{"_id":"576441534f1c1be53811ccb9","slug":"lion-safari-administration-keeping-eyes-on-female-lion-activitwes","type":"story","status":"publish","title_hn":"शेरनी की खास निगरानी कर रहा है सफारी प्रशासन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शेरनी की खास निगरानी कर रहा है सफारी प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
Updated Fri, 17 Jun 2016 11:58 PM IST
विज्ञापन
लायन सफारी में उछलकूद करता शेर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा सफारी पार्क में खुशहाली के दिन लाने के लिए सफारी प्रशासन ने एक बार फिर तैयारी शुरू कर दी है। जुलाई से सितंबर माह ब्रीडिंग के लिहाज से खास माना जाता है। माना जा रहा है कि अगले तीन माह में ब्रीडिंग में सफलता मिल जाएगी।
पशु चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार एशियांटिक बब्बर शेरों के प्रजनन के लिए जुलाई, अगस्त व सितंबर माह अति महत्वपूर्ण होते हैं। मई- जून माह की भीषण गर्मी के बाद जब जुलाई माह में बारिश के दौरान शेर-शेरनी के लिए सबसे सुहाना मौसम होता है। शेरों को कुनबा दिन के समय भी घूमने फिरने को निकलने लगता है। मौसम में ठंडक आने के साथ ही इस मौसम में शेरनी के शरीर में भी परिवर्तन होते हैं और वह शेर से मिलन के लिए तैयार हो जाती है।
ऐसे में शेरनी के गर्भवती होने की संभावना अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा रहती है। इसी आधार पर सफारी में ब्रीडिंग की तैयारी शुरू कर दी गई है। डाक्टरों की टीम शेर-शेरनी की गतिविधियों पर पल -पल नजर रखने लगे हैं। खासतौर से शेरनी के खाने पीने से लेकर उनके टहलने की स्थितियों पर भी नजर रखी जा रही है। कीपरों को उचित माहौल पैदा करने के लिए भी प्रशिक्षिण दिया गया है। शेर एवं शेरनी में किसी तरह का संक्रमण न होने पाए, इसके लिए आसपास स्वच्छता पर भी ध्यान रखा जा रहा है। सफारी में अतिरिक्त चिकित्सक के रूप में डा अमित को तैनात कर दिया गया है। जबकि डा. गौरव श्रीवास्तव व डा. अरविंद त्रिपाठी पहले से ही मौजूद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पशु चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार एशियांटिक बब्बर शेरों के प्रजनन के लिए जुलाई, अगस्त व सितंबर माह अति महत्वपूर्ण होते हैं। मई- जून माह की भीषण गर्मी के बाद जब जुलाई माह में बारिश के दौरान शेर-शेरनी के लिए सबसे सुहाना मौसम होता है। शेरों को कुनबा दिन के समय भी घूमने फिरने को निकलने लगता है। मौसम में ठंडक आने के साथ ही इस मौसम में शेरनी के शरीर में भी परिवर्तन होते हैं और वह शेर से मिलन के लिए तैयार हो जाती है।
विज्ञापन
ऐसे में शेरनी के गर्भवती होने की संभावना अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा रहती है। इसी आधार पर सफारी में ब्रीडिंग की तैयारी शुरू कर दी गई है। डाक्टरों की टीम शेर-शेरनी की गतिविधियों पर पल -पल नजर रखने लगे हैं। खासतौर से शेरनी के खाने पीने से लेकर उनके टहलने की स्थितियों पर भी नजर रखी जा रही है। कीपरों को उचित माहौल पैदा करने के लिए भी प्रशिक्षिण दिया गया है। शेर एवं शेरनी में किसी तरह का संक्रमण न होने पाए, इसके लिए आसपास स्वच्छता पर भी ध्यान रखा जा रहा है। सफारी में अतिरिक्त चिकित्सक के रूप में डा अमित को तैनात कर दिया गया है। जबकि डा. गौरव श्रीवास्तव व डा. अरविंद त्रिपाठी पहले से ही मौजूद हैं।
विज्ञापन