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हिलती छत के नीचे एनसीसी की क्लास

Tue, 08 Feb 2022 12:03 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 08 Feb 2022 12:03 AM IST
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NCC class under moving roof
जर्जर हालत में एनसीसी कार्यालय - फोटो : ETAWAH
इटावा। 2200 एनसीसी कैडेट्स और 40 अधिकारियों-कर्मचारियों की जिंदगी से जिला प्रशासन खिलवाड़ कर रहा है। जिस भवन में एनसीसी कार्यालय संचालित है, उसे पिछले वर्ष अगस्त में पीडब्ल्यूडी की तकनीकी टीम निष्प्रयोज्य घोषित कर चुकी है। भवन की दीवारों में दरारें और छत जर्जर है। हालत ये है कि ट्रेन निकलने पर दीवारें और छत हिलने लगती हैं। कार्यालय को दूसरे भवन में शिफ्ट करने के लिए जिला प्रशासन से लिखापढ़ी की जा चुकी है। एनसीसी के अधिकारी दो भवन में भी बता चुके हैं लेकिन जिला प्रशासन कार्यालय को शिफ्ट नहीं कर रहा है।
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इटावा के एनसीसी कार्यालय में इटावा के अलावा औरैया जिले के 22 स्कूलों के 2200 बच्चे प्रशिक्षण ले रहे हैं। बाबू आदित्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि एनसीसी कार्यालय भवन को तीन अगस्त 2021 को लोक निर्माण विभाग ने निषप्रयोज्य घोषित कर दिया था। तकनीकी टीम ने भवन ढहने की आशंका भी जताई थी। इसके बाद कई बार जिलाधिकारी से नए कार्यालय की मांग की जा चुकी है लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई है। शौचालय की दीवारों में दरारें हैं और उसमें दरवाजा तक नहीं है। यह जर्जर भवन किराये पर है।
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आदित्य ने बताया कि कार्यालय के पास में रेलवे लाइन है। ट्रेन गुजरने पर दीवारें और छत हिलने लगती हैं। इससे भवन ढहने का डर बना रहता है। कार्यालय में कर्नल रेंज के अधिकारी सहित 40 कर्मचारी काम करते हैं।
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आदित्य ने बताया कि इंजीनिरिंग कालेज विषरी महाविद्यालय और राजकीय महिला महाविद्यालय के छात्रावास में जगह है। प्रशासन से वहां कार्यालय शिफ्ट करने की भी मांग की जा चुकी है। वहां एनसीसी कार्यलय खुलने से बच्चों को अच्छी ट्रैनिंग मिल सकेगी।
महानिदेशक जता चुके हैं चिंता
महानिदेशक एनसीसी अतिविशिष्ट सेवा मेडल प्राप्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरबीर पाल सिंह ने पिछले वर्ष 10 दिसंबर में कार्यालय का निरीक्षण किया था। उन्होंने दूसरा भवन न मिलने पर कार्यालय बंद करने तक की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि यहां काम करना खतरे से खाली नहीं है। लेफ्टिनेंट जनरल के निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन का कोई अधिकारी नहीं आया है।

जिलाधिकारी से नहीं हो सकी थी मुलाकात
एनसीसी के कर्नल शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि वह कार्यालय की समस्या को लेकर नवंबर में जिलाधिकारी से मिलने गए थे, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो सकी थी। उन्होंने कहा कि लगभग डेढ़ घंटे तक इंतजार के बाद भी मुलाकात नहीं हो सकी थी। उन्होंने कहा कि एनसीसी कार्यालय का रख-रखाव और नया कार्यालय मुहैया कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

कार्यालय की दुर्दशा दिखाते बाबू आदित्य प्रताप सिंह

कार्यालय की दुर्दशा दिखाते बाबू आदित्य प्रताप सिंह- फोटो : ETAWAH

एनसीसी कार्यालय की दीवार में हुआ छेद

एनसीसी कार्यालय की दीवार में हुआ छेद- फोटो : ETAWAH

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