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Etawah News: मोबाइल की रील खराब कर रही लोगों की नींद
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इटावा। मोबाइल फोन पर रील देखने की आदत मानसिक समस्या बनती जा रही है। बच्चे और महिलाएं सबसे ज्यादा इसकी चपेट में आ रहे हैं। लगातार घंटों मोबाइल स्क्रीन देखने से लोगों में चिड़चिड़ापन, एकाग्रता में कमी, याददाश्त कमजोर होना, नींद न आना और बेचैनी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
जिला अस्पताल के मनोरोग विभाग में रोजाना आठ से 10 ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं जो मोबाइल की लत से जुड़ी मानसिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। मनोचिकित्सक डॉ. श्वेता यादव ने बताया कि रील जैसे छोटे-छोटे वीडियो दिमाग को बार-बार तेज उत्तेजना देते हैं, जिससे मस्तिष्क को इसकी आदत लग जाती है और सामान्य गतिविधियों में रुचि कम हो जाती है।
यही कारण है कि बच्चे पढ़ाई से दूर होते जा रहे हैं। वहीं महिलाएं पारिवारिक जिम्मेदारियों से कटाव महसूस करने लगी हैं। उनका कहना हैं कि अत्यधिक स्क्रीन टाइम से हार्मोनल असंतुलन भी होता है। इससे मूड स्विंग, गुस्सा और उदासी बढ़ती है। बच्चों में व्यवहार परिवर्तन, जिद्दीपन और अकेलापन देखा जा रहा है। वहीं, महिलाओं में थकान, सिरदर्द, आंखों में जलन और मानसिक तनाव की शिकायतें बढ़ रहीं हैं।
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मनोचिकित्सक के मुताबिक मोबाइल उपयोग का समय सीमित करें। सोने से कम से कम एक घंटे पहले मोबाइल का उपयोग बंद करें। इसके अलावा बच्चों को शांत रखने के लिए मोबाइल देना आदत न बनाएं। खाना खाते समय या परिवार के साथ बैठकर मोबाइल न चलाएं। थोड़ी सी जागरूकता मोबाइल की लत से छुटकारा दिला सकती है।
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जिला अस्पताल के मनोरोग विभाग में रोजाना आठ से 10 ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं जो मोबाइल की लत से जुड़ी मानसिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। मनोचिकित्सक डॉ. श्वेता यादव ने बताया कि रील जैसे छोटे-छोटे वीडियो दिमाग को बार-बार तेज उत्तेजना देते हैं, जिससे मस्तिष्क को इसकी आदत लग जाती है और सामान्य गतिविधियों में रुचि कम हो जाती है।
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यही कारण है कि बच्चे पढ़ाई से दूर होते जा रहे हैं। वहीं महिलाएं पारिवारिक जिम्मेदारियों से कटाव महसूस करने लगी हैं। उनका कहना हैं कि अत्यधिक स्क्रीन टाइम से हार्मोनल असंतुलन भी होता है। इससे मूड स्विंग, गुस्सा और उदासी बढ़ती है। बच्चों में व्यवहार परिवर्तन, जिद्दीपन और अकेलापन देखा जा रहा है। वहीं, महिलाओं में थकान, सिरदर्द, आंखों में जलन और मानसिक तनाव की शिकायतें बढ़ रहीं हैं।
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मनोचिकित्सक के मुताबिक मोबाइल उपयोग का समय सीमित करें। सोने से कम से कम एक घंटे पहले मोबाइल का उपयोग बंद करें। इसके अलावा बच्चों को शांत रखने के लिए मोबाइल देना आदत न बनाएं। खाना खाते समय या परिवार के साथ बैठकर मोबाइल न चलाएं। थोड़ी सी जागरूकता मोबाइल की लत से छुटकारा दिला सकती है।