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बिजली की मारामारी फसलों पर पड रही भारी
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इटावा। बिजली कटौती के कारण जायद की फसलें सूखने लगी हैं। किसानों को टूकड़ों में दो से तीन घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इससे वह फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। नहरों में भी पानी नहीं आ रहा है। किसानों का कहना है कि दो-चार दिन में व्यवस्था न सुधरी तो फसलें चौपट हो जाएंगी।
जिले में बड़े रकबे में मक्का, मूंग, उर्द, खरबूजा और तरबूज आदि की फसलों की बुवाई की गई है। इस समय फसलों को पानी की आवश्यकता है, लेकिन बिजली न आने से सिंचाई नहीं हो पा रही है। तेज धूप होने से फसलें पूरी तरह कुम्हला गई हैं। किसानों ने कहा कि अगर तीन से चार घंटे लगातार बिजली मिल जाए तो भी कुछ काम चल जाए।
किसान राधारमण राजपूत निवासी जगमोहन पुरा ने बताया कि बिजली न आने से फसलों की सिंचाई नही हो पा रही है । रात दिन में दो से तीन घंटे ही बिजली मिल पा रही है। उसमें भी पूरे वोल्टेज न मिलने के कारण समर सेविल नही चल पा रहे है। उनका कहना है कि किसानों ने मंहगा बीज डालकर मक्का मूंग घुंइयां की फसल की बुबाई तो कर ली लेकिन पानी के अभाव में फसलें चौपट हो रही है । जिससे किसान काफी परेशान है। पानी के अभाव में फसलें सूख गई तो किसान पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा।
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किसान बृजेश उपाध्याय निवासी इकदिल ने बताया कि पहले किसानों के खेतों पर डीजल के इंजन लगे थे। जिससे किसान उससे सिंचाई कर लेते थे। हालांकि वह बहुत ही मंहगा पडता था लेकिन किसान सिंचाई कर अपनी फसल बचा लेते थे। लेकिन जल स्तर के गिरने से डीजल इंजनों ने पानी देना बंद कर दिया। लोगों ने समरसेबिल लगवा लिए, जिससे सिंचाई हो सके, लेकिन बिजली के न आने से सिंचाई नही हो पा रही है । पानी के अभाव में फसलें बर्बाद हो रही है।
किसान राधेश्याम निवासी देसरमऊ ने बताया कि उसे अपने खेत में मूंग की फसल बोई थीं। अब फसल को पानी की जरूरत है लेकिन बिजली के न आने से फसल सूखने लगी है यदि कुछ दिनों में बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो फसल सूखकर बबाद हो जाएगी।
किसान नीरज राजपूत निवासी मनियामऊ ने बताया कि इस समय फसलों को पानी की बहुत ही आवश्यकता है। नहरों में पानी नही आ रहा है । वैसे नहरों में पानी आने से किसान किसी तरह से सिंचाई कर लेते थे। वही अब बिजली की किल्ल्त के कारण सिचाई नही हो पा रही है जिस कारण से किसान काफी परेशान है। डीजल इंजनों से सिंचाई करना बहुत ही महंगा हो गया है। दो चार दिनों में बिजली व्यवस्था में सुधार नही हुआ तो फसलें पूरी तरह से चौपट हो जाएगी। जिससे किसानों को काफी दिक्क्तों का सामना करना पड़ सकता है।
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जिले में बड़े रकबे में मक्का, मूंग, उर्द, खरबूजा और तरबूज आदि की फसलों की बुवाई की गई है। इस समय फसलों को पानी की आवश्यकता है, लेकिन बिजली न आने से सिंचाई नहीं हो पा रही है। तेज धूप होने से फसलें पूरी तरह कुम्हला गई हैं। किसानों ने कहा कि अगर तीन से चार घंटे लगातार बिजली मिल जाए तो भी कुछ काम चल जाए।
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किसान राधारमण राजपूत निवासी जगमोहन पुरा ने बताया कि बिजली न आने से फसलों की सिंचाई नही हो पा रही है । रात दिन में दो से तीन घंटे ही बिजली मिल पा रही है। उसमें भी पूरे वोल्टेज न मिलने के कारण समर सेविल नही चल पा रहे है। उनका कहना है कि किसानों ने मंहगा बीज डालकर मक्का मूंग घुंइयां की फसल की बुबाई तो कर ली लेकिन पानी के अभाव में फसलें चौपट हो रही है । जिससे किसान काफी परेशान है। पानी के अभाव में फसलें सूख गई तो किसान पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा।
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किसान बृजेश उपाध्याय निवासी इकदिल ने बताया कि पहले किसानों के खेतों पर डीजल के इंजन लगे थे। जिससे किसान उससे सिंचाई कर लेते थे। हालांकि वह बहुत ही मंहगा पडता था लेकिन किसान सिंचाई कर अपनी फसल बचा लेते थे। लेकिन जल स्तर के गिरने से डीजल इंजनों ने पानी देना बंद कर दिया। लोगों ने समरसेबिल लगवा लिए, जिससे सिंचाई हो सके, लेकिन बिजली के न आने से सिंचाई नही हो पा रही है । पानी के अभाव में फसलें बर्बाद हो रही है।
किसान राधेश्याम निवासी देसरमऊ ने बताया कि उसे अपने खेत में मूंग की फसल बोई थीं। अब फसल को पानी की जरूरत है लेकिन बिजली के न आने से फसल सूखने लगी है यदि कुछ दिनों में बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो फसल सूखकर बबाद हो जाएगी।
किसान नीरज राजपूत निवासी मनियामऊ ने बताया कि इस समय फसलों को पानी की बहुत ही आवश्यकता है। नहरों में पानी नही आ रहा है । वैसे नहरों में पानी आने से किसान किसी तरह से सिंचाई कर लेते थे। वही अब बिजली की किल्ल्त के कारण सिचाई नही हो पा रही है जिस कारण से किसान काफी परेशान है। डीजल इंजनों से सिंचाई करना बहुत ही महंगा हो गया है। दो चार दिनों में बिजली व्यवस्था में सुधार नही हुआ तो फसलें पूरी तरह से चौपट हो जाएगी। जिससे किसानों को काफी दिक्क्तों का सामना करना पड़ सकता है।