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रेलवे ट्रैक पर पानी भरा, दो घंटे तक प्रभावित रहा रेल यातायात
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कस्बे के रेवले स्टेशन के पास माइनर उफनाने से पानी दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर भर गया। शताब्दी एक्सप्रेस व मालगाड़ी को काशन देकर 30 किलोमीटर की गति से निकाला गया।
माइनर की सफाई कराकर पुलिया के नीचे से पानी का बहाव सामान्य कराया गया। इस बीच करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा।
भरथना रेलवे स्टेशन के पश्चिमी छोर पर लगूर की मठिया के सामने रेलवे लाइन के नीचे से कंधेसी माइनर निकली है। रेलवे पुलिया के नीचे कंचरा फंसने से सोमवार सुबह छह बजे माइनर ओवरफ्लो होने से रेलवे लाइन पर पानी भर गया।
दिल्ली-हावड़ रेल मार्ग पर पानी भरने की सूचना पर रेलवे की टीम पहुंची और कॉशन लगाकर 30 किलोमीटर की रफ्तार से दिल्ली की ओर जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस व डाउन लाइन से मालगाड़ी निकाली गई।
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सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मुकेश कुमार भी कर्मचारी व जेसीबी लेकर पहुंच गए। जेसीबी से रेलवे ट्रैक के नीचे फंसा कचरा निकलवाया गया। इसके बाद पुलिया के नीचे से पानी का बहाव शुरू हुआ।
ट्रैक पर पानी भरने से करीब दो घंटे तक रेल यातायात प्रभावित रहा। स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि सुबह सात से 8:10 बजे तक कॉशन लगाया गया।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता ने बताया कि माइनर के साइफन में मलवा फंसने से पानी ओवरफ्लो हो गया था। साइफन की साफ सफाई कर दी गई है।
रेलवे स्टेशन के पश्चिमी आउटर पर रेलवे ट्रैक के नीचे से निकली कंधेसी माइनर के साइफन में करीब डेढ़ वर्ष पहले भी कूड़ा भर गया था।
तब भी माइनर ओवरफ्लो होने से पानी ट्रैक पर भर गया था। उस समय सिंचाई विभाग ने रेल लाइन के नीचे साइफन के पास पुलिया पर लोहे का जाल लगा दिया था। कुछ समय बाद लोहे की जाली गायब हो गई।
इससे फिर कूड़ा भर गया था। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि साइफन की नियमित सफाई कराई जाती है। इस समय गेहूं काटने के बाद अवशेष माइनर में डाला जा रहा है। यही कचरा साइफन में फंस गया था।
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माइनर की सफाई कराकर पुलिया के नीचे से पानी का बहाव सामान्य कराया गया। इस बीच करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा।
भरथना रेलवे स्टेशन के पश्चिमी छोर पर लगूर की मठिया के सामने रेलवे लाइन के नीचे से कंधेसी माइनर निकली है। रेलवे पुलिया के नीचे कंचरा फंसने से सोमवार सुबह छह बजे माइनर ओवरफ्लो होने से रेलवे लाइन पर पानी भर गया।
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दिल्ली-हावड़ रेल मार्ग पर पानी भरने की सूचना पर रेलवे की टीम पहुंची और कॉशन लगाकर 30 किलोमीटर की रफ्तार से दिल्ली की ओर जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस व डाउन लाइन से मालगाड़ी निकाली गई।
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सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मुकेश कुमार भी कर्मचारी व जेसीबी लेकर पहुंच गए। जेसीबी से रेलवे ट्रैक के नीचे फंसा कचरा निकलवाया गया। इसके बाद पुलिया के नीचे से पानी का बहाव शुरू हुआ।
ट्रैक पर पानी भरने से करीब दो घंटे तक रेल यातायात प्रभावित रहा। स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि सुबह सात से 8:10 बजे तक कॉशन लगाया गया।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता ने बताया कि माइनर के साइफन में मलवा फंसने से पानी ओवरफ्लो हो गया था। साइफन की साफ सफाई कर दी गई है।
रेलवे स्टेशन के पश्चिमी आउटर पर रेलवे ट्रैक के नीचे से निकली कंधेसी माइनर के साइफन में करीब डेढ़ वर्ष पहले भी कूड़ा भर गया था।
तब भी माइनर ओवरफ्लो होने से पानी ट्रैक पर भर गया था। उस समय सिंचाई विभाग ने रेल लाइन के नीचे साइफन के पास पुलिया पर लोहे का जाल लगा दिया था। कुछ समय बाद लोहे की जाली गायब हो गई।
इससे फिर कूड़ा भर गया था। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि साइफन की नियमित सफाई कराई जाती है। इस समय गेहूं काटने के बाद अवशेष माइनर में डाला जा रहा है। यही कचरा साइफन में फंस गया था।