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‘निषादों की मांग जायज, आंदोलन का तरीका गलत’
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Sun, 14 Jun 2015 10:26 PM IST
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‘निषाद समाज की आरक्षण की मांग जायज है लेकिन आंदोलन का तरीका गलत था। आंदोलनकारियों पर प्रदेश सरकार के इशारे पर पुलिस ने बर्बरता दिखाई है।’
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यह बात मछलीशहर, जौनपुर के सांसद राम चरित्र निषाद ने कही। वह रविवार को शहर में पीडब्लूडी के गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में निषादों की संख्या काफी है लेकिन समाज की स्थिति ठीक नहीं हैं। नदियों में बालू ठेके भी माफिया को दिए जा रहे हैं जिससे उनका पालन-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है।
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उन्होंने कहा कि निषाद समाज की लड़ाई भाजपा लड़ेगी। प्रदेश के सभी जिलों मेें अखिलेश निषाद को श्रद्धांजलि देने के लिए शोकसभाएं होंगी। केंद्र की तरफ से निषाद समाज को आरक्षण दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने 2004 के लोकसभा चुनाव में निषाद समेत 18 जातियों को अनुसूचित जाति में लाने की घोषणा की थी लेकिन यूपीए कार्यकाल में वह नहीं करा सके। उन्होंने कहा कि इस बार वह प्रदेश सरकार की तरफ से सूची केंद्र को भेंजे तो केंद्र सरकार उस पर अमल करेगी।
श्री निषाद ने प्रदेश सरकार से मांग कि अखिलेश के परिजनों को 25 लाख रुपये दिए जाएं और परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में अखिलेश की सरकार में सिर्फ एक जाति विशेष के लोगों को ही नौकरी और पोस्टिंग दी जा रही है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष गोपाल मोहन शर्मा, विकास भदौरिया आदि मौजूद थे।
शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी
बकेवर (इटावा)। रविवार को जौनपुर सांसद मड़ैया दिलीपनगर पहुंचे और अखिलेश की मौत पर शोक जताया। उन्होंने अखिलेश के परिजनों से मुलाकात कर उनका दुख-दर्द भी बांटा। उन्होंने कहा कि अखिलेश निषाद की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। संवैधानिक और लोकतांत्रिक ढंग से निषाद समाज आरक्षण हासिल करने के लिए मुहिम चलाएगा।
परिजनों से मिलने के बाद वह अखिलेश निषाद की समाधि पर पहुंचे और यहां पुष्प अर्पित करके श्रद्धांजलि दी। वहां पर अपनी सांसद निधि से शहीद स्मारक बनवाने का एलान भी उन्होंने किया।
इस दौरान उनके साथ भाजपा सांसद गोपाल मोहन शर्मा, राजेंद्र गुप्ता, विकास भदौरिया, सावित्री कठेरिया, करन सिंह राजपूत, दिवारीलाल राजपूत, छविराम राजपूत, शैलेंद्र पाल, सुबोध मिश्रा, अनिल राजपूत, तुलसीराम राजपूत, देवीदयाल निषाद, रामकुमार निषाद, नरेंद्र बरूआ, दिनेश राजपूत मौजूद रहे।
अखिलेश को भाजपा ने बनाया मुद्दा
प्रदेश में निषादों की संख्या को देखते हुए भाजपा ने गोरखपुर में आंदोलन के दौरान पुलिस की गोली से मारे गए अखिलेश निषाद को मुद्दा बना दिया है।
इसके सहारे वह बसपा और सपा से निषादों को अपनी तरफ लाने की कोशिश कर रही है। इसी के मद्देनजर पहले गुरुवार को पार्टी नेताओं के साथ प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेई अखिलेश निषाद के पैतृक गांव मड़ैया दिलीपनगर पहुंचे थे। इसके बाद अब मछलीशहर, जौनपुर के सांसद राम चरित्र निषाद को यहां भेजा गया है।
तब डा. वाजपेयी ने कहा था कि भाजपा आंदोलन में गिरफ्तार किए गए लोगों के हक की लड़ाई लडे़गी। अब सांसद निषाद ने भी प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।