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Etawah News: चंबल में रोजगार, पलायन रोकने को किसान नौजवान मंच की महापंचायत
Fri, 02 Oct 2026 11:16 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Fri, 02 Oct 2026 11:16 PM IST
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फोटो 34::::प्रेसवार्ता करते किसान नौजवान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र सिंह तोमर। संवाद
इटावा। चंबल घाटी में रोजगार के सीमित अवसरों से युवाओं का पलायन एक बड़ा मुद्दा है। किसान नौजवान मंच ने क्षेत्र के समग्र विकास की मांग उठाई है। मंच ने ‘भारत मिलाप जन जागरण महापंचायत’ आयोजित करने की घोषणा की है। महापंचायत में किसानों, युवाओं और स्थानीय लोगों से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएंगे।
किसान नौजवान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर रविंद्र सिंह तोमर ‘भिंडौसा’ भी इसमें शामिल होंगे। मंच ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान से जुड़े चंबल क्षेत्र को मिलाकर ‘चंबल प्रदेश’ बनाने की मांग की है। जिलाध्यक्ष क्षेत्रपाल सिंह ने बताया कि चंबल घाटी विकास में पिछड़ा क्षेत्र है। नदियों और प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर उद्योग स्थापित हों।
इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और पलायन रुकेगा। मंच ने चंबल, यमुना सहित अन्य नदियों के तटीय इलाकों में उद्योग लगाने की मांग की है। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार योजनाएं बनाने पर जोर दिया गया है। विकास और पर्यावरण संरक्षण में संतुलन जरूरी है।
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इसे एक इकाई मानकर विकास योजनाएं बनाने से क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा। महापंचायत में किसानों के साथ सरकारी कर्मचारियों के मुद्दे भी उठेंगे। मंच ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग का समर्थन किया है। गरीबी हटाने, रोजगार बढ़ाने और पलायन रोकने पर भी जोर दिया जाएगा। संवाद
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किसान नौजवान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर रविंद्र सिंह तोमर ‘भिंडौसा’ भी इसमें शामिल होंगे। मंच ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान से जुड़े चंबल क्षेत्र को मिलाकर ‘चंबल प्रदेश’ बनाने की मांग की है। जिलाध्यक्ष क्षेत्रपाल सिंह ने बताया कि चंबल घाटी विकास में पिछड़ा क्षेत्र है। नदियों और प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर उद्योग स्थापित हों।
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इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और पलायन रुकेगा। मंच ने चंबल, यमुना सहित अन्य नदियों के तटीय इलाकों में उद्योग लगाने की मांग की है। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार योजनाएं बनाने पर जोर दिया गया है। विकास और पर्यावरण संरक्षण में संतुलन जरूरी है।
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इसे एक इकाई मानकर विकास योजनाएं बनाने से क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा। महापंचायत में किसानों के साथ सरकारी कर्मचारियों के मुद्दे भी उठेंगे। मंच ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग का समर्थन किया है। गरीबी हटाने, रोजगार बढ़ाने और पलायन रोकने पर भी जोर दिया जाएगा। संवाद