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मांग में प्रेमी के नाम का सिंदूर भरने पर की थी मां ने प्रियंका की हत्या
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इटावा। वैदपुरा थाना क्षेत्र के उमराई गांव में प्रेमी के नाम का सिंदूर लगाने पर मां निर्मला देवी ने बेटी प्रियंका की 28 अगस्त को गला घोटकर हत्या की थी। आत्महत्या दर्शाने के लिए शव फांसी पर लटकाया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की बात आने पर पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम ने बुधवार सुबह महिला को महोला जेल रोड रेलवे पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद जेल भेज दिया।
एसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह ने बुधवार को प्रियंका राजपूत की हत्या का खुलासा किया। बताया कि उमराई गांव निवासी रविबाबू ने डायल 112 पर 28 अगस्त को सूचना दी थी कि भतीजी प्रियंका ने छत के कुंडे से फांसी लगा ली। पुलिस ने मामले की जांच की। मृतका की मांग पर सिंदूर लगा हुआ था, जबकि वह अविवाहित थी। परिजनों से पूछताछ कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
मृतका के पिता अनिल कुमार की तहरीर पर कथित प्रेमी राज कुमार व अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। आरोप लगाया कि राज कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर प्रियंका की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी राज कुमार समेत प्रियंका की मां व बहन से पूछताछ की। राज कुमार ने हत्या करने की बात से इंकार किया।
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शक के आधार पर पुलिस व क्राइम ब्रांच टीम ने बुधवार सुबह प्रियंका की मां को गिरफ्तार कर पूछताछ की। मां निर्मला ने हत्या किए जाने की बात कबूल कर ली। प्रियंका की मांग भरी देखकर उसने हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
प्रियंका व राज कुमार के बीच करीब दो साल से प्रेम प्रसंग था। दोनों गांव समेत अन्य जगहों पर चोरी-छिपे मिलते थे। 28 अगस्त को जब प्रियंका की मां व बहन दवा लेने गई थी तो उसने मांग में सिंदूर लगा लिया था। इसी बीच उसकी मां व बहन घर आ गईं। मां ने प्रियंका से एतराज जताया। दोनों के बीच कहासुनी हुई। इसी दौरान मां ने प्रियंका को धक्का देकर बेड पर गिराने के बाद उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस से बचने के लिए शव को फांसी लगा लेने की अफवाह फैली दी और प्रेमी पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
प्रेम प्रसंग की जानकारी दोनों के परिजनों को थी। प्रियंका के परिजनों को उसका राज कुमार से मिलना नापसंद था। यह लोग अक्सर विरोध करते थे। परिजनों ने कई बार प्रियंका को समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। वह राज कुमार के नाम का सिंदूर लगाने और उससे ही शादी करने की बात कहती थी। इसी के चलते उसकी हत्या की गई।
सीओ सैफई साधुराम ने बताया कि जिस समय प्रियंका की हत्या हुई, उस वक्त राज कुमार गांव में कुछ लोगों के साथ बकरी चरा रहा था। यह बात राज कुमार ने पुलिस गिरफ्त में बताई। प्रियंका की मां ने बचने के लिए पुलिस को झूठी जानकारी दी। पुलिस ने पड़ोसियों से भी पूछताछ की। जानकारी हुई कि 28 अगस्त की शाम को जब मां-बेटी घर लौटीं तो उसके 20-25 मिनट बाद उनके रोने व चीखने की आवाजें आई थीं। इस शक पर पुलिस ने मां को गिरफ्तार कर पूछताछ की।
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एसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह ने बुधवार को प्रियंका राजपूत की हत्या का खुलासा किया। बताया कि उमराई गांव निवासी रविबाबू ने डायल 112 पर 28 अगस्त को सूचना दी थी कि भतीजी प्रियंका ने छत के कुंडे से फांसी लगा ली। पुलिस ने मामले की जांच की। मृतका की मांग पर सिंदूर लगा हुआ था, जबकि वह अविवाहित थी। परिजनों से पूछताछ कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
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मृतका के पिता अनिल कुमार की तहरीर पर कथित प्रेमी राज कुमार व अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। आरोप लगाया कि राज कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर प्रियंका की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी राज कुमार समेत प्रियंका की मां व बहन से पूछताछ की। राज कुमार ने हत्या करने की बात से इंकार किया।
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शक के आधार पर पुलिस व क्राइम ब्रांच टीम ने बुधवार सुबह प्रियंका की मां को गिरफ्तार कर पूछताछ की। मां निर्मला ने हत्या किए जाने की बात कबूल कर ली। प्रियंका की मांग भरी देखकर उसने हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
प्रियंका व राज कुमार के बीच करीब दो साल से प्रेम प्रसंग था। दोनों गांव समेत अन्य जगहों पर चोरी-छिपे मिलते थे। 28 अगस्त को जब प्रियंका की मां व बहन दवा लेने गई थी तो उसने मांग में सिंदूर लगा लिया था। इसी बीच उसकी मां व बहन घर आ गईं। मां ने प्रियंका से एतराज जताया। दोनों के बीच कहासुनी हुई। इसी दौरान मां ने प्रियंका को धक्का देकर बेड पर गिराने के बाद उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस से बचने के लिए शव को फांसी लगा लेने की अफवाह फैली दी और प्रेमी पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
प्रेम प्रसंग की जानकारी दोनों के परिजनों को थी। प्रियंका के परिजनों को उसका राज कुमार से मिलना नापसंद था। यह लोग अक्सर विरोध करते थे। परिजनों ने कई बार प्रियंका को समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। वह राज कुमार के नाम का सिंदूर लगाने और उससे ही शादी करने की बात कहती थी। इसी के चलते उसकी हत्या की गई।
सीओ सैफई साधुराम ने बताया कि जिस समय प्रियंका की हत्या हुई, उस वक्त राज कुमार गांव में कुछ लोगों के साथ बकरी चरा रहा था। यह बात राज कुमार ने पुलिस गिरफ्त में बताई। प्रियंका की मां ने बचने के लिए पुलिस को झूठी जानकारी दी। पुलिस ने पड़ोसियों से भी पूछताछ की। जानकारी हुई कि 28 अगस्त की शाम को जब मां-बेटी घर लौटीं तो उसके 20-25 मिनट बाद उनके रोने व चीखने की आवाजें आई थीं। इस शक पर पुलिस ने मां को गिरफ्तार कर पूछताछ की।