{"_id":"6081a7a78ebc3ebcc5436c00","slug":"no-compulsion-healing-bridge-is-also-necessary-for-rescue-etawha-news-knp624863594","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोबाइल में फिर एक्टिव करें आरोग्य सेतु एप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोबाइल में फिर एक्टिव करें आरोग्य सेतु एप
विज्ञापन
फोटो संख्या 19- पंचायत चुनाव मतदान के उपरांत मत पेटियों के रखरखाव एवं सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्ष?
- फोटो : ETAWHA
कोरोना महामारी के दौरान पिछले साल आरोग्य सेतु एप के लांच होने के कुछ ही समय में करोड़ों लोगों ने इसे डाउनलोड कर लिया था। कोरोना से बचाव और खास जानकारी देने के लिए यह एप काफी कारगर है।
लेकिन कोरोना के केस कम होने पर लोगों ने एप पर ध्यान देना बंद कर दिया। कई लोगों के फोन से यह गायब हो चुका है, तो जिस किसी के फोन में अभी इंस्टॉल है तो अपडेट नहीं किया है। अब फिर से कोरोना के पैर पसारने से इस एप की उपयोगिता फिर से बढ़ गई है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.एनएस तोमर ने कहा कि आरोग्य सेतु एप कोरोना से बचाव के लिए सभी को डाउनलोड करना चाहिए। यह काफी मददगार है।
वैक्सीन लगवाने के लिए भी इस पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। बताया जनपद में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। गुरुवार को 191 नए संक्रमित आए हैं। ऐसे में सक्रिय केसों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन
आरोग्य सेतु एप लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे और जोखिम का आंकलन करने में मदद करता है। एंड्रॉयड और आईफोन दोनों तरह के स्मार्टफोन पर इसे डाउनलोड किया जा सकता है। यह खास एप आसपास मौजूद कोरोना पॉजिटिव लोगों के बारे में पता लगाने में मदद करता है।
आरोग्य सेतु एप को ब्लूटूथ और जीपीएस डेटा की जरूरत पड़ेगी। एप को काम करने के लिए इसकी अनुमति दें। आरोग्य सेतु कान्ट्रैक्ट ट्रेसिंग के लिए मोबाइल नंबर, ब्लूटूथ और लोकेशन डेटा का उपयोग करता है और बताता है कि आप कोरोना के दायरे में हैं या नहीं।
एप तभी काम करता है जब आप अपने मोबाइल नंबर को रजिस्टर्ड कर ओटीपी से वेरीफाई करते हैं। एक वैकल्पिक फार्म भी आता है। जो नाम, उम्र, पता, और पिछले 30 दिनों के दौरान विदेश यात्रा के बारे में पूछता है। आप इस फार्म को स्किप कर सकते हैं। हालांकि अगर आप जरूरत के समय में वॉलिंटियर यानी स्वयं सेवक बनने की इच्छा रखते हैं तो आपके पास खुद को इस में नामांकित करने का विकल्प है।
एप हरे और पीले रंग के कोड्स में आपके जोखिम के स्तर को दिखाता है। यह भी सुझाव देता है कि आपको क्या करना चाहिए।
अगर आपको ग्रीन में दिखाया जाता है तो बताया जाता है कि आप सुरक्षित हैं। पीले रंग में दिखने पर आसपास का क्षेत्र जोखिम स्थिति को दर्शाता है।
इस एप से कोरोना वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। समय और वैक्सीनेशन का स्थान लोग खुद तय कर सकते हैं।
विज्ञापन
लेकिन कोरोना के केस कम होने पर लोगों ने एप पर ध्यान देना बंद कर दिया। कई लोगों के फोन से यह गायब हो चुका है, तो जिस किसी के फोन में अभी इंस्टॉल है तो अपडेट नहीं किया है। अब फिर से कोरोना के पैर पसारने से इस एप की उपयोगिता फिर से बढ़ गई है।
विज्ञापन
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.एनएस तोमर ने कहा कि आरोग्य सेतु एप कोरोना से बचाव के लिए सभी को डाउनलोड करना चाहिए। यह काफी मददगार है।
वैक्सीन लगवाने के लिए भी इस पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। बताया जनपद में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। गुरुवार को 191 नए संक्रमित आए हैं। ऐसे में सक्रिय केसों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन
आरोग्य सेतु एप लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे और जोखिम का आंकलन करने में मदद करता है। एंड्रॉयड और आईफोन दोनों तरह के स्मार्टफोन पर इसे डाउनलोड किया जा सकता है। यह खास एप आसपास मौजूद कोरोना पॉजिटिव लोगों के बारे में पता लगाने में मदद करता है।
आरोग्य सेतु एप को ब्लूटूथ और जीपीएस डेटा की जरूरत पड़ेगी। एप को काम करने के लिए इसकी अनुमति दें। आरोग्य सेतु कान्ट्रैक्ट ट्रेसिंग के लिए मोबाइल नंबर, ब्लूटूथ और लोकेशन डेटा का उपयोग करता है और बताता है कि आप कोरोना के दायरे में हैं या नहीं।
एप तभी काम करता है जब आप अपने मोबाइल नंबर को रजिस्टर्ड कर ओटीपी से वेरीफाई करते हैं। एक वैकल्पिक फार्म भी आता है। जो नाम, उम्र, पता, और पिछले 30 दिनों के दौरान विदेश यात्रा के बारे में पूछता है। आप इस फार्म को स्किप कर सकते हैं। हालांकि अगर आप जरूरत के समय में वॉलिंटियर यानी स्वयं सेवक बनने की इच्छा रखते हैं तो आपके पास खुद को इस में नामांकित करने का विकल्प है।
एप हरे और पीले रंग के कोड्स में आपके जोखिम के स्तर को दिखाता है। यह भी सुझाव देता है कि आपको क्या करना चाहिए।
अगर आपको ग्रीन में दिखाया जाता है तो बताया जाता है कि आप सुरक्षित हैं। पीले रंग में दिखने पर आसपास का क्षेत्र जोखिम स्थिति को दर्शाता है।
इस एप से कोरोना वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। समय और वैक्सीनेशन का स्थान लोग खुद तय कर सकते हैं।