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डॉक्टर ने खींचा स्ट्रेचर, लिफ्ट मिली बंद
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mock drill
- फोटो : ETAWAH
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इटावा। ओमिक्रॉन के बढ़ते प्रकोप और कोरोना की संभावित तीसरी लहर की आशंका के बीच स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की पोल शुक्रवार को एलटू अस्पताल में हुई मॉकड्रिल में खुल गई। लखनऊ से आए अधिकारी के समक्ष न सिर्फ खामियां बल्कि लापरवाहियां भी देखने को मिलीं। ऐसा लग रहा था कि अस्पताल में नियुक्त स्टाफ मॉकड्रिल के लिए तैयार नहीं था या फिर ड्यूटी से नदारद था।
जिला संयुक्त अस्पताल परिसर स्थित 100 शय्या महिला विंग में एल-टू कोविड अस्पताल बनाया गया है। शुक्रवार को यहां व्यवस्थाओं को परखने के लिए मॉकड्रिल हुआ। लखनऊ से आए संयुक्त निदेशक डॉ. विकास सिंघल के सामने जैसे ही मॉकड्रिल शुरू हुआ, अव्यवस्थाएं सामने आ गईं। स्ट्रेचर खींचने के लिए वहां वार्ड ब्वॉय मौजूद नहीं था। मरीज आते ही सब एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे। बाद में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सादाब आलम ने खुद स्ट्रेचर खींचा। दूसरी मंजिल पर बनाए गए कोविड वार्ड तक पहुंचने के लिए लिफ्ट तक गए तो वह भी बंद मिली। आसपास ऑपरेटर भी नजर नहीं आया। मॉकड्रिल के दौरान कोविड अस्पताल के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. बीएल संजय, डॉ. अरुण, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके गुप्ता, डॉ. शांतनु निगम आदि मौजूद रहे।
मॉकड्रिल के दौरान मिलीं खामियों पर स्वास्थ्य अधिकारी बोलने से बचते रहे। एल-टू अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. बीएल संजय ने कहा कि कमी कुछ नहीं है। सब बढ़िया है। वार्ड ब्वॉय न होने पर कहा कि वार्ड आया थी, उनका भी वही काम होता है। लिफ्ट बंद होने के बारे में बताया ऑपरेटर नहीं है। शासन स्तर से नियुक्ति होनी है, अभी हुई नहीं है। ऑक्सीजन प्लांट से कितनी ऑक्सीजन बन रही है, बेड तक कितनी पहुंच रही है, इस पर बताया कि 97 प्रतिशत एअर ऑक्सीजन बन रही है, जो सभी बेडों तक पहुंच रही है। महामारी के दौरान लिक्विड ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने पर कहा कि जरूरत पर बाहर से मंगाई जाएगी। अभी इसकी जरूरत नहीं पड़ी है।
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जिला संयुक्त अस्पताल परिसर स्थित 100 शय्या महिला विंग में एल-टू कोविड अस्पताल बनाया गया है। शुक्रवार को यहां व्यवस्थाओं को परखने के लिए मॉकड्रिल हुआ। लखनऊ से आए संयुक्त निदेशक डॉ. विकास सिंघल के सामने जैसे ही मॉकड्रिल शुरू हुआ, अव्यवस्थाएं सामने आ गईं। स्ट्रेचर खींचने के लिए वहां वार्ड ब्वॉय मौजूद नहीं था। मरीज आते ही सब एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे। बाद में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सादाब आलम ने खुद स्ट्रेचर खींचा। दूसरी मंजिल पर बनाए गए कोविड वार्ड तक पहुंचने के लिए लिफ्ट तक गए तो वह भी बंद मिली। आसपास ऑपरेटर भी नजर नहीं आया। मॉकड्रिल के दौरान कोविड अस्पताल के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. बीएल संजय, डॉ. अरुण, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके गुप्ता, डॉ. शांतनु निगम आदि मौजूद रहे।
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मॉकड्रिल के दौरान मिलीं खामियों पर स्वास्थ्य अधिकारी बोलने से बचते रहे। एल-टू अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. बीएल संजय ने कहा कि कमी कुछ नहीं है। सब बढ़िया है। वार्ड ब्वॉय न होने पर कहा कि वार्ड आया थी, उनका भी वही काम होता है। लिफ्ट बंद होने के बारे में बताया ऑपरेटर नहीं है। शासन स्तर से नियुक्ति होनी है, अभी हुई नहीं है। ऑक्सीजन प्लांट से कितनी ऑक्सीजन बन रही है, बेड तक कितनी पहुंच रही है, इस पर बताया कि 97 प्रतिशत एअर ऑक्सीजन बन रही है, जो सभी बेडों तक पहुंच रही है। महामारी के दौरान लिक्विड ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने पर कहा कि जरूरत पर बाहर से मंगाई जाएगी। अभी इसकी जरूरत नहीं पड़ी है।
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