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रिश्वत ले रहे मंडी निरीक्षक का वीडियो वायरल
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ऊसराहार। बिना गेटपास के नई मंडी से लहसुन की गाड़ी निकालने को लेकर व्यापारी से रिश्वत लेते मंडी निरीक्षक का वीडियो वायरल हुआ है। इससे पहले भी मंडी निरीक्षक को मंडी गेट पर अनियमितताओं के मामले में दो माह पहले पकड़ा गया था, लेकिन कार्रवाई न होने से मंडी निरीक्षक लगातार बिना गेटपास के गाड़ी निकलवाता था। रिश्वत से परेशान व्यापारी ने साथी के संग निरीक्षक का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।
पांच मिनट 48 सेकेंड के वायरल वीडियो से हड़कंप मचा हुआ है। वीडियो में मंडी निरीक्षक तल्ख लफ्जों के साथ रिश्वत लेता नजर आ रहा है। वीडियो चार दिन पुराना बताया गया।
वीडियो में है कि ऊसराहार का व्यापारी आमीन खां एक स्कूटी से मंडी गेट पर जाता है। व्यापारी का आरोप है कि मंडी निरीक्षक सोगेंद्र सिंह यादव को उसने लहसुन की गाड़ी निकालने के लिए 600 रुपये दिए, लेकिन मंडी निरीक्षक 1200 रुपये की मांग करता है। व्यापारी जब उसके पैर छूता है तो निरीक्षक 1000 रुपये लेता है जिसके बाद व्यापारी चला जाता है। आरोप है कि मंडी निरीक्षक बिना रिश्वत लिए गेट से गाड़ी निकलने नहीं देता और रिश्वत मिलने पर बिना गेटपास के ही गाड़ी को निकाल देता है। इसी से तंग आकर व्यापारी ने अपने साथी के संग यह वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इस संबंध में जब मंडी निरीक्षक सोगेंद्र सिंह यादव से बात की गई तो उसने कहा कि वीडियो कब बन गया, पता ही नहीं है।
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बोले निदेशक, होगी कठोर कार्रवाई
मंडी सचिव अनिल कुमार ने बताया कि वीडियो अभी उन्होंने नहीं देखा है, यदि सही में रिश्वत ली जा रही है तो मंडी निरीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई जरूर की जाएगी।
एक मामले में पाया जा चुका है दोषी
सोगेंद्र सिंह पिछले 10 साल से इटावा मंडी में जमा हुआ है और पहले भी अनियमितताओं में पकड़ा जा चुका है। वह इटावा मंडी में पिछले 2010 से तैनात है। पहले यह मंडी सहायक के पद पर तैनात था और नवंबर माह में प्रमोशन पाकर मंडी निरीक्षक बन गया। दो माह पहले ही निदेशक अजीत कुमार ने इटावा मंडी गेट पर भारी अनियमितता पाई थी। मंडी समिति निदेशक अजीत कुमार ने बताया कि दो माह पहले जो जांच की गई थी उसमें सोगेंद्र भी दोषी पाया गया है और उसके विरुद्ध चार्जशीट जारी की गई है। वीडियो सच्चा है तो कार्रवाई होगी।
रिश्वत देने के लिए मजबूर करता था मंडी निरीक्षक
व्यापारियों का आरोप है कि मंडी निरीक्षक व्यापारियों को रिश्वत देने पर मजबूर करता है। पीड़ित व्यापारी आमीन खां का आरोप है कि वह मंडी में तीन से चार हजार रुपये प्रति कुंतल के भाव में लहसुन खरीदते हैं। जब मंडी निरीक्षक के पास गेटपास बनवाने के लिए जाओ वह सात हजार रुपये प्रतिकुंतल की दर से गेटपास बनाने का दबाव बनाता है। इसलिए मजबूरन रिश्वत देनी पड़ी और वीडियो बनाना पड़ा। ऊसराहार के ही लहसुन आढ़ती प्रदीप कुमार का आरोप है कि मंडी से जब वह लहसुन लेकर आते हैं तो यही मंडी निरीक्षक मंडी भाव से ज्यादा भाव का गेटपास बनाने का दबाव बनाकर रुपये लेता है, उनसे भी इसी तरह पैसे ठगे गए हैं।
जिलाधिकारी से करेंगे शिकायत
इस संबंध में व्यापार मंडल अध्यक्ष अनंत प्रताप अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी सही काम करना चाहता है, लेकिन इस तरह के कुछ कर्मचारी जबरन भ्रष्टाचार को बढ़ावा देकर व्यापारियों का दोहन करते हैं। इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की जाएगी। ऊसराहार व्यापार मंडल अध्यक्ष अनिल कौशल ने कहा कि व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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पांच मिनट 48 सेकेंड के वायरल वीडियो से हड़कंप मचा हुआ है। वीडियो में मंडी निरीक्षक तल्ख लफ्जों के साथ रिश्वत लेता नजर आ रहा है। वीडियो चार दिन पुराना बताया गया।
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वीडियो में है कि ऊसराहार का व्यापारी आमीन खां एक स्कूटी से मंडी गेट पर जाता है। व्यापारी का आरोप है कि मंडी निरीक्षक सोगेंद्र सिंह यादव को उसने लहसुन की गाड़ी निकालने के लिए 600 रुपये दिए, लेकिन मंडी निरीक्षक 1200 रुपये की मांग करता है। व्यापारी जब उसके पैर छूता है तो निरीक्षक 1000 रुपये लेता है जिसके बाद व्यापारी चला जाता है। आरोप है कि मंडी निरीक्षक बिना रिश्वत लिए गेट से गाड़ी निकलने नहीं देता और रिश्वत मिलने पर बिना गेटपास के ही गाड़ी को निकाल देता है। इसी से तंग आकर व्यापारी ने अपने साथी के संग यह वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इस संबंध में जब मंडी निरीक्षक सोगेंद्र सिंह यादव से बात की गई तो उसने कहा कि वीडियो कब बन गया, पता ही नहीं है।
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बोले निदेशक, होगी कठोर कार्रवाई
मंडी सचिव अनिल कुमार ने बताया कि वीडियो अभी उन्होंने नहीं देखा है, यदि सही में रिश्वत ली जा रही है तो मंडी निरीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई जरूर की जाएगी।
एक मामले में पाया जा चुका है दोषी
सोगेंद्र सिंह पिछले 10 साल से इटावा मंडी में जमा हुआ है और पहले भी अनियमितताओं में पकड़ा जा चुका है। वह इटावा मंडी में पिछले 2010 से तैनात है। पहले यह मंडी सहायक के पद पर तैनात था और नवंबर माह में प्रमोशन पाकर मंडी निरीक्षक बन गया। दो माह पहले ही निदेशक अजीत कुमार ने इटावा मंडी गेट पर भारी अनियमितता पाई थी। मंडी समिति निदेशक अजीत कुमार ने बताया कि दो माह पहले जो जांच की गई थी उसमें सोगेंद्र भी दोषी पाया गया है और उसके विरुद्ध चार्जशीट जारी की गई है। वीडियो सच्चा है तो कार्रवाई होगी।
रिश्वत देने के लिए मजबूर करता था मंडी निरीक्षक
व्यापारियों का आरोप है कि मंडी निरीक्षक व्यापारियों को रिश्वत देने पर मजबूर करता है। पीड़ित व्यापारी आमीन खां का आरोप है कि वह मंडी में तीन से चार हजार रुपये प्रति कुंतल के भाव में लहसुन खरीदते हैं। जब मंडी निरीक्षक के पास गेटपास बनवाने के लिए जाओ वह सात हजार रुपये प्रतिकुंतल की दर से गेटपास बनाने का दबाव बनाता है। इसलिए मजबूरन रिश्वत देनी पड़ी और वीडियो बनाना पड़ा। ऊसराहार के ही लहसुन आढ़ती प्रदीप कुमार का आरोप है कि मंडी से जब वह लहसुन लेकर आते हैं तो यही मंडी निरीक्षक मंडी भाव से ज्यादा भाव का गेटपास बनाने का दबाव बनाकर रुपये लेता है, उनसे भी इसी तरह पैसे ठगे गए हैं।
जिलाधिकारी से करेंगे शिकायत
इस संबंध में व्यापार मंडल अध्यक्ष अनंत प्रताप अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी सही काम करना चाहता है, लेकिन इस तरह के कुछ कर्मचारी जबरन भ्रष्टाचार को बढ़ावा देकर व्यापारियों का दोहन करते हैं। इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की जाएगी। ऊसराहार व्यापार मंडल अध्यक्ष अनिल कौशल ने कहा कि व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।