा रही है।
विज्ञापन

मंगलवार को शहर के मंडी समिति स्थित इफ्को के केंद्र पर डीएपी नहीं थी। किसान निराश लौट गए। केंद्र पर मिले इफ्को के सेल्स आफिसर आशीष यादव ने बताया कि सोमवार को ही खाद खत्म हुई है। उच्चाधिकारियों से बात करके 100 टन के आवंटन का प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द खाद मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ताखा में छह केंद्रों में से सिर्फ दो पर वितरण
ताखा। ब्लॉक क्षेत्र के छह किसान सेवा सहकारी समिति केंद्रों पर चार नवंबर को डीएपी खाद पहुंची, लेकिन एक दिन में ही खाद खत्म हो गई। दो केंद्र किसान सेवा सहकारी संघ ताखा और किसान सेवा सहकारी समिति खरगपुर सरैया पर सोमवार को डीएपी का वितरण कराया गया। भीड़ अधिक होने की वजह से करीब सौ किसानों को लौटना पड़ा। विशुनपुर निवासी किसान विद्याराम ने बताया कि वह एक बोरी ताखा चौराहे पर स्थिति निजी दुकान से 1600 रुपये में लेकर आए हैं। समिति पर खाद लेने कुछ लिए घंटों लाइन में लगना पड़ता है। उसके बाद भी खाद नहीं मिलती। (संवाद)
भरथना में तीन दिनों से नहीं स्टॉक
भरथना। भरथना सहकारी क्रय विक्रय समिति पर तीन दिन से डीएपी खाद नहीं होने से सन्नाटा पसरा है। मंगलवार को समिति परिसर पर मौजूद प्रभारी लखन किशोर ने बताया कि शनिवार से डीएपी खाद नहीं है। उच्चाधिकारियों को मांग भेजी गई है। दो दिन में डीएपी आने की संभावना है। इस दौरान डीएपी खाद लेने आए ऊमरसेंडा गांव के राजेश कुमार, कुसुना के ऋषि यादव ने बताया कि खेत में गेहूं की बुआई के लिए डीएपी की जरूरत है। समिति पर डीएपी नहीं होने से लौटना पड़ रहा है। (संवाद)
एक बीघा पर 25 किलो चाहिए, सिर्फ 14 किलो का वितरण
जसवंतनगर। मानक के अनुसार एक बीघा पर 14 किलो डीएपी दी जा रही है, जबकि किसान श्रीप्रकाश, शिवप्रकाश, सतीश कुमार, कल्याण सिंह, माखन सिंह का कहना है कि एक बीघा पर कम से कम 25 किलो डीएपी की आवश्यकता है। पूर्ति न हो पाने की वजह से 1,350 रुपये वाली बोरी बाहरी दुकानों से 1500 से 1600 रुपये तक में खरीद रहे हैं। किसान सेवा सहकारी समिति लिमिटेड जसवंतनगर केंद्र की सचिव प्रियंका यादव ने बताया कि किसानों की संख्या के हिसाब से आपूर्ति कम मिल पा रही है। आगे आपूर्ति बढ़ाने का आश्वासन दिया जा रहा है। (संवाद)

जिला कृषि अधिकारी कुलदीप राणा ने बताया कि खाद की कोई कमी नहीं है। केंद्रों से मांग होते ही पूर्ति की जा रही है। यदि निजी दुकानों पर अधिक दामों पर खाद बेची जा रही है तो उसकी जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed