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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   No chairs, no tables... children in 421 schools are scripting their future while sitting on coarse mats.

Etawah News: कुर्सी न मेज... टाट-पट्टी पर 421 स्कूलों के बच्चे गढ़ रहे भविष्य की इबारत

Wed, 14 Oct 2026 11:34 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा Updated Wed, 14 Oct 2026 11:34 PM IST
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No chairs, no tables... children in 421 schools are scripting their future while sitting on coarse mats.
फोटो 32::शहर के कांशीराम कॉलाेनी के प्राथमिक विद्यालय में जमीन पर टाट-पट्टी बिछाए बैठे बच्चे। स
इटावा। जिले के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के दावों के बीच बैठने की बुनियादी सुविधा का अभाव है। बड़े-बड़े दावों के बीच न तो कुर्सी और न मेज की व्यवस्था है। 421 परिषदीय विद्यालयों के बच्चे टाट-पट्टी या सीधे जमीन पर बैठकर भविष्य की इबारत गढ़ रहे हैं। नवंबर से सर्दी का सितम शुरू होने वाला है, लेकिन इन विद्यालयों में व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो सकी है। पिछले वर्ष इटावा कई बार प्रदेश के सबसे ठंडे जिलों में शामिल रहा था। ऐसे में फर्नीचर के अभाव में पढ़ने वाले बच्चों की मुश्किलें सर्दी बढ़ने के साथ और बढ़ सकती हैं।
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जिले में कुल 1236 प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें से 855 विद्यालयों में फर्नीचर उपलब्ध है, जबकि 381 विद्यालयों में बच्चों के बैठने का उचित इंतजाम नहीं है। इसी तरह 248 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में से 40 में फर्नीचर नहीं है। इस तरह प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को मिलाकर कुल 421 स्कूलों में बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कुछ विद्यालयों की पड़ताल करती ये रिपोर्ट...
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केस-एक

तीन कमरों में चल रहा स्कूल, शिक्षक भी एक

इटावा। नगर क्षेत्र में टीबी अस्पताल के पीछे स्थित कांशीराम कॉलोनी का प्राथमिक विद्यालय संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। विद्यालय में करीब 60 बच्चों का पंजीकरण है। कॉलोनी के कमरों में संचालित इस विद्यालय में बच्चों को बैठाने के लिए तीन कमरे हैं। इनमें दो कमरे एक साथ हैं, जबकि तीसरा कमरा करीब 40 मीटर की दूरी पर है। विद्यालय में फर्नीचर नहीं होने से सभी बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते हैं। वहीं, पूरे विद्यालय में केवल एक शिक्षक की तैनाती है। प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार ने बताया कि वह अकेले ही सभी कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाते हैं। विद्यालय में फर्नीचर उपलब्ध नहीं है। सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों को अच्छी शिक्षा देने का प्रयास किया जाता है। (संवाद)
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केस-दो

पुराना फर्नीचर टूटा, जमीन पर बैठ रहे बच्चे

चकरनगर। ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नदा में बुधवार सुबह करीब 11 बजे बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते नजर आए। विद्यालय में 13 छात्र पंजीकृत हैं। स्कूल में फर्नीचर न होने से बच्चों को परेशानी हो रही है। सहायक अध्यापक शिशिर दोहरे ने बताया कि विद्यालय का पुराना फर्नीचर टूट गया था। इसके बाद से बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ना पड़ रहा है। फर्नीचर की व्यवस्था कराने के लिए विभाग को लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक नया फर्नीचर उपलब्ध नहीं कराया गया है। (संवाद)

केस-तीन

कक्षा एक और दो के बच्चों को नहीं मिली बेंच-डेस्क

भरथना। क्षेत्र के गुरैया बरहो स्थित प्राथमिक विद्यालय में भी फर्नीचर की कमी है। यहां कक्षा एक और दो के बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है, जबकि अन्य कक्षाओं में फर्नीचर उपलब्ध है। विद्यालय में कुल 106 छात्र पंजीकृत हैं। प्रधानाध्यापक राजीव यादव ने बताया कि कक्षा एक और दो के बच्चों के लिए फर्नीचर उपलब्ध कराने को उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। फिलहाल कक्षा एक व दो के बच्चों को टाट-पट्टी पर बैठकर ही पढ़ाई करवानी पड़ रही है। (संवाद)


नहीं उठा बीएसए का फोन

परिषदीय स्कूलों में फर्नीचर के संबंध जानकारी के लिए जब बीएसए डॉ. राजेश कुमार का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। साथ ही इस संबंध में उनसे व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से भी पक्ष जानना चाहा, लेकिन उन्होंने उसका भी उत्तर नहीं दिया।

फोटो 32::शहर के कांशीराम कॉलाेनी के प्राथमिक विद्यालय में जमीन पर टाट-पट्टी बिछाए बैठे बच्चे। स

फोटो 32::शहर के कांशीराम कॉलाेनी के प्राथमिक विद्यालय में जमीन पर टाट-पट्टी बिछाए बैठे बच्चे। स

फोटो 32::शहर के कांशीराम कॉलाेनी के प्राथमिक विद्यालय में जमीन पर टाट-पट्टी बिछाए बैठे बच्चे। स

फोटो 32::शहर के कांशीराम कॉलाेनी के प्राथमिक विद्यालय में जमीन पर टाट-पट्टी बिछाए बैठे बच्चे। स

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